राकेश रोशनः जब फ़िल्म बनाने के लिए गाड़ी तक गिरवी रखनी पड़ी

कृष 3

बड़े कैनवास वाली फ़िल्मों के लिए मशहूर फ़िल्मकार राकेश रोशन की फ़िल्में हमेशा किसी न किसी रूप में चर्चा में रहती हैं. आने वाली फ़िल्म 'कृष 3' अपने भारी भरकम बजट के लिए चर्चा में है.

कहा जा रहा है कि कृष 3 की अनुमानित लागत 80 करोड़ रुपए हैं. इसके अलावा 'कृष 3' के स्पेशल इफेक्ट्स वाले दृश्यों को फ़िल्माने के लिए हॉलीवुड से तकनीशियन और स्टंटमैन बुलाए गए.

मगर क्या आपको पता है कि आज इतनी महंगी और बेहद तामझाम वाली फ़िल्म बनाने वाले राकेश रोशन कभी मुफ़लिसी के उस दौर से भी गुज़र चुके हैं जब फ़िल्म बनाने के लिए उन्हें केवल ढाई लाख रुपयों में अपनी गाड़ी गिरवी रखनी पड़ी थी.

मुश्किलों का दौर

टी प्रकाश राव के निर्देशन में बनी 'घर घर की कहानी' में बतौर हीरो से शुरूआत करने वाले राकेश रोशन को जब हिंदी फ़िल्मों के कामयाब हीरो का रुतबा नहीं मिला तो उन्होंने फ़िल्म निर्माण में अपनी किस्मत आज़माने की सोची.

वे कहते हैं, "जब मैंने साल 1980 में 'आपके दीवाने' बनाई तो उसमें ऋषि कपूर थे. इसलिए कोई समस्या नहीं आई. दो साल बाद साल 1982 में जब 'कामचोर' बनाई तो बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा. इस फ़िल्म में मैं और जया प्रदा थे. और इसके निर्देशक थे के विश्वनाथ. मुझे एक गाना फ़िल्माने के लिए ऊटी जाना था. गाना था, 'तुझ संग प्रीत लगाई सजना'. मैं फ़िल्म में कोई समझौता नहीं करता था. अगर कहीं जाना है तो जाना है.तब मैंने अपनी गाड़ी गिरवी रखी और पैसे लेकर आया. गाड़ी गिरवी रखने के बदले मिले ढाई लाख रुपयों से शूटिंग की. जब पिक्चर रिलीज़ हो गई, तो मैंने अपनी गाड़ी छुड़ाई."

राकेश रोशन मानते हैं कि अगर भाग्य ज़रूरी है तो उसके साथ कर्तव्य करना भी निहायत ज़रूरी है.

अपने संघर्ष के बारे में वे बताते हैं, "मैं संघर्ष करता रहा, करता रहा. पहले हीरो बना, फ़िर विलेन की भूमिका की, फ़िर हास्य अभिनेता बना. साइड हीरो की भूमिका भी निभाई. मैं काम करता ही गया. "

अंडरवर्ल्ड की धमकी

राकेश रोशन के मुताबिक जब वो देखते हैं कि कोई अपने बारे में बढ़ा चढ़ा कर बोल रहा है तो उन्हें ये उस व्यक्ति का ओछापन लगता है.

अपनी कंपनी और मीडिया में चर्चा के बारे में उनका तर्क कुछ यूँ है, "मुझे मीडिया से कोई फर्क नहीं पड़ता. बड़ी से बड़ी पिक्चर बना रहा हूं. इतनी बड़ी कि इंडस्ट्री में कोई इतनी बड़ी पिक्चर नहीं बना सकता. यूट्यूब में हमें इतने हिट्स मिलें हैं जितने किसी अंग्रेज़ी फ़िल्म को भी नहीं मिले होंगे. तो इसका मतलब मेरे नाम में कुछ वज़न तो है. राकेश रोशन, ऋतिक रोशन, फ़िल्मक्राफ्ट अब जाना-पहचाना नाम हैं. लोग मेरी फ़िल्मों का इंतज़ार करते हैं.हम सात साल के बाद 'कृष 3' ला रहे हैं. फ़िर भी लोग इस फ़िल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. और इसी से एक फ़िल्ममेकर, एक्टर और कंपनी की ताकत का पता चलता है."

फ़िल्म निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन को फ़िल्म इंडस्ट्री में एक विनम्र निर्देशक की छवि प्राप्त है. मगर उन पर कभी रंगदारी वसूलने के सिलसिले में अंडरवर्ल्ड की गोलियां भी चल चुकी हैं. यही नहीं फ़ोन पर जान से मारने की धमकियां भी मिलती रही हैं.

राकेश कहते हैं कि वो हर शुक्रवार थिएटर में दिन के तीन बजे शो देखने जाते हैं और दायरा बहुत छोटा है. इसलिए अंडरवर्ल्ड सोचता होगा कि ये तो डरपोक है. डरा कर कोई भी काम करवा सकते हैं.

हमेशा ऋतिक ही क्यों?

सुपरहीरो थीम की फ़ि़ल्में बनाने पर राकेश का कहना है कि उन्होंने फ़िल्म निर्माण की एक खास शैली शुरू की है, जिसे ख़त्म भी उन्हें ही करना है.

उनके मुताबिक , "'कृष' में मैंने सुपरहीरो को जन्म दिया. उसमें एक आम विलेन, नसीरुद्दीन शाह थें. 'कृष 3' में मैंने सुपरविलेन का किरदार रचा है.ये कहानी सुपरहीरो और सुपरविलेन की है."

जहां तक ऋतिक के साथ काम करने की बात पर राकेश रोशन ने कहा कि सारी दुनिया ऋतिक के साथ काम करने के लिए एक पैर पर खड़ी है और मैं घर में रहते हुए अपनी फ़िल्म में किसी और को लें, ऐसा तो संभव नहीं.

कोई मिल गया, जोधा अकबर, सुपरहीरो, गुजारिश, जिंदगी न मिलेगी दोबारा जैसी फ़िल्मों में ऋतिक ने अलग अलग तरह की आम से ख़ास किरदार निभाए. राकेश मानते हैं बहुत कम अदाकार होंगे जिनमें इतना किरदार अपनी अभिव्यक्तियां पाता होगा.

अमिताभ की आवाज़

'कृष 3' पिक्चर जब शुरू होती है तो 'कोई मिल गया' और 'कृष' का थोड़ा हिस्सा दिखाकर पिक्चर शुरू होती है.यह सब बताने के लिए अमिताभ बच्चन की आवाज का इस्तेमाल किया गया है. कृष 3' में आगे जब विलेन आता है, तो लोगों को उसका कैरेक्टर बताने और समझाने के लिए अमिताभ बच्चन से वॉइस ओवर करवाया गया है.

अमिताभ के साथ अब तक कोई काम नहीं करने की राकेश रोशन विशेष वजह बताते हैं. वे कहते हैं, "मैं अमिताभ के साथ 'किंग अंकल' में काम करने वाला था. 'किंग अंकल' उन्हीं के लिए लिखी गई थी. उन्होंने कहा भी था कि मैं काम करुंगा. पूरी कहानी उनके लिए लिखी गई थी. पूरा स्क्रीन प्ले उनके लिए तैयार कर लिया गया था. मगर उसी समय अमित जी कुछ निजी समस्याओं से घिर गए. फिर उन्होंने तीन-चार साल ब्रेक लेने का तय किया."

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