हम दोनों भाई माफ़िया हैं: अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

दोनों ताल्लुक़ रखते हैं एक ही परिवार से, दोनों की कर्मभूमि है फ़िल्म उद्योग लेकिन अंदाज़ एक दूसरे से बिल्कुल जुदा.

अनुराग कश्यप जहां हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में सिक्का जमा चुके है वही उनके छोटे भाई अभिनव कश्यप की कोशिश जारी है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या वो कभी अनुराग के स्टाइल की फ़िल्में बनाएँगे तो उनका कहना था, "जब अनुराग मसाला फ़िल्में बनाएगा तब मैं उसकी तरह की फ़िल्में बनाने की कोशिश करूंगा. हम दोनों भाई मिलकर राज करना चाहते हैं. हम दोनों माफ़िया हैं जो एक दूसरे के इलाक़े में ऑपरेट नहीं करते."

अभिनव कश्यप ने सलमान ख़ान के साथ दबंग से बॉलीवुड में अपनी पारी की शुरुआत की थी. उनकी दूसरी फ़िल्म बेशरम जल्द ही सिनेमा घरों में रिलीज़ होने वाली है जिसमें रणबीर कपूर पहली बार अपने माता पिता के साथ काम करते हुए नज़र आएंगे.

Image caption अभिनव कश्यप अपनी सफलता में भाई अनुराग का हाथ मानते हैं

सलमान और रणबीर

रणबीर और सलमान के बारे में अनुभव क्या सोचते हैं? अनुभव का कहना है कि, "दोनों बहुत ही अच्छे कलाकार है. सलमान सेट पर लेट आते हैं उनके साथ 12 बजे से पहले काम नहीं कर सकते. कभी कभी तो तीन भी बज जाते थे. सलमान शाम को काम करना पसंद करते हैं. रणबीर वक़्त के पाबंद हैं.

''सलमान अपने हिसाब से काम करते है. हमें पता नहीं होता कि वो क्या करने वाले है. जब कर लेते हैं तो हमें उस हिसाब से एडजस्ट करना पड़ता है. रणबीर सतर्कतापूर्वक काम करते है. पूरी प्लानिंग बता के रिहर्सल करते हैं.''

अनुभव कहते हैं, "मेरा सलमान के साथ कोई रिश्ता नही है. ना कोई झगड़ा ना कोई दोस्ती है. दोस्ती तो कभी थी ही नहीं. दबंग के समय मैंने पेशेवर तरीक़े से काम किया है. मेरा रिश्ता अरबाज़ के साथ था."

वो कहते हैं, ''जब मैं दबंग-2 से बाहर आया तब से मैं सलमान से मिला नहीं हूँ. अरबाज़ से मेरा फ़ॉर्मल रिलेशनशिप है. वो मेरे वरिष्ठ हैं. आख़िरी बात उनसे एसएमएस के ज़रिए हुई थी दबंग-2 की रिलीज़ के बाद. मैंने उन्हें बधाई दी थी और उन्होंने धन्यवाद कहा था.''

अनुराग के साथ रिश्ता

अपने भाई अनुराग कश्यप के बारे में पूछने पर अभिनव कहते हैं, ''वो मेरे बड़े भाई हैं और मेरे गुरूजी भी हैं. उन्होंने बेशरम का प्रोमो देखा और उन्हें वो बड़ा बेहूदा पर आत्मविश्वासी लगा. आज मेरी जो भी पहचान है उसमें अनुराग का बहुत बड़ा हाथ है."

वो अनुराग के बारे में बताते हैं, ''जब कोई उनसे मेरे बारे में पूछता है तो वो भी बड़ा खुश होता है. जब वो गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के प्रमोशन के लिए गया था तब लोगो ने उसे दबंग का निर्देशक समझ लिया था. तब उसने मुझे फ़ोन किया और कहा तूने एक फ़िल्म में ही छक्का मार लिया है. मैंने 10 फ़िल्में की है लेकिन मुझे कोई नहीं पहचानता."

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