मेरी मुहब्बतें मेरी नाकामी की वजह नहीं: शाहिद

शाहिद कपूर

इन दिनों शाहिद कपूर अपनी आने वाली फ़िल्म 'फटा पोस्टर निकला हीरो' के प्रमोशन में लगे हैं.

लेकिन आज भी उनसे उनकी आने वाली फ़िल्म के बारे में पूछने से पहले ये पूछा जाता है कि क्या पिछले कुछ समय में मिली नाकामी की वजह उनके बहु-चर्चित प्रेम संबंध हैं?

बीबीसी से शाहिद ने कहा, ''मेरे जीवन में कोई संबंध हैं या नहीं हैं, उससे किसी पर क्या असर पड़ता है. मेरे निजी जीवन में अगर कोई उथल पुथल चल भी रही है तो उसे मैं फ़िल्म के सेट पर तो नहीं ले जा सकता. किसी फ़िल्म के सफल या असफल होने से मेरे अफेयर का क्या लेना देना है.''

वो कहते हैं, ''एक अभिनेता के जीवन में ऐसा कई बार होता है कि उसकी सफलता और असफलता के लोग कई कारण सोच लेते हैं. लोग ये सोच कर बैठ जाते हैं कि अरे शाहिद की एक अदद प्रेमिका ज़्यादा हो गई है इसलिए इसकी फिल्में नहीं चल रही हैं. लेकिन फ़िल्म तो एक निर्देशक बनता है. मैं या मेरी गर्लफ्रेंड नहीं. लेकिन लोग इसी तरह चीज़ों को देखते हैं. मैं किसी को कोई दोष नहीं दे रहा लेकिन मैं चीज़ों को वैसे नहीं देखता.’’

शाहिद चाहे कुछ भी कहें लेकिन हाल ही में ये भी सुनने में आया कि शाहिद और प्रियंका चोपड़ा फ़िल्म 'मिलन टॉकीज़' के सेट पर एक दूसरे से कतराते नज़र आए.

लेकिन शाहिद एक बार फिर इस बात को सिरे से नकारते हुए कहते हैं, ''अगर मीडिया वाले अपने अख़बार के पन्ने आठ से घटा कर तीन कर दें तो इस तरह की अफ़वाहें उड़ना अपने आप ही बंद हो जाएंगी.''

वक़्त-वक़्त की बात

शाहिद ने पिछले तीन साल में जो दो फ़िल्में की वो हैं 'मौसम' और 'तेरी मेरी कहानी' और दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली. तो इन फ़िल्मों की असफलता के पीछे क्या कोई ख़ास वजह देखते हैं शाहिद?

शाहिद कहते हैं, ''जब वक़्त सही चल रहा हो तो सब ठीक होता है और जब वक़्त ख़राब चल रहा हो तो आपका हर फैसला गलत साबित हो जाता है. ये फ़िल्म इंडस्ट्री की एक बहुत बड़ी सच्चाई है."

वो कहते हैं, "हां ये बात भी ज़रूर है कि इन दोनों ही फ़िल्मों में कोई न कोई कमी ज़रूर रही होगी तभी ये फ़िल्में दर्शकों को पसंद नहीं आई. लेकिन बस मुझे इस बात की ख़ुशी है कि कभी किसी ने ये नहीं कहा कि उन्हें मेरा काम अच्छा नहीं लगा.''

शाहिद ये भी मानते हैं कि वो सीख रहे हैं और भविष्य में कोशिश करेंगे कि वो सही फ़िल्मों का चुनाव करें.

'बढ़िया कॉमेडी'

शाहिद कहते हैं जब 'फटा पोस्टर निकला हीरो' फ़िल्म के निर्माता रमेश तुरानी उनके पास इस फ़िल्म का प्रस्ताव लेकर आए तो उन्होंने झट से हां कर दी.

इसमें शाहिद अपने रोल के बारे में कहते हैं, ''फ़िल्म में मेरे किरदार का नाम है विश्वास राव. मेरा जो किरदार है वो बचपन से ही एक अभिनेता बनने के सपने देखता है. वो चाहता है कि उसके बड़े बड़े पोस्टर लगें. लेकिन उसकी मां चाहती है कि वो एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर बने. फ़िल्म में बहुत बढ़िया कॉमेडी है.''

राजकुमार संतोषी ने इस फिल्म का निर्देशन किया है.

राजकुमार संतोषी 'अंदाज़ अपना अपना', 'घायल', 'घातक', 'दामिनी' और हाल फिलहाल में 'अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी' जैसी फ़िल्मों के लिए जाने जाते हैं.

संतोषी के बारे में शाहिद कहते हैं, ''अपने काम को लेकर राज जी में जो उत्साह है वो देखते हैं बनता है. उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर कमाल का है. जब राज जी ने हमें इस फ़िल्म की कहानी सुनाई थी तो हमारा हंसते-हंसते पेट दर्द हो गया था. मेरे साथ फ़िल्म की अभिनेत्री इलियाना डी क्रूज़ भी थी. हम सबका हंसने की वजह से बुरा हाल था.''

शाहिद तो यहां तक कहते हैं कि उन्होंने 'फटा पोस्टर निकला हीरो' में राजकुमार संतोषी की नक़ल उतारी है. वो कहते हैं, ''जैसा जैसा राज जी कहते गए मैं हूबहू वैसा वैसा करता चला गया.''

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