'लायर्स डाइस' पर विवाद, निर्देशक चुप

  • 1 अक्तूबर 2014
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फ़िल्म 'लायर्स डाइस' को भारत की ओर से ऑस्कर में भेजे जाने के बाद पैदा हुए विवाद पर फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास कुछ भी नहीं बोलना चाहती हैं.

बीबीसी से बात करते हुए गीतू ने कहा, "मैं भला इस पर क्या बोलूं. मैं तो इस बात से बेहद ख़ुश हूं कि मेरी फ़िल्म इस सम्मान के लिए चुनी गई."

दरअसल निर्देशक हंसल मेहता ने फ़िल्म फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया से 'लायर्स डाइस' के चयन पर नाख़ुशी ज़ाहिर की थी.

फ़िल्म फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया, ऑस्कर के लिए भारत की ओर से फ़िल्मों का चयन करता है. हंसल ने इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाए.

ख़ुद हंसल मेहता की फ़िल्म 'शाहिद' ऑस्कर के लिए रेस में थी.

'लायर्स डाइस' को सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फ़िल्म कैटेगरी में भारत की ओर से भेजा गया है.

'लायर्स डाइस'

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Image caption फ़िल्म 'लायर्स डाइस' के कलाकार नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी और गीतांजली थापा

फ़िल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी और गीतांजली थापा ने मु्ख्य भूमिकाएं अदा की हैं.

ये गीतू की बतौर निर्देशक पहली फ़िल्म है.

इससे पहले उन्होंने एक शॉर्ट 'फ़िक्शन' फ़िल्म 'केल्कुनुंडो' भी बनाई जिसे काफ़ी पुरस्कार मिले और कई फ़िल्म महोत्सवों में दिखाई गई.

गीतू, जिन्होंने लगभग 40 मलयालम फ़िल्मों में बतौर अभिनेत्री काम किया है, ख़ुद को मलयालम फ़िल्म इंडस्ट्री की 'बच्ची' मानती हैं.

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गीतू ने कहा, "मैं एक चाइल्ड आर्टिस्ट थी और फिर मैं हीरोइन बनी और बहुत सारी फ़िल्मों में काम किया. पर मैं अपने आपको तैयार कर रही थी एक फ़िल्मकार के रूप में. मुझे एक्टिंग से ज़्यादा पटकथा लेखन, स्क्रिप्टिंग और क्रिएटिविटी में मज़ा आता था."

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