'मद्रास कैफ़े' को हरी झंडी, लेकिन तमिलनाडु में नहीं होगी रिलीज़

अभिनेता और निर्माता जॉन अब्राहम की फ़िल्म 'मद्रास कैफ़े' के तमिल संस्करण को गुरुवार को सेंसर बोर्ड ने यूए सर्टिफ़िकेट के साथ रिलीज़ करने की अनुमति दे दी. इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने भी फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

फ़िल्म 23 अगस्त को पूरे भारत में प्रदर्शित हो रही है लेकिन तमिलनाडु में इसका विरोध किया जा रहा है. इसी वजह से राज्य के सिनेमाघरों ने सुरक्षा कारणों से फिलहाल इसे नहीं दिखाने का फैसला लिया है. सिनेमाघर मालिकों का कहना है कि जब-तक उन्हें सरकार की तरफ़ से सुरक्षा का पूरा आश्वासन नहीं मिल जाता वो फिल्म नहीं दिखाएंगे.

एमडीएमके नेता वाइको के अलावा एक और संगठन का आरोप है कि फ़िल्म में एलटीटीई का ग़लत तरीके से चित्रण किया गया है.

हालांकि बीबीसी से ख़ास बात करते हुए 'मद्रास कैफ़े' के निर्देशक शूजित सरकार ने इऩ तमाम आरोपों का खंडन किया है.

'संतुलित है फ़िल्म'

Image caption फ़िल्म के निर्देशक शूजित सरकार ने इस बात से इनकार किया कि फ़िल्म में किसी एक पक्ष को नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है.

शूजित ने कहा, "मैंने छह साल तक इस फ़िल्म के विषय पर इतनी रिसर्च सिर्फ़ इसलिए की ताकि मैं चीज़ों को संतुलित तरीके से दिखा सकूं. शक़ करना बेकार है."

शूजित ने ये तो माना कि उन्होंने फ़िल्म में श्रीलंकाई सेना और एलटीटीई के बीच के संघर्ष को दिखाया है. साथ ही भारत की भेजी गई शांति सेना को भी फ़िल्म में दर्शाया है और एलटीटीई के पहलू को भी फ़िल्म में जगह दी है लेकिन उन्होंने इस बात से साफ़ इनकार कर दिया कि फ़िल्म किसी एक पक्ष को नकारात्मक रूप से पेश करती है.

वो कहते हैं, "मैंने फ़िल्म में किसी की साइड नहीं ली है. पहली बार भारत में किसी ने बिलकुल असल घटनाओं पर इस तरह की कोई फ़िल्म बनाई है."

Image caption नरगिस फ़करी ने फ़िल्म में पत्रकार का किरदार निभाया है.

शूजित ने बताया कि फ़िल्म में असल जीवन की घटनाओं के संदर्भ लिए गए हैं लेकिन मूल कहानी फ़िक्शनल है.

शूजित बोले, "मैं फ़िल्मकार हूं. सभी लोगों की संवेदनाओं से वाक़िफ हूं. यक़ीन जानिए हमने संतुलित फ़िल्म बनाई है. बिना इसे देखे किसी निष्कर्ष पर ना पहुंचा जाए. इसे देखिए. उसके बाद मैं हर बहस के लिए तैयार हूं."

जॉन की अपील

उधर जॉन अब्राहम ने भी चेन्नई के फ़िल्म प्रेमियों से अपील की है कि उनकी फ़िल्म को समर्थन दें.

'मद्रास कैफ़े' 80 और 90 के दशक की घटनाओं पर आधारित है जिस दौरान श्रीलंका गृहयुद्ध से गुज़र रहा था.

जॉन अब्राहम ने कहा, "मैं लोगों से अपील करता हूं कि मद्रास कैफ़े को सपोर्ट करें. हमने इसे बहुत दिल लगाकर बनाया है और इससे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी.

शूजित सरकार निर्देशित इस फ़िल्म में नरगिस फ़करी की भी अहम भूमिका है. वो फ़िल्म में एक पत्रकार की भूमिका निभा रही हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार