जब रजनीकांत के लिए बेच दिया अपना घर

  • 15 फरवरी 2014
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क्या ऐसा कोई फैन या प्रशंसक हो सकता है जो अपने पसंदीदा अभिनेता के पोस्टर छपवाने के लिए ख़ुद का घर बेच दे?

हां, ज़रूर हो सकता है, जब यह अभिनेता और कोई नहीं बल्कि सुपर स्टार रजनीकांत हों तो.

ऐसे एक नहीं, बल्कि कई प्रशंसक डॉक्युमेन्ट्री फिल्ममेकर रिंकु काल्सी की डॉक्युमेन्ट्री फिल्म 'फ़ॉर दी लव ऑफ अ मैन' में देखे जा सकते है.

एम्स्टर्डम में रहनी वाली और मुंबई में पली-बढ़ी रिंकु काल्सी ने अभिनेता रजनीकांत के प्रशंसकों पर डॉक्युमेन्ट्री बनाने का निर्णय किया तब शायद उन्हें कल्पना भी नहीं थी कि यह अनुभव उनके लिए कितना ख़ास रहेगा.

फ़िल्म का विचार

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चार साल से इस डॉक्युमेन्ट्री पर काम कर रही रिंकु ने बीबीसी से बात करते हुए बताया, "मैं एम्स्टर्डम में टेलीविजन के लिए एडिटिंग और अन्य कमिशन्ड प्रोजेक्ट्स पर काम करती हूं. मेरे मित्र और इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर जॉयोजीत पाल के साथ बातचीत के दौरान मुझे दक्षिण भारत में रजनीकांत के क्रेज़ के बारे में पता चला और वहीं से इस डॉक्युमेन्ट्री का विचार आया."

जॉयोजीत पाल मिशीगन यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं और नेत्रहीनों के लिए उपयोगी टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं.

उन्होंने हमें ईमेल से बताया, "मैं तमिलनाडु के अत्यंत गरीब और अंदरूनी इलाक़ों के बच्चों में कम्प्यूटर की जानकारी को लेकर शोध कर रहा था. यह उस साल की बात है जब रजनीकांत की फिल्म 'शिवाजी' रिलीज़ हुई थी. सारे बच्चे कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते थे क्योंकि शिवाजी फ़िल्म में रजनीकांत ने कंप्यूटर इंजीनियर की भूमिका की थी और अपने लैपटॉप की मदद से देश को बचाते हैं."

उनका कहना है, "मजे की बात यह थी कि इन बच्चों ने वास्तव में कंप्यूटर देखे तक नहीं थे. उनके माता-पिता भी इस फिल्म से इतने ही प्रभावित थे. जब रजनीकांत की लोकप्रियता के बारे में और जानने की कोशिश की तब लगा इस पर डॉक्युमेन्ट्री बननी भी चाहिए."

बेच दिया घर

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अगर रजनीकांत फैन क्लब में आप कोई महत्वपूर्ण स्थान पाना चाहते हो तो कुछ ख़ास करना ज़रूरी है.

चेन्नई के गोपी चने बेचते हैं. गोपी को उनके इलाके के फैन क्लब में बढ़त पाने के लिए सुपरस्टार के 1500 पोस्टर छपवाने का आदेश दिया गया. यह उस वक्त की बात है जब 2005 में रजनीकांत की फ़िल्म 'चंद्रमुखी' रिलीज़ हो रही थी.

रिंकु ने बताया, "इनके लिए फैन क्लब में बढ़त बहुत बड़ी बात है और जब दूसरा कोई रास्ता नहीं दिखा तो गोपी ने अपना छोटा सा घर सिर्फ़ एक लाख रुपए में बेचकर पोस्टर छपवाए जबकि उन्हें इसके तीन लाख मिल सकते थे. दो महीने तक वह अपने पूरे परिवार के साथ फुटपाथ पर रहे. '

घुटनों के बल चलने की मन्नत

रिंकु ने साल 2010 में 'इंदीरन' (हिन्दी में 'रोबोट') के रिलीज से पहले चेन्नई में प्रशंसकों और फिल्म समीक्षकों के इंटरव्यू लेने शुरू किया.

सुबह चार बजे फिल्म का पहला शो दिखाया जाने वाला था. रजनीकांत के बड़े कटआउट पर दूध का अभिषेक किया जा रहा था. फिल्म की सफलता के लिए पूजा-आराधना चल रही थी.

वेल्लौर के पास एक गाँव में रहने वाले एन. रवि रजनीकांत की फैन क्लब के प्रमुख हैं.

'इंदीरन' की सफलता के लिए वो फैन क्लब के सदस्यों के साथ पूजा की थाली ले कर गाँव के पास के मंदिर की 1300 सीढ़ियां अपने घुटनों के बल चढ़े थे.

साल 2012 में जब रजनीकांत बीमार थे तब दिसंबर में उनके जन्मदिन पर उनके घर के बाहर बहुत भीड़ जमा हुई थी और रजनीकांत ने घर की बालकनी में आकर फैंस का अभिवादन किया था.

कुछ समय बाद उन्होंने वहाँ आए लोगों को संबोधित किया और फैंस को खुद के ठीक होने का यकीन दिलाया.

उन्होंने इस भाषण में अपने फैंस को स्वास्थ्य संभलने की सूचना दी. धूम्रपान जैसी आदतें छोड़ने की बात कही. रिंकु ऐसे कई फैंस से मिली जिन्होंने अपने घरवालों की बात सालों तक नहीं मानी थी लेकिन रजनी सर ने बोला इसलिए धूम्रपान बंद कर दिया.

रजनीकांत फैन क्लब

दुनिया भर में रजनीकांत के 66,000 फैन क्लब हैं. रजनीकांत को ही अपने फैंस से अनुरोध करना पड़ा कि वो अब और नए फैन क्लब न बनाएँ. फिर भी काफी फैन क्लब रजिस्टर नहीं किए गए हैं और युवा फैंस ने ऑनलाइन क्लब बनाए हैं.

ये सभी क्लब रजनीकांत की फिल्में रिलीज़ होने पर मन्नत, पूजा, हवन जैसे कार्यक्रम करते हैं और सुपरस्टार के नाम से चंदा इकट्ठा करके गरीबों को और विकलांगों को दान देते हैं. ये क्लब रक्तदान कैंप जैसे आयोजन भी करते हैं. इन क्लब में 16 साल से लेकर 90 साल के उम्र के फैंस हैं.

जॉयोजीतने बताया, "यह फिल्म एक सामाजिक टिप्पणी है उन प्रशंसकों के बारे में जो अपने स्टार की फिल्म रिलीज़ होने पर सेंटर स्टेज पर आते हैं. यह उनकी खुद की प्रसिद्धि की पंद्रह मिनट होते हैं. इस फिल्म से सिर्फ प्रशंसक ही नहीं बल्कि हर वो व्यक्ति जुड़ेगा जो भारतीय सिनेमा से परिचित नहीं है."

इस साल की फ़िल्म

रिंकु इस साल अप्रैल में रिलीज़ होने वाली रजनीकांत की फिल्म 'कोचाडियन' के दौरान भी उनके फैंस की गतिविधियों को दर्ज करेंगी.

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तीन साल बाद रजनीकांत की फिल्म रिलीज़ हो रही है तो फैंस के लिए इसके बहुत मायने हैं. चार साल बाद खत्म होने वाला यह प्रोजेक्ट कई फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा.

रिंकु जिस भी प्रोजेक्ट पर काम करती हैं, उससे कमाया हुआ सारा पैसा इस डॉक्युमेन्ट्री के निर्माण में लगा देती हैं. कुछ हद तक उन्होंने इंटरनेट के जरिए भी इस प्रोजेक्ट के लिए पैसे जमा किए हैं.

हालांकि फिल्म बनाने के लिए चेन्नई में उनके साथ काम करने वाले क्रू ने के सदस्यों ने उनसे कहा, 'यह रजनी सर पर बन रही फ़िल्म है तो हम आपके लिए निःशुल्क काम करने के लिए भी तैयार हैं."

रिंकु ये बताते हुए कहतीं हैं, "ऐसा है सुपरस्टार रजनीकांत का जादू. इन फैंस के दीवानेपन में कोई कमी तक नहीं है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है की सामान्य बस कंडक्टर से स्टार बनने का सफर और गहरी सफलता के बाद भी नम्रता से भरी रजनीकांत की प्रतिभा इन फैंस के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है और अब तो मैं भी उनकी फैन हो चुकी हूँ."

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