'बॉलीवुड' का रिक्शावाला

'बॉलीवुड' का रिक्शावाला
Image caption दीपक शेवाले पिछले 13 सालों से ऑटो चला रहे हैं.

दीपक शेवाले मुंबई के हज़ारों ऑटो रिक्शा चालकों में से एक हैं. लेकिन फिर भी उनमें कुछ ऐसा ख़ास है जो उन्हें बाकी रिक्शा चालकों से अलग बनाता है.

35 साल के दीपक पिछले 13 सालों से मुंबई की सड़कों पर ऑटो चला रहे हैं. लेकिन पिछले चार सालों में उन्होंने जो किया उसकी वजह से वो 'बॉलीवुड का रिक्शा वाला' कहलाने लगे. दरअसल उन्होंने अपने ऑटो को बिलकुल फ़िल्मी ऑटो की तरह सजाया है. इसकी प्रेरणा उन्हें कई बॉलीवुड फ़िल्मों से मिली.

फ़िल्म 'अकेला' में अमिताभ बच्चन जिस तरह से अपनी कार को सजाकर रखते हैं और उसे 'रामप्यारी' नाम दिया. फ़िल्म 'मेला' में आमिर ख़ान, फ़िल्म 'कारवां' में जीतेंद्र जैसे कलाकारों के ट्रक जिस तरह से सजावट से भरपूर होते हैं वैसे ही दीपक ने अपने ऑटो की सजावट में पूरा ध्यान दिया है.

सुविधा संपन्न ऑटो

Image caption दीपक के ऑटो में अख़बार, फर्ट् एड बॉक्स से लेकर पंखे तक की सुविधा है.

इस ऑटो में उन्होंने दो पंखे लगाए हैं. इसमें एक टेलीविज़न भी है जिसमें आप सफर करते हुए अपनी पसंदीदा फ़िल्में देख सकते हैं. रिक्शे में एक कैमरा भी है जिसके सहारे आस पास हो रही घटनाओं पर नज़र भी रखी जा सकती है.

इसमें फर्स्ट एड बॉक्स भी है जिसमें सरदर्द, सर्दी खांसी से लेकर मामूली चोट के लिए मरहम पट्टी का इंतज़ाम भी है. आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने के लिए अग्नि शमन (फायर इक्स्टिंगग्विशर) भी है.

कई भाषाओं के अख़बार भी वो अपने रिक्शे में रखना नहीं भूलते. इसके अलावा कई हैल्पलाइन नंबर भी हैं जैसे पुलिस, अस्पताल, महिलाओं और बच्चों संबंधी सुरक्षा हैल्प लाइन नंबर भी हैं.

रिक्शे में मोबाइल चार्जर की सुविधा भी है. ऑटो में पानी की सुविधा भी है.

सामान्य किराया

Image caption दीपक के ऑटो में सांप्रदायिक सद्भाव से लेकर ग्लोबल वॉर्मिंग तक के लिए संदेश लिखे हैं.

दीपक कहते हैं, "चार साल पहले जब मैंने ये सब शुरू किया था तो लोग मुझ पर हंसते थे. कहते थे इतना पैसा खर्च करने की क्या ज़रूरत है. लेकिन मैंने उनकी नहीं सुनी. आज जो मेरे रिक्शे में बैठता है वो मुझे कभी भूल नहीं पाता."

इतनी सुविधाएं देने के बाद भी दीपक का दावा है कि वो अपनी सवारियों से एक पैसा भी अतिरिक्त चार्ज नहीं करते. दीपक दिन भर में क़रीब 800 रुपए ही कमा पाते हैं लेकिन फिर वो अपने ऑटो की देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ते.

दीपक बताते हैं, "जब मेरे सजे हुए ऑटो को देखकर लोग पूछते हैं कि किराया कितना है तो मैं कहता हूं कि जो मीटर से बने वो देना. ये सुनकर सवारियां ख़ुश हो जाती हैं."

दीपक के ऑटो में सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देने वाली बातों से लेकर ग्लोबल वॉर्मिंग के ख़तरों के बारे में भी आगाह किया गया है.

Image caption दीपक आमिर ख़ान के प्रशंसक हैं और उन्हें अपने ऑटो में बैठाकर सैर कराना चाहते हैं.

कई टीवी कलाकार दीपक के रिक्शे में बैठकर सफर करते हैं. उन्होंने दीपक का नंबर भी ले रखा है, दीपक बताते हैं कि जब भी उनकी गाड़ी ख़राब होती है तो वो उन्हें ही फोन करते हैं.

आमिर ख़ान के फैन

दीपक फ़िल्में देखते हैं और उनके पसंदीदा सितारे हैं आमिर ख़ान.

दीपक कहते हैं, "आमिर, दूसरे हीरो की तरह एक साल में कई फ़िल्में नहीं करते. वो मन लगाकर साल में एक ही फ़िल्म करते हैं. उनकी तरह मैं भी दिल लगाकर काम करने में यक़ीन रखता हूं."

दीपक चाहते हैं कि आने वाले समय में वो अपने ऑटो में इंटरनेट और कूलर भी लगाना चाहते हैं.

दीपक की तमन्ना है कि वो आमिर ख़ान को अपने ऑटो मे बैठाकर सैर कराएं. आमिर की तरह दीपक भी मुंबई के बांद्रा इलाके में रहते हैं. फ़र्क ये है कि वो बांद्रा की एक निम्न मध्यमवर्गीय कॉलोनी में रहते हैं.

दीपक बताते हैं कि उनके ऑटो को देखकर कई यात्री ने उनका नंबर मांगते रहते हैं. इस वजह से अब उन्होंने अपना विज़िटिंग कार्ड भी बनवा लिया है.

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