साथी कलाकारों से बहुत बेहतर है मेरा भाई बॉबी : सनी देओल

  • 25 नवंबर 2013
सनी देओल, बॉबी देओल

अपने 18 साल लंबे करियर में बॉबी देओल ने तक़रीबन 40 फ़िल्में कीं जिनमें से कुल जमा आधा दर्जन फ़िल्में भी कामयाब नहीं हो पाईं.

उनकी अभिनय क्षमता पर समीक्षकों ने हज़ारों सवाल खड़े किए. लेकिन एक शख़्स ऐसा है जिसे बॉबी देओल के अभिनय में कोई खोट नज़र नहीं आती और वो हैं उनके बड़े भैया सनी देओल. बल्कि सनी तो बॉबी को उनके समकालीन कलाकारों से कहीं बेहतर करार देते हैं.

(रिव्यू: 'सिंह साहब द ग्रेट')

अपनी हालिया रिलीज़ 'सिंह साहब द ग्रेट' के बारे में बात करते हुए सनी देओल ने अपने भाई के बारे में भी बात की और कहा, "बॉबी मौजूदा दौर के कई कलाकारों से कहीं अच्छा कलाकार है. वो बहुत ख़ूबसूरत लड़का है."

तो फिर बॉबी उनकी या पिता धर्मेंद्र की तरह कामयाब क्यों नहीं हो पाए.

इस पर भी सनी का जवाब तैयार था. वो बोले, "किस्मत. किस्मत अच्छी नहीं थी बेचारे की. एक कलाकार की कामयाबी बहुत बातों पर निर्भर करती है. अच्छी कहानी, अच्छे निर्देशक शायद उसे नहीं मिले. लेकिन अब भी उसके पास समय है. और वो बेहतरीन वापसी करेगा."

पसंदीदा कलाकार

और सनी के पसंदीदा कलाकार कौन हैं ? इसका जवाब भी उनके पास फ़ौरन तैयार था. छूटते ही बोले, "पापा और बॉबी. वैसे अभय भी अच्छा कलाकार है."

जब बात परिवार की ही हो रही थी तो हमने सोचा कि उनके बेटे के संभावित फ़िल्मी करियर पर भी सवाल पूछ लिया जाए.

इस पर सनी बोले, "अभी हम इस बारे में सोच रहे हैं. कुछ भी फ़ाइनल नहीं हुआ है. किसी उत्साही पत्रकार ने ज़रूरत से ज़्यादा जोश में डिक्लेयर कर दिया कि मेरा बेटा फ़िल्मों में बस आने ही वाला है. मुझे इस तरह की पत्रकारिता ज़रा भी पसंद नहीं. जब कुछ तय होगा मैं ख़ुद बता दूंगा." थोड़े गुस्से में आ गए थे सनी, ऐसा बोलते हुए.

'घायल', 'घातक', 'दामिनी', 'गदर' जैसी एक्शन फ़िल्मों से ज़बरदस्त लोकप्रियता हासिल करने वाले सनी देओल मानते हैं कि मौजूदा दौर का एक्शन बदल गया है. हमने पूछा कैसे ? जवाब मिला, "कोई कहानी ही नहीं होती. बिना कहानी की मार-धाड़ में कोई दम नहीं. ये कोई समझता ही नहीं. हम सिर्फ़ दक्षिण भारतीय फ़िल्मों को उठाकर हिंदी में ट्रांसलेट कर देते हैं. ये ग़लत है."

मजबूरी

फ़िल्म प्रमोशन करना सनी की फ़ितरत नहीं- ऐसा वो ख़ुद मानते हैं.

'सिंह साहब द ग्रेट' के प्रमोशन पर भी वो जहां-जहां गए बड़े शर्माते, सकुचाते और लजाते नज़र आए.

(फ़िल्म प्रमोशन के लिए कहां गए सितारे)

सनी ने कहा, "लेकिन अब प्रमोशन से बचा नहीं जा सकता. ढिंढोरा पीटना ज़रूरी हो गया है. तो मुझे भी करना पड़ता है."

सनी मानते हैं कि उनके प्रशंसक उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा देखना चाहते हैं. इसलिए अब वो साल में कम से कम तीन फ़िल्में करेंगे.

उम्र का फ़ासला

'सिंह साहब द ग्रेट' में उनकी अभिनेत्री हैं उर्वशी रौतेला जो 19 साल की हैं. जबकि सनी की उम्र उनसे तीन गुना यानी 57 साल की है.

क्या उन्हें नहीं लगता कि उम्र का इतना ज़्यादा फ़ासला परदे पर कुछ अजीब सा रिज़ल्ट देता है. सनी इस बात से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते.

(सोनाक्षी की पसंद)

वो कहते हैं, "अब तो असल ज़िंदगी में भी आपको उम्र का ये अंतर देखने को मिल जाएगा. तो फिर फ़िल्मों में क्या बुराई है. और हम अपनी कहानी कुछ इस तरह से कहते हैं कि ये अंतर मायने नहीं रखता. वैसे भी हम किरदार निभा रहे होते हैं. और ऐसा तो हर जगह होता है."

उनके पिता धर्मेंद्र की सुपरहिट फ़िल्म 'शोले' को थ्री डी में परिवर्तित करके रिलीज़ किया जा रहा है. सनी देओल इस क़दम का स्वागत करते हैं और मानते हैं कि शोले के करोड़ो प्रशंसकों के लिए ये एक तोहफ़ा होगा.

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