फ़िल्मी दुनिया में कैसे जुटता है चंदा?

शबाना आज़मी, जया बच्चन और नीतू सिंह

मुंबई का आलीशान पांच सितारा होटल. एक-एक कर दरबान बड़ी-बड़ी गाड़ियों के दरवाज़े खोल रहे थे. कोई मर्सिडीज़, कोई ऑडी तो कोई बीएमडब्ल्यू.

इन गाड़ियों में आने वाले लोग बॉलीवुड के जाने-माने चेहरे थे. ये सब एक होटल में आयोजित एक समारोह में शामिल होने जा रहे थे.

होटल में घुसते ही मुझे एहसास हुआ कि सही में यहां कुछ बड़ा हो रहा है. असल में ये समारोह अभिनेत्री शबाना आज़मी ने आयोजित किया था.

इस समारोह में उनके स्वर्गीय पिता शायर कैफ़ी आज़मी की ग़ैर सरकारी संस्था 'मिजवां' वेलफ़ेयर सोसाइटी के लिए चंदा जुटाया जाना था. इस शाम का विशेष कार्यक्रम था यहां आयोजित फ़ैशन शो जिसे देखने न केवल बॉलीवुड बल्कि मुंबई के बड़े-बड़े उद्योगपति भी पहुंचे.

'विदेशी' शराब, 'देसी' दिखावा

शाम का रंग काउंटर पर मिलने वाली वाइन में दिख रहा था. चिली से आई इम्पोर्टेड रेड वाइन और व्हाइट वाइन, साथ में चीज़ और ऑलिव, ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं फ्रांस में हूं.

मेरे आस-पास लोगों के चूमने की आवाज़ें आ रही थी. शायद ही मैंने किसी को एक दूसरे से नमस्ते कहते सुना होगा.

फ़ैशन शो मशहूर डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा का था. जिन्होंने शबाना के इस ग़ैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'मिजवां' से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के साथ काम किया है.

उत्तर प्रदेश में काम करने वाली इस संस्था ने चिकनकारी के काम को मिजवां गाँव की महिलाओं तक पहुंचाया है, जिसके चलते वो सूती कपड़े पर चिकनक़ारी करती हैं और पैसे कमाती हैं.

मनीष मल्होत्रा ने 'मिजवां' की औरतों के बनाए चिकनक़ारी के कपड़ों को फैशन शो में उतारा.

जया बच्चन की किटी पार्टी

लोग हॉल में जमा होने लगे तो मैंने अपना कैमरा निकल लिया. पूरे हॉल में बॉलीवुड़ से जुड़े लोग थे. एक बार फिर हवा में 'चूमने' की आवाज़ें मेरे कानों में पड़ने लगी.

थोड़ी देर में मैंने देखा कि जया बच्चन एक टेबल पर बैठीं हैं और साथ में नीतू सिंह हैं.

नीतू सिंह ने जया से अभिषेक और ऐश्वर्या के बारे में पूछा "कहां हैं अभिषेक और ऐश्वर्या?" जया ने जवाब दिया "एक तो शूटिंग पर है और एक आराध्या के साथ घर में."

इतनी देर में ये मेज़ एक किटी पार्टी में बदल गई. जया से मिलने सोनाली बेंद्रे अपने पति के साथ पहुंची. और नीतू सिंह से मिलने आईं सुष्मिता सेन.

सुष्मिता नीतू सिंह से बोलीं "मेरी बेटी तो रणबीर की दीवानी है, जब भी रणबीर टीवी पर आता है तो वो बस उसे देखती रहती है." मैंने इन दोनों की तस्वीर इस बातचीत के दौरान ली.

फिर मुझे दिखे प्रतीक बब्बर और जैकी भगनानी. जैकी ने प्रतीक से पूछा,"क्या तुमने मेरी नई फ़िल्म 'यंगिस्तान' देखी?"

प्रतीक ने कहा "नहीं, कब लगी? मैं ज़रूर देखूंगा."

जावेद अख़्तर के साथ मिली सीट

इसके बाद शो शुरू हुआ. मैं जावेद अख़्तर के ठीक बगल में बैठा. जावेद साहब के एक ओर उनके मित्र थे और एक तरफ कैमरे के साथ मैं.

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स्टेज पर जैसे ही शो संचालक सोफ़ी चौधरी आईं तो जावेद बोले "ये कौन लड़की है?" उनके मित्र ने जवाब दिया "सोफ़ी"

शो शुरू हुआ, एक-एक कर मॉडल्स ने मनीष मल्होत्रा के बेहतरीन काम का प्रदर्शन किया.

चंदा मांगने की बारी

फैशन शो के बीच में घोषणा हुई कि 'मिजवां' के लिए अगर आप कुछ दान देना चाहते हैं तो आपके मेज़ पर एक फॉर्म है जिसे भर कर आप 6000 रुपए सालाना देकर एक लड़की की पढ़ाई का ख़र्च उठा सकते हैं.

मेरे मन में ख़्याल आया कि इतना सब कुछ, बॉलीवुड, वाइन, होटल, फैशन शो क्या ये सिर्फ चंदा एकत्रित करने के लिए था? अगर इतना ख़र्च न किया जाता तो क्या ये एनजीओ अपने आप ही 'मिजवां' का बेड़ा न उठा लेता.

शबाना के इस शो के लिए उन्हें ख़ूब सारे प्रायोजक मिले. चंदा मांगने वाले इस शो में अमिताभ बच्चन भी रैंप पर दिखे.

अक्षय कुमार, रणबीर कपूर, सिद्धार्थ मल्होत्रा और फ़रहान अख़्तर. सबने इस फ़ैशन शो की शान बढ़ाई.

जावेद अख़्तर से हाथ जोड़ ली विदा

जावेद साहब के साथ बैठ मैंने पूरा शो देखा और आख़िर में जाते-जाते उनको मैंने कहा, "जावेद साहब आज आपको क्यों नहीं चिकनक़ारी वाला कुर्ता मिला, आज शाम की थीम तो वही थी?"

जावेद साहब थोड़े हैरान हुए और बोले, "हां यार होना तो चाहिए था, पर मुझे किसी ने दिया ही नहीं."

शो के बाद कई महिलाओं ने जावेद अख़्तर को घेर लिया और फिर शुरू हुआ उनकी किस्सागोई का दौर.

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