'हां, मेरी हिंदी कमज़ोर है'

  • 1 नवंबर 2014
लीजा हेडेन इमेज कॉपीरइट The Shaukeens

लीज़ा हेडन खुलकर मानती हैं कि हिंदी पर उनकी पकड़ कमज़ोर है.

बीबीसी से बात करते हुए वह कहती हैं, "हिंदी हमेशा मेरी परेशानी रहेगी क्योंकि यह मेरी मातृभाषा नहीं है लेकिन फ़िल्म के दौरान तैयारी का समय मिल जाता है."

इसके बावजूद लीज़ा को लगता है कि बॉलीवुड में उनका भविष्य उज्ज्वल है.

इमेज कॉपीरइट Hoture

लीज़ा के मुताबिक़, "मैं भाषा समझती हूं इसलिए अपनी लाइन अच्छी तरह याद कर लेती हूं. इससे आसानी हो जाती है."

'द शौकीन्स'

लीज़ा जल्द ही दिखेंगी अक्षय कुमार के साथ फ़िल्म 'द शौकीन्स' में. फ़िल्म 1981 में रिलीज़ हुई बासु चटर्जी की फ़िल्म 'शौकीन' का रीमेक है.

इसमें अनुपम खेर, अन्नू कपूर और पीयूष मिश्रा की भी अहम भूमिकाएं हैं.

इमेज कॉपीरइट The Shaukeens

कंगना रानाउत की फ़िल्म 'क्वीन' में लीज़ा के अभिनय की भी तारीफ़ हुई थी.

इससे पहले तक उन्हें मूलत: मॉडल के बतौर ही जाना जाता था.

वह कहती हैं, "जब मैं मॉडलिंग करती थी, तभी मुझे फ़िल्मों के ऑफ़र आने शुरू हो गए थे. कुछ फ़िल्मों के लिए मैं यूं ही हां कह देती थी.''

वह बताती हैं, "लेकिन 'क्वीन' के बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरे पास एक्टिंग के ज़रिए कुछ बड़ा करने का मौक़ा है. मुझे लगा कि मुझे इसे गंभीरता से लेना चाहिए."

अफ़सोस नहीं

इमेज कॉपीरइट Hoture

हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में लीज़ा ने 2010 में सोनम कपूर की फ़िल्म 'आयशा' में एक छोटी सी भूमिका से शुरुआत की थी.

इसके बाद उन्हें 'रासकल्स' में काम करने का मौक़ा मिला लेकिन दोनों ही फ़िल्मों को समीक्षकों और दर्शकों ने नकार दिया.

लीज़ा को इस बात का कोई अफ़सोस नहीं है.

वह कहती हैं, "मुझे एक्टिंग के अच्छे मौक़े का इंतज़ार था. क्वीन से पहले की फ़िल्मों में मुझे अपना एक्टिंग टैलेंट दिखाने का मौक़ा नहीं मिला. तब एक एक्टर के तौर पर मेरी शुरुआत ही नहीं हुई थी. ऐसे में निराशा या अफ़सोस जैसी कोई बात नहीं है."

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार