रजनीकांत का एनीमेटेड अवतार पसंद आएगा दर्शकों को?

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रेटिंग: ***

इरॉस इंटरनेशनल और मीडिया वन ग्लोबल एंटरटेनमेंट की 'कोचेडियान-द लेजेंड' (तमिल में भी यह फ़िल्म इसी नाम से है) कहानी है एक महान योद्धा कोचेडियान (रजनीकांत) की, जो कोट्टईपट्टिनम शहर में अपने बेटे राणा रणविजय के साथ रहता है.

(ट्विटर पर रजनीकांत की धमाकेदार एंट्री)

कोट्टईपट्टिनम का राजा (नासिर), अपने सेनापति कोचेडियान की अपार लोकप्रियता से जलने लगता है.

उसके हाथ एक बार उसे रास्ते से हटाने का मौक़ा मिल ही जाता है, जब वह उस पर अपने सैनिकों की जान को जोखिम में डालने का आरोप लगाकर उसे मौत की सज़ा सुना देता है.

राज्य के लोगों के तमाम विरोध के बावजूद वह कोचेडियान को मरवा डालता है.

(बिग बी और रजनीकांत की मुलाक़ात)

उसके बाद कोचेडियान का बेटे राणा रणविजय (रजनीकांत, डबल रोल में) बड़ा होता है और अपने पिता की मौत का बदला अपने दुश्मनों से लेता है.

के एस रविकुमार की लिखी कहानी बिलकुल फेयरी टेल की तरह लगती है.

स्क्रीन प्ले

राजा-महाराजा की कहानी, राजकुमार-राजकुमारी का प्यार, सैनिकों की मुठभेड़, ये सारी बातें दक्षिण भारतीय दर्शकों को तो लुभा सकती हैं, जहां रजनीकांत भगवान की तरह पूजे जाते हैं, लेकिन बाक़ी जगहों पर यह कहानी कितना प्रभाव छोड़ेगी, कहना बेहद मुश्किल है.

हालांकि स्क्रीन प्ले में कई दिलचस्प बातें हैं, जो दर्शकों को बांधे रखती हैं लेकिन फ़िल्म के एनिमेशन में होने की वजह से ये व्यापक प्रभाव नहीं छोड़ पाएंगी.

हिंदीभाषी दर्शकों को फ़िल्म की कॉमेडी और संवाद लुभा नहीं पाएंगे.

रजनीकांत का कमाल

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Image caption रजनीकांत के प्रशंसकों को फ़िल्म पसंद आएगी. हालांकि एनिमेशन उत्कृष्ट नहीं है.

'परफॉर्मेंस कैप्चर' तकनीक़ से बनी इस फ़िल्म में रजनीकांत और दीपिका पादुकोण दोनों ही बेहतरीन लगे हैं.

सरथ कुमार, जैकी श्रॉफ़ और नासिर भी अच्छे रहे हैं.

फ़िल्म की निर्देशक सौंदर्या रजनीकांत ने परफॉर्मेंस कैप्चर तक़नीक का इस्तेमाल करके भारत की पहली एनिमेशन फ़िल्म बनाई है.

एनिमेशन दमदार नहीं

इस प्रयास के लिए उनकी तारीफ़ की जानी चाहिए. हालांकि यह भी कहना होगा कि तकनीकी तौर पर फ़िल्म उतनी उत्कृष्ट नहीं बन पाई है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर का एनिमेशन अगर हम देखें तो 'कोचेडियान' उस लिहाज़ से पिछड़ी नज़र आती है.

फ़िल्म के एक्शन दृश्य बेहतरीन हैं. सेट्स कमाल के हैं. डबिंग अच्छी है और एडिटिंग भी बेहद चुस्त है.

कुल मिलाकर 'कोचेडियान- द लेजेंड' में हिंदीभाषी दर्शकों के लिए कुछ ख़ास नहीं है. लेकिन इसके तमिल संस्करण के बॉक्स ऑफ़िस पर धमाल मचाने की पूरी उम्मीद है. रजनीकांत की ज़बरदस्त लोकप्रियता का फ़ायदा फ़िल्म के तमिल संस्करण को ज़रूर मिलेगा.

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