ट्विटर पर रजनीकांत की धमाकेदार एंट्री

  • 6 मई 2014
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ऐसा सिर्फ़ मेगास्टार रजनीकांत के साथ ही हो सकता है.

उनकी इस तरह की चुटकलों से भरी कहानियाँ तो काफ़ी हैं कि किस तरह से उनकी चलाई एक गोली से दो विलेन को मार गिराया और कभी–कभी यह संख्या एक दर्जन भी हो सकती है.

लेकिन वास्तविक ज़िंदगी में ट्विटर की दुनिया में सोमवार की शाम सिर्फ़ छह घंटों से भी कम समय में उनके प्रशंसकों की संख्या एक लाख से भी ज़्यादा हो गई.

आप जब तक यह ख़बर पढ़ रहे होंगे उस वक़्त यह संख्या भले ही तिगुनी न हुई हो लेकिन दोगुनी ज़रूर हो सकती है इसलिए ट्विटर पर रजनी के प्रशंसकों की संख्या उनके ट्विटर हैंडल @superstarrajini पर जाँच लें.

अप्रत्याशित

सोशल मीडिया विशेषज्ञ टीनू चेरियन अब्राहम ने बीबीसी हिंदी को बताया, "यह अप्रत्याशित है. भारत में किसी के भी पाँच घंटों में एक लाख प्रशंसक नहीं बने हैं लेकिन कुछ मायनों में यह आश्चर्यजनक भी नहीं है क्योंकि रजनीकांत की बहुत इज़्ज़त है. "

राजनीतिक टिप्पणीकार और तमिल सिनेमा समीक्षक न्यानी शंकरन इससे आश्चर्यचकित नहीं हैं.

उनका कहना है, ''ये एक फ़िल्म की रिलीज़ से पहले फ़िल्मी हस्तियों की सामान्य चालबाज़ियाँ हैं. इससे पहले वह अपनी फ़िल्म की रिलीज़ से पहले किसी राजनीतिक टिप्पणी का सहारा लेते थे. इस बार उन्होंने मीडिया के एक दूसरे रूप, सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है.''

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रजनीकांत सोशल मीडिया पर वो अपनी बेटी सौंदर्या की फ़िल्म 'कोचड़यान' की रिलीज़ से पहले आए हैं. कहने की ज़रूरत नहीं है कि इस फ़िल्म में हीरो 'स्टाइल गुरु' रजनीकांत हैं.

मशहूर हस्तियों की एक प्रबंधन कंपनी 'फ़्लूयंस जो' के बिज़नेस हेड आशीष जोशी ने कहा, "वह रिटायर नहीं हुए हैं. चूंकि यह सौंदर्या की फ़िल्म थी इसलिए उन्हें प्रशंसकों से जोड़ने के इस तरीके के लिए तैयार करने में हम कामयाब हुए. उनके आईपी को भी सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है. "

इत्तेफ़ाक़

जोशी हालांकि शंकरन से सहमत नहीं हैं कि 'कोचड़यान' की रिलीज़ की वज़ह से ऐसा हुआ है. उन्होंने कहा, "यह बस उनकी छवि को उभारने के लिए था, सौंदर्या की फ़िल्म की रिलीज़ के साथ उनके ट्विटर पर आने की तारीख टकराना महज़ इत्तेफ़ाक़ है."

टीनू अब्राहम कहते हैं, ''फ़िल्म का प्रचार करना स्पष्ट रूप से इसका मक़सद है. लेकिन उन्होंने जो प्रयोग किया है वह एक साल पुराना है. हो सकता है कि फ़ैशन के एक हिस्से के रूप में यह किया गया हो. यह उनकी शोहरत के अनुरूप नहीं है.’’

रजनीकांत के ट्विटर पर आते ही कुछ मिनटों में ही 144 प्रशंसक उनसे जुड़ गए थे. जब तक उनका पहला ट्वीट होता तब तक प्रशंसकों की संख्या 17,000 को छू गई.

उन्होंने पहले ट्वीट में कहा, “भगवान को प्रणाम. वणक्कम अनाइवारूक्कम!! आप सभी प्रशंसकों को धन्यवाद. इस डिजिटल यात्रा पर रोमांचित हूँ. ’’

प्रतिक्रिया

उनकी पहली ट्वीट पर हज़ारों की संख्या में प्रतिक्रियाएं आईं. उनमें से एक सिद्धार्थ गुडिपति की प्रतिक्रिया है, ''ट्विटर सर्वर की क्षमता की जाँच.''

एक दूसरी प्रतिक्रिया नवीन जॉय की थी, ''प्रशंसक थलाइवा के दूसरे ट्वीट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.''

रजनीकांत के ट्विटर पर देश के सिर्फ़ दक्षिणी हिस्से के लोग ही ट्वीट नहीं कर रहे हैं. उनके अकाउंट पर दुनिया भर से लोग ट्वीट कर रहे हैं.

टीनू अब्राहम कहते हैं कि शायद अमिताभ को भी ऐसी प्रतिक्रिया नहीं मिली होगी. वो कहते हैं, ''मैं नहीं सोचता हूँ कि अमिताभ बच्चन को इस तरह की तेज़ प्रतिक्रिया मिली होगी. बेशक हमें मानना चाहिए कि जब अमिताभ ट्विटर पर आए थे तब तक ये आज जितना प्रसिद्ध नहीं था.''

न्यानी शंकरन कहते हैं, '' रजनीकांत एक बहुत स्टाइलिश अभिनेता हैं. वह एक ज़बरदस्त व्यावसायिक अभिनेता हैं. उनकी तरह का आदमी बदलाव की अगुवाई नहीं करता है. उन्होंने अमिताभ बच्चन की किताब से कुछ नहीं उठाया है. वह धीरे-धीरे चरित्र रोल निभाने लगे हैं. रजनीकांत इस मामले में नवाचारी नहीं है.''

उनके प्रशंसक उनको रजनी सर कहते हैं. रजनी सर पर चाहे बहस कुछ भी हो लेकिन ट्विटर के माध्यम से वे सोशल मीडिया की दुनिया में आ चुके हैं.

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