रिश्तेदार बोलते हैं बच्चा पैदा कर: वरुण ग्रोवर

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"बचपन में 'प्यार हुआ इकरार हुआ' गाने के उपर कंडोम का विज्ञापन आता था, तब मैं शर्म के मारे पानी पीने चला जाया करता था क्योंकि पूरा परिवार आसपास होता था. आज भी जब मैं यह गाना सुनता हूं तो पानी पीने चला जाता हूं."

यह कहना है गीतकार वरुण ग्रोवर का, जिन्होंने 'कटियाबाज़' और 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' जैसी फ़िल्मों के गाने लिखे. वरुण का यह 'हुनर' गाना लिखने तक ही सीमित नहीं.

वह एक स्टैंड-अप कॉमेडियन भी हैं. दिल्ली में अपना एक शो परफ़ॉर्म करने आए वरुण ने माना कि लोग धीरे-धीरे ख़ुद पर हंसना भूल रहे हैं जो घातक बात है.

न्यू डेल्ही कॉमेडी क्लब ने दिल्ली के अक्षरा थिएटर में 'ऐसी तैसी डेमोक्रेसी' नामक एक शो किया, जिसमें वरुण ग्रोवर, संजय रजौरा और गायक-संगीतकार राहुल राम ने हिस्सा लिया.

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'वंश आगे बढ़ाओ'

बातचीत करते समय उनकी मुद्रा धीर-गंभीर थी पर वह एक के बाद चुटकुले कहे चले जा रहे थे.

वरुण ग्रोवर कहते हैं, "मेरे रिश्तेदार बोलते रहते हैं बच्चा पैदा कर. अकेले घर में बोर हो जाएगा. मैं कहता हूं कि मेरी ज़िंदगी कोई आर्ट फ़िल्म थोड़े न है, जो बोर हो जाऊंगा."

वरुण के रिश्तेदार जब कहते हैं कि बच्चे से वंश बढ़ेगा तो वो कहते हैं, "मैं चंद्रगुप्त मौर्य थोड़े न हूं, जो वंश आगे बढ़ाना ज़रूरी है. और डायनासोर भी नहीं हूं कि विलुप्त हो जाऊंगा."

देखिए स्टूडियो मे वरुण ग्रोवर

'ऐसी-तैसी डेमोक्रेसी'

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वरुण के साथ ही आए थे कॉमेडियन संजय रजौरा जो कहते हैं कि आज भी हमारे गांवों में पानी-बिजली का एक साथ आना वैसा ही दुर्लभ है जैसे हेली का धूमकेतु दिखना."

'ऐसी तैसी डेमोक्रेसी' में हास्य के ज़रिए देश के हाल बयां किए गए.

इस नाटक को दर्शकों से काफ़ी वाहवाही भी मिली.

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