साथ जन्मीं चार बहनें, फ़िल्म में भी एक साथ

  • 11 दिसंबर 2013

'राम-श्याम', 'सीता और गीता' और 'जुड़वां' जैसी फ़िल्में शायद आपने देखी हों. शायद आपने 'चलती का नाम गाड़ी' भी देखी होगी जिसमें सगे भाइयों किशोर कुमार, अनूप कुमार और अशोक कुमार ने एक साथ काम किया था.

लेकिन एक तमिल फ़िल्म निर्देशक जी रमेश ऐसी फ़िल्म बनाने जा रहे हैं जिसमें चार सगी बहनें काम कर रही हैं. इन चारों का जन्म आठ साल पहले एक साथ हुआ था.

'एन्ना सतम इंद नेर्म' नाम की इस फ़िल्म में चेन्नई की रहने वाली आरती, आकृति, आपति और अक्षिति काम कर रही हैं.

नाम की ही तरह इन चारों बहनों की शक्ल भी मिलती है. जी रमेश जब उनसे मिले तभी उन्हें लग गया था कि ये उनकी फ़िल्म के लिए बिल्कुल ठीक अभिनेत्री होंगी.

जी रमेश कहते हैं, "इस कहानी के लिए किसी भी तरह ऐसे क्वाड्रोप्लेट्स चाहिए थे. इनके बारे में पता चलने के बाद भी, इतनी उम्मीद नहीं थी क्योंकि इनको और इनके घर वालों को सिनेमा का कोई आइडिया नहीं था. यहाँ तक कि वे ज़्यादा टीवी भी नहीं देखते थे."

इन चारों बहनों के माता-पिता श्रुति और विवेक से जी रमेश ने जब इस बारे में बात की तो पहले तो वो काफी चौंक गए लेकिन बाद में उन्होंने इन बच्चियों को फ़िल्म में काम करने की इजाज़त दे दी.

'शॉट रेडी'

आरती, आकृति, आपति और अक्षिति को माइक या कैमरा का कोई अनुभव नहीं था. इसलिए जी रमेश के लिए इन बच्चियों से अभिनय करवाना थोड़ा मुश्किल था.

जी रमेश ने पहले इन चारों बहनों को फ़िल्मों और अभिनय के बारे में थोड़ी ट्रेनिंग दी. शूटिंग से पहले ये चारों बहनें सेट पर जमकर शरारत करती थीं लेकिन 'शॉट रेडी' की आवाज़ सुनते ही अनुभवी अभिनेताओं की तरह शॉट के लिए तैयार हो जाती थीं.

Image caption फ़िल्म अभिनेत्री मानु चार बहनों की मां का किरदार निभा रही हैं.

कुछ दिनों के बाद तो निर्देशक और कैमरामैन को ये चारों बहनें शॉट के बारे में अपनी राय भी बताने लगी. शक्ल एक जैसी होने की वजह से प्रोड्यूसर को उन्हें पहचानने में भी दिक्कत होती थी.

इसी फ़िल्म के ज़रिए तमिल अभिनेत्री मानु भी फिर से फ़िल्मों में आ रही हैं. मानु इन चारों बहनों के बारे में कहती हैं, "सबसे अच्छी बात तो ये है कि उनका बर्ताव सब के साथ बहुत अच्छा है और वे इतने अच्छे-अच्छे सवाल पूछते हैं कि हमें जवाब देने में मुश्किल होती हैं."

चार गुना पढ़ाई भी

मानु इस फ़िल्म में इन चारों बहनों की मां का किरदार निभा रही हैं. बड़े पर्दे की मां इन बहनों से ख़ुश हैं तो उनकी असली ज़िंदगी की मां को उनकी पढ़ाई की चिंता सता रही है.

इन चारों बहनों को फ़िल्म की शूटिंग के लिए स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ी और इस वजह से उन्हें एक नहीं चार-चार प्रोजेक्ट और होमवर्क करना पड़ा.

इन चारों बहनों की मां श्रुति कहती हैं, “सबसे पहले तो उनकी पढ़ाई, उसके बाद ही सिनेमा और बाकी सब कुछ. किसी भी हालत में उस पर हम असर होने नहीं देंगे."

हालाँकि यह फ़िल्म जनवरी में रिलीज़ होगी लेकिन चार सगी बहनों के इस फ़िल्म में काम करने की वजह से इसे 'लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' में शामिल कर लिया गया है.

फ़िल्म के डायरेक्टर जी रमेश और पूरी टीम का कहना है कि अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अब दबाव और बढ़ गया है. उन्हें उम्मीद है कि लोग इस कॉमेडी-थ्रिलर को पसंद करेंगे.

दबाव एक तरफ तो शरारतें और ख़ुशी दूसरी तरफ. बातें करते-करते आरती, आकृति, आपति और अक्षिति अपनी कुर्सियां बदलतीं हैं और हँसते हुए हम से पूछती हैं, "अब आप हमारे नाम बताइए"?

इस सवाल का जवाब देना मेरे लिए वाकई काफी मुश्किल है.

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