25 साल की हुईं बेवॉच की जलपरियाँ

भारत में सेटेलाइट टेलीविजन की शुरुआत होने के साथ ही छोटे पर्दे पर बेवॉच की इठलाती, बलखाती जलपरियों को देखकर आम भारतीयों के दिलों की धड़कनें बढ़ गई थीं.

दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले टीवी शो बेवॉच ने अपने प्रसारण के 25 साल पूरे कर लिए हैं.

बेवॉच का पहला एपिसोड 22 सितंबर 1989 को प्रसारित हुआ था और जल्द ही इस शो का प्रसारण 148 देशों में और 44 भाषाओं में किया जाने लगा. लेकिन कामयाबी के हर सफर की तरह बेवॉच का सफर भी आसान नहीं था.

इस टीवी शो के कार्यकारी निर्माता माइकेल बर्क ने बीबीसी के साथ एक खास बातचीत में बताया कि, "हम लोग बीच पर गए और यह जानने की कोशिश की कि हम कैसा शो तैयार कर सकते हैं."

वह आगे कहते हैं, "हमने देखा कि नाव पानी को चीरती हुई आ जा रही है. तटों पर लाइफगार्ड्स अपने टावर से निगरानी कर रहे हैं और गश्त लगा रहे हैं. वो लोगों को बचा रहे हैं. अमरीकी लोग चारों ओर से घेरा बनाकर अपने नायकों को देख रहे हैं. जिंदगी और मौत के हालात. आखिर इससे पहले किसी का इस ओर ध्यान क्यों नहीं गया."

लाइफ गार्ड्स बने हीरो

इस तरह बेवॉच की शुरुआत हुई. यह शो कैलीफ़ोर्निया के समुद्र तटों पर गश्त लगाने वाले लॉस एंजेल्स काउंटी लाइफगार्ड्स के बारे में था.

माइकल बर्क और डगलस श्वार्ट्ज ने इन लाइफ गार्ड्स को केन्द्र में रखकर पहले एक टीवी फिल्म तैयार करने का फैसला किया.

माइकल बर्क बताते हैं कि "लाइफ गार्ड्स के बचाव कार्य लगभग एक ही तरह के होते हैं, इसलिए हमने इस शो के लिए एक म्यूजिक वीडियो तैयार करने का फैसला किया."

इसमें लाइफ गार्ड्स के एक्शन के दृश्य थे. समुद्र तट के लोग थे और इस सब दृश्यों को एक थीम सांग से साथ जोड़ दिया.

बीच वीडियो के आधार पर एक टेली फिल्म तैयार की गई, जिसका नाम बेवॉच पैनिक एट मालीबू पियर था. इसके लिए कलाकार के तौर पर शॉन वेदरले और पार्कर स्टीवेंशन को चुना गया.

इसे टीवी चैनल एनबीसी पर प्रसारित किया गया और यह उस सप्ताह सर्वाधिक रेटिंग वाली टीवी मूवी थी.

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संघर्ष का दौर

Image caption बेवॉच से पामेला एंडरसन को एक खास पहचान मिली.

इसके बाद टीवी फिल्म के आधार पर सीरियल तैयार करने का निर्णय लिया गया. पहला बेवॉच सीरियल 22 सितंबर 1989 को प्रसारित हुआ. इसकी लोकप्रियता काफी अधिक थी, लेकिन इसकी राह में कुछ बाधाएं भी आईं.

माइकल बताते हैं कि कुछ मतभेदों के चलते एनबीसी ने एक सत्र के बाद बेवॉच का प्रसारण रोकने का फैसला किया.

लेकिन इस सीरियल के निर्माता माइकल बर्क और डगलस श्वार्ट्ज को भरोसा था कि उनके आइडिया में काफी दम है.

उन्होंने सभी स्टूडियो से संपर्क किया और आखिरकार किसी स्टूडियो का सहारा नहीं मिलने पर उन्होंने अकेले ही आगे बढ़ने का फैसला किया.

माइकल बर्क बताते हैं कि, "मैंने और मेरे पार्टनर ने बेवॉच के अधिकार वापस 10 डॉलर में खरीद लिए और खुद इसका निर्माण करने का फैसला किया."

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कामयाबी का दास्तान

नए सत्र में पामेला एंडरसन और डेविड शेवरले थे और एक साल के अंदर यह दुनिया का सबसे अधिक लोकप्रिय शो बन गया.

किसी स्टूडियो का हस्तेक्षप नहीं होने के कारण टीम अपने विचारों पर काम करने के लिए स्वतंत्र थी. माइकेल के मुताबिक, "हमने वो किया जो हम करना चाहते थे."

इस दौरान बेवॉच में उड़नतस्तरी की घटना, पानी के भीतर हवाई जहाज की दुर्घटना, भूकंप और शार्क के हमलों से लेकर सीरियल कीलर को दिखाया गया. इस शो में ऐसी विषम परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने के दृश्य आम थे.

Image caption दुनिया में सबसे अधिक देखे गए शो के रूप में बेवॉच का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया.

दूसरे साल इस शो का नाम दुनिया में सबसे अधिक देखे गए टीवी शो के रूप में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया. एक पत्रिका ने इसे दुनिया का पहला शो बताया जिसे एक अरब लोग देखते थे.

माइकल के मुताबिक अमेजन के जंगलों में लोग जेनरेटर के जरिए बेवॉच देखते थे. दूसरी ओर कई अरब देशों में बेवॉच पर प्रतिबंध भी लगाए गए.

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नीले गगन के तले...

उन्होंने बताया कि "हमने बेवॉच की लोकप्रियता के कारणों को जानने के लिए कई अध्ययन कराए. ज्यादातर लोगों ने कहा कि उन्हें नीले आकाश, समुद्र और कैलीफोर्निया की जीवन शैली काफी पसंद है."

इस शो के एक जाने पहचाने दृश्य में लाइफ गार्ड्स स्लो मोशन में दौड़ते हुए दिखाई देते थे. इस बारे में माइकेल बर्क बताते हैं कि उनका एक साथी ओलंपिक की शूटिंग करके लौटा ही था और उसने ही यह आइडिया दिया.

उन्होंने आगे बताया कि, "हमने अपने पहले वीडियो में ऐसा किया. हमने एथलेटिक भावना के लिए लाइफ गार्ड्स को समुद्र तट पर दौड़ते हुए दिखाया, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा था कि जब महिलाएं स्लो मोशन में दौड़ेंगी तो यह इस शो की एक विशिष्ट पहचान बन जाएगा."

वह बताते हैं कि, "हमने कभी भी इस शो की सेक्स अपील पर जोर नहीं दिया. हम केवल अच्छी कहानियों पर फोकस कर रहे थे. यही वजह है कि यह कार्यक्रम इतने समय तक प्रसारित होता रहा."

बेवॉच का कथानक आमतौर पर समुद्र तट पर मौजूद जोखिमों और कैलीफोर्निया की समुद्र तटीय जीवन शैली की अन्य गतिविधियों से जुड़ा हुआ था.

(यह लेख बीबीसी के कार्यक्रम विटनेस पर आधारित है.)

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