अब प्रचार का ज़रिया 'गोविंदा'

  • 29 अगस्त 2013
जन्माष्टमी

कृष्ण के जन्मदिन को पूरे भारत में धूम-धाम से मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में कृष्ण जन्माष्टमी का असली मज़ा अगले दिन होता है. इसे गोविंदा का दिन कहते हैं.

मुंबई में कई गोविंदा मंडल बने हुए हैं. कृष्ण के ये भक्त उन की ही तरह दही-माखन के शौक़ीन हैं और इस शौक को पूरा करने के लिए हर साल 'दही-हांडी फोड़' प्रतियोगिता में हिस्सा लेते है.

दही की हांडी को करीब 40 फीट या उस से ज़्यादा ऊंचाई पर बांधा जाता है. फिर गोविंदाओं की टोली उसे फोड़ने के लिए पिरामिड का आकार बनाती है.

एक के ऊपर एक जोश भरे गोविंदा चढ़ते हैं और इस हांडी को तोड़ जश्न मनाते हैं.

'2 महीने पहले से अभ्यास'

मुंबई के दादर में रहने वाले 25 साल के कुमार पेंढणेकर बताते हैं, 'मैं 2 साल की उम्र से हांडी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा हूँ. बचपन में मैं पिरामिड के सबसे ऊपर चढ़ हांडी फोड़ता था. हमारा 'साईं सेवा मंडल' 1987 में बना और तब से हर साल हम जन्माष्टमी पर हांडी फोड़ते आ रहे हैं.'

कुमार पेशे से शारीरिक प्रशिक्षक हैं. वे इस साल दही-हांडी फोड़ने के दौरान सबसे नीचे खड़े होंगे.

कुमार कहते हैं कि इस खेल का शौक फ्लैट और बंगले वालों की बजाय चॉल में रहने वाले लोगों में ज़्यादा है. ऐसा इसलिए क्योंकि चॉल के लोगों में एकता और हमेशा साथ रहने की भावना बचपन से ही डाली जाती है.

गोविंदा की एक टीम में 150 से 200 सदस्य शामिल होते हैं. हांडी फोड़ने का अभ्यास जन्माष्टमी के 2 महीने पहले शुरू हो जाता है.

राजनीतिक प्रचार का ज़रिया

इन गोविंदाओं को प्रशिक्षण देने के लिए हर टीम में एक कोच भी होता है.

कुमार बताते हैं, "हम सब अपने अपने कामों से फारिग होकर अभ्यास के लिए हर रात 11 बजे के बाद मिलते थे. मुंबई में दही हांडी फोड़ने की प्रैक्टिस रात में ही की जाती है."

मुंबई में हर इलाके में गोविंदा मंडप लगाए जाते हैं. इन इलाकों के नेता दही-हांडी फोड़ने वाले गोविंदा मंडलों के प्रायोजक बन कर इन संघों को काफी पैसा देते हैं.

नेता अपने और अपनी पार्टी के प्रचार के लिए इन मंडलों को हर साल नई टी-शर्ट मुहैया कराते हैं और साथ ही पूरी मुंबई घूमने के लिए गाड़ी, ट्रक, बैंड-बाजे का भी इंतज़ाम करते हैं.

कुमार अपने मंडल के बारे में बताते हैं, "हमने हमेशा आपस में चंदा जोड़कर ही गोविंदा में हिस्सा लिया है. कई राजनीतिक दल आते हैं अपने प्रचार के लिए लेकिन त्योहार पॉलिटिक्स के लिए नहीं है."

लाखों का इनाम और बॉलीवुड

Image caption दही हांडी तोड़ने वाले नन्हे गोविंदा.

हर साल ऊँची से ऊँची हांडी फोड़ने वाली टीम के लिए कई लाख के इनाम का ऐलान होता है.

दही-हांडी के दिन मुंबई में ऐसे कई प्रोग्राम होते हैं जहाँ बड़े इनाम के साथ इन गोविंदाओं का जोश बढ़ाने के लिए कई फिल्म स्टार शामिल होते हैं.

इस दिन शाहरुख़ खान, अर्जुन रामपाल, रोहित शेट्टी समेत बॉलीवुड की बड़ी हस्तियां जन्माष्टमी में हांडी फोड़ते नज़र आती हैं.

अपने दल के बारे में बताते हुए कुमार पेंढणेकर कहते हैं, "हम हांडी-फोड़ने में कई बार इनाम जीत चुके हैं लेकिन हम सिर्फ इनाम के लिए नहीं बल्कि इस त्योहार के महत्व को बढ़ाने के लिए हिस्सा लेते हैं."

मुंबई के विले पार्ले के एक एमएलए ने अपने यहां दही-हांडी जीतने वालों के लिए 11 लाख के इनाम का ऐलान किया है.

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