मैंने अन्ना का समर्थन नहीं किया : आमिर ख़ान

आमिर ख़ान और अन्ना हज़ारे
Image caption मैंने अन्ना का समर्थन नहीं किया : आमिर ख़ान

'धूम 3' की सफलता को देखकर अभिनेता आमिर ख़ान ने मुंबई में सभी पत्रकारों से खुलकर बातचीत की. उन्होंने फ़िल्म के बारे में काफ़ी कुछ तो बताया ही साथ ही वह बेबाक़ बोले देश में चल रहे राजनीतिक हालात पर भी.

'मैंने अन्ना का समर्थन नहीं किया'

आमिर एक दफ़े दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के अनशन पर गए थे और उन्होंने अन्ना हज़ारे साहब की हिम्मत की जमकर तारीफ़ की थी. आमिर से जब इसी संदर्भ में पूछा गया तो वह बोले, "मैंने अन्ना हज़ारे का समर्थन नहीं किया. मैंने जो अन्ना कह रहे थे उसका समर्थन किया. अगर आप वहाँ अन्ना को हटाकर किसी और को भी बैठा देते तो भी मैं उसका समर्थन करता क्योंकि वहाँ बात भारत में एक भ्रष्टाचार विरोधी कानून बनाने की हो रही थी जिसकी हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत है."

वह बोले, "मैं अन्ना हज़ारे को बिल्कुल नहीं जानता और मैं उनसे पहली बार रामलीला मैदान के उसी मंच पर मिला. जहाँ तक किसी भी राजनीतिक पार्टी को समर्थन देने कि बात है तो मैं किसी राजनीतिक पार्टी को तभी समर्थन दूंगा जब मेरे दिमाग़ में उसके प्रति कोई भी शंका न हो, मुझे उसकी विचारधारा और उस पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता पर पूरा भरोसा हो."

दिल्ली में आया 'स्वराज'

हाल ही में दिल्ली के चुनावी दंगल से जो पार्टी सबसे ज़्यादा सफल और विजेता बनकर उभरी वो है 'आप यानी आम आदमी पार्टी'. इस जीत को आमिर ख़ान ने बहुत महत्वपूर्ण बताया और कहा, "जो दिल्ली के चुनाव में हुआ है उससे दो महत्वपूर्ण चीज़ें हुई हैं. पहली तो ये कि एक नई राजनीतिक पार्टी उभरकर आई है, जिसका नज़रिया बाकी राजनीतिक पार्टियों से बिल्कुल उल्टा है.

Image caption मैंने अन्ना का समर्थन नहीं किया : आमिर ख़ान

दूसरी राजनीतिक पार्टी कहती है कि आप हमें चुनिए हम अच्छा शासन करेंगे पर ये पार्टी कहती है कि आप हमें चुनिए और शासन हम नहीं करेंगे बल्कि आप ही शासन करेंगे. इन दोनों ही विचारधाराओं में बहुत बड़ा फ़र्क है. ये है स्वराज- स्वयं का राज, आप का राज, मेरा राज हम सबका राज."

दिल्ली वालों में कमाल की लहर

आमिर ख़ान ने कहा, "दूसरी चीज़ जो दिल्ली के चुनाव में सबसे महत्वूर्ण रही, वो है कि लोगों का नज़रिया पूरी तरह से बदल गया. अब चुनाव में बहुत सारी चीज़ें होती हैं जैसे- पैसा, गुंडागर्दी, जात-पात वगरैह-वगरैह और बहुत अर्से में ऐसा पहली बार हुआ है कि वोटर ने इस सब चीज़ों को नज़रअंदाज़ किया और जब उनके सामने एक विकल्प आया तो उन्होंने उसे चुन लिया. इसका मतलब है कि लोगों को अब एक बदलाव चाहिए जो उन्होंने अपने ख़ुद के मत से हासिल किया."

सिनेमा से कर सकता हूँ समाज का भला

बेबाक़ बोलने वाले आमिर ख़ान से जब पूछा गया कि क्या वह कभी भविष्य में राजनीति में अपना कदम रख सकते हैं? तो इस बात का भी बेबाकी से जवाब देते हुए आमिर ने कहा, "आदमी राजनीति में आता है ताकि वह समाज की मदद कर सके, उसे सुधार सके. और ये काम जहाँ मैं इस वक़्त हूँ वहाँ से काफी बेहतर कर सकता हूँ. समाज की सेवा के लिए मुझे राजनीति में आने की ज़रूरत नहीं है."

Image caption मैंने अन्ना का समर्थन नहीं किया : आमिर ख़ान

वह बोले, "मैं अपनी फ़िल्म से ये करता आ रहा हूँ. और तो और मेरे टेलीविज़न सीरियल 'सत्यमेव जयते' से मैंने काफी हद तक वे मुद्दे उठाए जो हमारे समाज को काफी नुक़सान पुहंचा रहे हैं. तो मुझे समाज की सेवा या सुधार करने के लिए राजनीति में आने की कोई आवश्यकता नहीं है."

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार