फ़िल्म रिव्यू: आपके दिलों पर राज कर पाएगी 'क्वीन'?

  • 7 मार्च 2014
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रेटिंग **1/2

वायाकॉम 18 मोशन और फैंटम फ़िल्म्स की 'क्वीन' कहानी है रानी (कंगना रनाउत) की, जिसे उसका होने वाला पति शादी से कुछ दिन पहले ही धोखा दे देता है.

विजय (राजकुमार राव) रानी से बहुत प्यार करता है और जहाँ भी वो जाती है उसके पीछे पीछे पहुंच जाता है. दोनों के परिवार शादी के लिए राज़ी हो गए. शादी की तैयारियां अभी चल ही रही थीं कि विजय रानी से कहता है कि वह उससे शादी नहीं कर सकता.

(रिव्यू : 'शादी के साइड इफेक्ट्स')

रानी इससे गहरे सदमे में चली जाती है लेकिन फिर वह ठान लेती है कि अकेले ही हनीमून पर जाएगी. वह पेरिस और एम्सटर्डम के लिए निकल जाती है.

पेरिस में उसकी मुलाक़ात होती है विजय लक्ष्मी (लिसा हेडन) से जो उसे मौज-मस्ती के साथ ज़िंदगी बिताने की सलाह देती है.

विजय का मन तब बदल जाता है जब उसके फ़ोन पर ग़लती से रानी एक फ़ोटो भेज देती है. उस फ़ोटो में रानी ने मॉडर्न कपड़े पहने होते हैं और वह पहले से कहीं ज़्यादा अलग लग रही थी.

विजय एम्सटर्डम आकर उससे मिलता है और उससे माफ़ी मांगकर फिर से शादी करने के लिए कहता है.

पर क्या रानी विजय को माफ़ कर देती है या फिर उसे कोई और मिल जाता है? यही फ़िल्म की कहानी है.

बिखरी कहानी

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परवेज़ शेख़, चैताली परमार और विकास बहल की कहानी में कई बड़े मज़ेदार लम्हे तो हैं लेकिन स्क्रीनप्ले बीच में रानी और विजय की कहानी से हटकर रानी की विदेश यात्रा पर केंद्रित हो जाता है.

कई जगह पर फ़िल्म के लेखकों ने कई चीज़ों को अच्छे से नहीं समझाया है जिससे दर्शक सोच में पड़ जाते हैं. जैसे विजय ने रानी से शादी करने से इनकार क्यों कर दिया, जबकि वह उससे बेहद मोहब्बत करता था.

(रिव्यू: 'हाईवे')

इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि जब रानी विदेश में अपने आपसे रूबरू होती है तो काफ़ी मनोरंजक पल आते हैं पर वो भी इस फ़िल्म की बिखरी हुई कहानी की भरपाई नहीं कर पाते.

अभिनय और निर्देशन

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कंगना रनाउत ने 'रानी' के किरदार में बहुत कमाल का अभिनय किया है. एक कम आत्मविश्वास वाली लड़की का किरदार उन्होंने बखूबी निभाया है.

इस किरदार को कंगना ने अपनी बॉडी लैंग्वेज और पहनावे से काफ़ी जीवंत कर दिया है. ये रोल कंगना को कई अवॉर्ड्स दिला सकता है. राजकुमार राव को हालांकि सीमित मौक़े मिले हैं लेकिन उनका अभिनय भी काफ़ी वास्तविक लगा.

लिसा हेडन ने 'विजय लक्ष्मी' के किरदार को बहुत अच्छी तरह निभाया है.

विकास बहल का निर्देशन और बेहतर हो सकता था. वह फ़िल्म के बीच में इसकी असली कहानी से भटक गए.

कुल मिलाकर 'क्वीन' कंगना के बेहतरीन अभिनय के लिए जानी जाएगी.

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