पार्टी का तो बस बहाना चाहिए

  • 18 मई 2014
पेज 3 पार्टी

मुंबई की रातें बिना पार्टियों के अधूरी हैं. पार्टी का कारण कुछ भी हो, मुंबई वालों को पार्टी करने का बहाना चाहिए.

हाल ही में एक प्रोडक्ट लॉन्च के समारोह पर बॉलीवुड के नामी गिरामी चेहरे पहुंचे. जहां मीडिया को सिर्फ़ इन सितारों से मतलब था, जिस प्रोडक्ट के लिए यह शाम आयोजित थी उसे सब भूल ही गए.

(पेज 3 पार्टी में होना है शामिल?)

रणबीर कपूर से लेकर शाहरुख़ ख़ान जैसे सितारों तक का पसंदीदा रेस्त्रां है मुंबई का ओलिव बार.

मुंबई के बांद्रा इलाक़े में स्थित इस रेस्त्रां में हर वीकेंड पर बॉलीवुड के कई सितारे गुपचुप लंच या डिनर करने आते हैं.

महंगी शराब और लज़ीज़ खाना परोसने वाले ओलिव में पार्टियों का आयोजन ज़्यादा नहीं होता पर जब-जब यहां पार्टी होती है, तो सितारे यहां टूटकर गिरते हैं.

मौसम गर्म, कपड़े कम

हाल ही में एक प्रोडक्ट लांच के लिए यहां एक पार्टी रखी गई थी.

(ऐसे जुटता है पार्टियों में चंदा)

मुंबई की गर्मी का अंदाज़ा यहां पहुंचे सेलेब्रिटीज़ के कपड़ों से लगाया जा सकता था.

कोई बैकलेस गाउन में, तो कोई मिनी स्कर्ट और कोई पतले महीन से कपड़ों की वेशभूषा में.

सख्त सुरक्षा के बीच एक-एक करके आलीशान गाड़ियों का दरवाज़ा रेस्त्रां के गेट के बाहर खुल रहा था.

पार्टी में नेटवर्किंग

मैं भी वहां पहुंचा मुंबई की शान की सवारी ऑटो रिक्शा बैठकर.

अंदर घुसते ही जो चेहरा मुझे सबसे पहले दिखा, वह थे निर्देशक केन घोष.

सुपरहिट फ़िल्म 'इश्क़ विश्क' बनाने वाले केन अपने हाथ में गिलास लिए कई हसीन चेहरों से घिरे थे और गप्पों का दौर चल रहा था.

मुंबई की पार्टियों का असल इस्तेमाल अपनी फ़िल्मों के लिए चेहरे तलाशने और नेटवर्किंग के लिए ख़ूब होता है. केन घोष भी शायद इसी कोशिश में थे.

एक तरफ़ समारोह के आयोजकों के चेहरे पर चिंता झलक रही थी कि बॉलीवुड के बड़े नाम उनकी इस पार्टी में पहुचेंगे भी या नहीं, तो दूसरी ओर जो पहुंचे थे उनको पार्टी का सुरूर चढ़ने लगा था.

मधुर-ज़रीन की गुफ़्तगू

इस प्रोडक्ट लॉन्च के मौक़े पर प्रोडक्ट क्या है इसका कोई ज़िक्र नहीं था. बस सेलेब्रिटीज़ आए जा रहे थे और मीडिया के कैमरों के लिए पोज़ दे रहे थे.

अपनी फ़िल्मों में इन पेज-3 पार्टियों की सच्चाई पेश करने का दावा करने वाले निर्देशक मधुर भंडारकर भी इस शाम का हिस्सा बने.

सलमान ख़ान की फ़िल्म 'वीर' में नज़र आने वाली अभिनेत्री ज़रीन ख़ान उनसे गुफ़्तगू करने में लगी थीं.

ज़रीन ख़ान गुलाबी स्कर्ट और एक पारदर्शी टॉप पहने इस पार्टी में शरीक होने पहुंची थीं.

पर्दे और असल की हक़ीक़त

मैंने एक बात तो समझ ली थी. जैसे ये सितारे पर्दे पर नज़र आते हैं वैसे असल में दिखते नहीं.

इनके चेहरे, डील-डौल को कैमरा कैसे अक़्लमंदी से पेश करता है, वो एक कमाल की बात है.

इतने में 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' में नज़र आने वालीं शुमोना चक्रवर्ती तशरीफ़ लाईं.

वहां खड़े प्रेस के कई फ़ोटोग्राफर उन्हें श्रीमती कपिल शर्मा, मैडम शर्मा और शर्मा जी कहकर चिढ़ाने लगे. इन बातों का शुमोना पर कुछ असर नहीं पड़ा मानो उन्हें सब की आदत हो गई हो.

'ये मेरा गेस्ट'

आयोजक एक-एक कर अपने बुलाए मेहमानों की ख़बर ले रहे थे.

इतने में डीनो मोरया अपनी बाइक पर बिना हेलमेट लगाए पार्टी पर पहुंचे.

‘ये मेरा गेस्ट है ये मेरा गेस्ट है’ चिल्लाते हुए एक आयोजकों में से एक महिला दौड़ी और सीधे डीनो को पार्टी में ले गई.

जैक़लीन का जलवा

Image caption जैक़लीन फ़र्नांडिस, सलमान ख़ान के साथ फ़िल्म 'किक' में दिखेंगीं.

पर शाम की शान रहीं जैक़लीन फ़र्नांडिस, जो अपनी सफ़ेद रंग की बेहद छोटी ड्रेस में फोटोग्राफ़र्स की आंखों का तारा बन गईं.

सलमान ख़ान के साथ आने वाली फ़िल्म 'किक' की वजह से उनके आत्मविश्वास इन दिनों सातवें आसमान पर है और वो चर्चा में भी हैं.

सितारों के इस मेले में बेचारा वो अमरीका से आया प्रोडक्ट जिसके लॉन्च पर इतना शोशा हुआ, वो तो बस खाली एक डब्बे में पड़ा रह गया.

एक एक करके जब लोग पार्टी से निकलने लगे तो इस प्रोडक्ट का डब्बा सबके हाथों में लड्डू जैसे थमाया गया.

सही कहा गया है मुंबई में बस पार्टी करने का बहाना चाहिए.

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