ऊँची है सैंडल! आपके पाँव ठीक तो हैं न?

  • 5 फरवरी 2014
ऊंची हील के स्टिलेटो जूते इमेज कॉपीरइट Reuters

क्या ये मुमकिन है कि 1950 के शुरुआती दशक में फैशनपरस्त महिलाओं का दुबलेपन का जुनून स्टलेटोज़ यानी ऊंची, नुकीली हील के चलन की वजह बना?

इन जूतों के बारे में ये सोच ब्रुनो फ्रिसोनी की है. ब्रुनो फ़्रांसीसी लग्ज़री ब्रैंड रोजर विविए के क्रिएटिव निदेशक हैं. इस ब्रैंड के संस्थापक, रोजर विविए उन दो लोगों में से एक थे जिनके नाम स्टलेटोज़ हील वाले जूतों की बनावट से जुड़े हैं.

स्टलेटोज़ जूतों के दूसरे रचनाकार विविए के प्रतिद्वंद्वी, इटली के साल्वातोर फेरागामो समझे जाते हैं जिन्हें 'सितारों का शूमेकर या जूते बनाने वाले' कहा जाता है. फेरागामो के ग्राहकों में मार्लिन मुनरो, ग्लोरिया स्वांसन और बैटी डेविस जैसी मशहूर हॉलीवुड हीरोइनें शामिल थीं.

ब्रुनो फ्रिसोनी कहते हैं, "हमें शायद कभी नहीं पता चलेगा कि किसने पहले ये जूते बनाए. ये उस बहस की तरह है कि मिनी स्कर्ट किसने ईजाद की-कूर्गेस या मैरी क्वांट?"

इमारत की आधारशिला?

फ्रिसोनी के मुताबिक़ दूसरे विश्व युद्ध के दौरान विमानों के लिए अल्युमिनियम जैसे नई पदार्थ और धातु के साथ प्लास्टिक को फ्यूज़ करने जैसी नई तकनीकों ने दुनिया की सबसे पतली हील के विकास का रास्ता खोला.

स्टलेटोज़ हील में ठोस स्टील की पांच मिलीमीटर व्यास की धातु की महीन नुकीली सुई फिट करने की कला की तुलना फ़्रिसोनी एक इमारत की आधारशिला से करते हैं.

वे कहते हैं, "जूते से हील को जोड़ने के लिए तीन या चार कीलें या स्क्रू की ज़रूरत होती है. हील जोड़ने के लिए कम से कम जगह होती है और आपको कुछ आयामों को ध्यान में रखना होता है. इस पर हम हील और भी ज़्यादा पतली करने की कोशिश करते हैं."

वे आगे कहते हैं, "हालांकि आजकल जब महिलाएं पतली हील देखती हैं तो पूछती हैं कि क्या ये हील व्यावहारिक है, क्या वे उसे पहन कर चल पाएंगी, क्या ये टूट सकती है? एक आदर्श स्टलेटोज़ की हील लगभग 3.2 से 3.4 इंच होती है. अगर हील बेहद पतली है तो उसके ज़्यादा ऊंचा होने की ज़रूरत नहीं है. अहम बात ये है कि लोग इसे एक सेक्सी चीज़ की तरह देखें."

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Image caption पॉप गायिका लेडी गागा जैसी मशहूर हस्तियों ने स्टिलेटो जूतों को लोकप्रिय बनाया है.

मशहूर हस्तियों की पसंद

दरअसल स्टलेटोज़ एक छोटी और किनारों से पतली इतालवी छुरी होती है. ऑक्सफोर्ड इंग्लिश शब्दकोष के मुताबिक़ स्टलेटोज़ हील शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 20 अप्रैल 1931 को अमरीकी राज्य इंडियाना के एक अख़बार के लेख में हुआ था. इस लेख में 19वीं सदी के कुछ चित्र भी छपे थे.

लेकिन स्टलेटोज़ हील वाले जूतों का चलन 1950 के दशक में हुआ और 1974 में इसे मानोलो ब्लाहनिक से फिर से लोकप्रिय बनाया. उनके बनाए पतली हील वाले, आगे से नुकीले जूतों को उस वक़्त प्रचलित चौड़े प्लेटफॉर्म हील वाले जूतों के सेक्सी विकल्प के तौर पर देखा गया.

स्टलेटोज़ की लोकप्रियता जारी रही और 1990 के शुरुआती दशक में मशहूर पॉप गायिका मैडोना ने मनोलो ब्लाहनिक के बनाए स्टलेटोज़ जूतों की तुलना सेक्स से की.

साल 2000 में टीवी चैनल एचबीओ पर 'सेक्स एंड द सिटी' धारावाहिक के एक एपिसोड में कैरी ब्रैडशॉ नाम की किरदार को एक चोर से उसके पसंदीदा ''मानोलोज़'' को छोड़ने का निवेदन करते हुए दिखाया गया.

अतीत में महिलाएं स्टलेटोज़ जूते सिर्फ़ रात को ही पहनती थीं और दिन के दौरान छोटी हील के जूते पहनती थीं. लेकिन हाल ही में मशहूर हस्तियों के हर मौके पर स्टलेटोज़ पहनने के जुनून के चलते महिलाएं अब इन जूतों को हर रोज़ के पहनती हैं.

जिन जानी-मानी हस्तियों ने स्टलेटोज़ हील वाले जूतों को लोकप्रिय बनाया है उनमें पॉप गायिका लेडी गागा भी हैं. उनके पास कई स्टलेटोज़ जूते हैं जिनमें अलेक्सेंडर मैक्कवीन द्वारा डिज़ाइन किया गया एक 10 इंच हील वाला जूता भी है.

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Image caption ऊंची हील वाले स्टिलेटो जूते पहनने के कई दुष्प्रभाव हैं.

फैशन या यातना कक्ष?

लेकिन फैशन पत्रिका 'वोग' के अमरीकी संस्करण के एक संपादक, आंद्रे लियोन टैली ने स्टलेटोज़ जूतों के चलन का खुल कर विरोध किया है.

उनका कहना है, "बहुत सारी कामकाजी महिलाएं एक-दूसरे की नकल कर अव्यावहारिक जूते पहनती हैं. ये पैरों की सेहत के लिए अच्छे नहीं होते. इन ऊंचे यातना कक्षों को डिज़ाइन करने वाले डिज़ाइनरों को सच्चाई पता होना चाहिए."

ऊंची हील वाले स्टलेटोज़ जूते पहनने के कई दुष्प्रभाव हैं. इससे टखने में मोच आने से लेकर गठिया और हड्डी टूटने तक कुछ भी हो सकता है. तीन इंच से ज़्यादा ऊंची हील से एड़ी पर सपाट तलवे वाले जूतों की तुलना में सात गुना ज़्यादा दबाव पड़ता है. ये दबाव कथित तौर पर हाथी के एड़ी पर पड़ने वाले दबाव से कहीं ज़्यादा है.

अब स्टलेटोज़ जूते पहन कर चलना सिखाने के लिए क्लासें चलाई जा रही हैं. अमरीका के न्यूयॉर्क शहर में विक्टर चू ऐसी ही एक क्लास चलाते हैं जिसमें वह अपनी छात्राओं को सिखाते हैं कि स्टलेटोज़ पहनकर ऊंची-नीची पटरियों और नालियों को ढंकने वाली जालियों पर किस तरह नज़ाकत से चला जाए.

स्टलेटोज़ हील लॉन्च हुए 50 साल से ज़्यादा वक़्त बीत गया है लेकिन लगता है कि आज भी दुनियाभर में हज़ारों महिलाएं इन्हें पहनकर कष्ट सहने को तैयार हैं.

पूर्व ब्रितानी महिला बैंड स्पाइस गर्ल की सदस्य विक्टोरिया बेकहम ने तो कथित तौर पर यहां तक कहा है कि ''वे फ्लैट या सपाट तलवे वाले जूते पहन कर ठीक से सोच नहीं पाती हैं.'' यहां तक कि पांच इंच ऊंची स्टलेटोज़ हील पहनने के चलते उन्हें स्लिप डिस्क हो गया था.

वास्तुशिल्प के लिहाज़ से स्टलेटोज़ जूते बहुत सुंदर दिखते हैं. इसका एक आकर्षण ये भी है कि इसे पहन कर शारीरिक मुद्रा में भी बदलाव आ जाता है जिससे लंबी टांगों का आभास होता है.

स्टलेटोज़ जूतों की फ़ैन महिलाओं का दावा है कि ये जूते पहनने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सेक्सी और ग्लैमरस महसूस करती हैं.

जैसा कि स्टलेटोज़ पहनने में एक्पसर्ट हॉलीवुड हीरोइन मर्लिन मुनरो ने एक बार कहा था, "अगर एक लड़की के पास सही जूते हों तो वो दुनिया फ़तह कर सकती है."

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