1983 की विश्वकप जीत बड़े पर्दे पर

कपिल देव

25 जून 1983 का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है. जब कपिल देव ने भारत के कप्तान की हैसियत से विश्व कप ट्रॉफ़ी लॉर्ड्स के मैदान में थामी थी.

अब इस ऐतिहासिक जीत को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी हो रही हैं.

(सोचा नहीं था कि विजेता बन जाएंगे)

और ये बीड़ा उठाया है निर्देशक संजय पूरन सिंह ने जो इससे पहले 'लाहौर' जैसी फ़िल्म बना चुके हैं जिसे समीक्षकों की सराहना मिली थी. फ़िल्म के निर्माता हैं विष्णु वर्धन इंदुरी जो सेलेब्रिटी क्रिकेट लीग के संस्थापक हैं.

बीबीसी से बात करते हुए संजय ने बताया, "जब विष्णु मेरे पास यह प्रस्ताव लेकर आए तो मैं इनकार नहीं कर पाया क्योंकि मैं ख़ुद क्रिकेट का ज़बरदस्त प्रशंसक हूं. सुनील गावस्कर और कपिल देव हमेशा से मेरे पसंदीदा खिलाड़ी रहे हैं."

लॉर्ड्स में होगी शूटिंग

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संजय ने बताया कि फ़िल्म की शूटिंग उसी ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान में होगी जहां साल 1983 के विश्व कप फ़ाइनल में भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज़ को हराया था.

(कपिल की कमेंट्री)

हालांकि स्टेडियम के आसपास की जगह और नज़ारा अब काफ़ी कुछ बदल गया है लेकिन संजय ने दावा किया कि उनकी टीम रिसर्च में लगी है और वो पूरी कोशिश करेंगे कि स्टेडियम को वही लुक दे सकें जैसा साल 1983 में था.

संजय के मुताबिक़ 1983 की जीत भारतीय खेल इतिहास के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी.

उस दौर में भारतीय टीम कमज़ोर समझी जाती थी और वेस्ट इंडीज़ जैसी ताक़तवर टीम को हराकर भारत ने विश्व क्रिकेट को संदेश दिया कि वह भविष्य में छा जाने के लिए तैयार है.

फ़िल्म ही क्यों?

संजय कहते हैं, "हमारे आज के ज़्यादातर क्रिकेट आइकॉन उस वक़्त या तो पैदा ही नहीं हुए थे या बहुत छोटे थे. सचिन तेंदुलकर भी उस वक़्त सिर्फ़ 10 साल के थे. आज की युवा पीढ़ी ने तो इस ऐतिहासिक क्षण को देखा ही नहीं और ना ही उन्हें पता है कि यह कितनी बड़ी जीत थी. इसलिए हमें लगा कि इसे पर्दे पर लाना ज़रूरी है."

(धोनी पर कपिल का निशाना)

Image caption संजय पूरन सिंह, भारत की 1983 विश्व कप जीत पर बनने वाली फ़िल्म के निर्देशक होंगे.

लेकिन फ़िल्म के लिए क्या उस टीम के सदस्य रहे खिलाड़ियों की अनुमति नहीं लेनी होगी. इस पर संजय ने बताया कि निर्माता सभी खिलाड़ियों के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, "हम कपिल देव, सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ, बलविंदर सिंह संधू जैसे खिलाड़ियों के संपर्क में हैं. क्योंकि हम इस प्रोजेक्ट में किसी तरह की ग़लती या चूक नहीं करना चाहते."

संजय ने कहा, "सब जानते हैं कि भारत की इस जीत में 14 खिलाड़ियो का योगदान था. तो हमारी फ़िल्म में भी किसी एक खिलाड़ी पर फ़ोकस नहीं किया जाएगा बल्कि पूरी भारतीय टीम को हीरो की तरह पेश किया जाएगा."

कौन निभाएगा किरदार?

कपिल, सुनील और अमरनाथ जैसे खिलाड़ियों को पर्दे पर कौन निभाएगा. इसका संजय ने कोई साफ़-साफ़ जवाब नहीं दिया.

वो कहते हैं, "अभी फ़िल्म की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है. पूरी कहानी के बाद ही कलाकारों का चयन होगा. वैसे भी फ़िल्में दो तरह की होती हैं. एक जो कलाकारों को ध्यान में रखकर लिखी जाती हैं और दूसरी जिनमें कहानी लिखने के बाद कलाकार चुने जाते हैं. यह दूसरे किस्म की फ़िल्म है."

इस फ़िल्म कि शूटिंग इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगी.

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