सदाशिव अमरापुरकर का निधन

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हिंदी फ़िल्मों के मशहूर खलनायक सदाशिव अमरापुरकर का मुंबई में निधन हो गया है.

64 साल के अमरापुरकर पिछले आठ दिनों से कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती थे. वह फेफड़ों में संक्रमण से जूझ रहे थे.

उनकी बेटी रीमा अमरापुरकर ने बीबीसी को बताया कि अमरापुरकर ने भारतीय समयानुसार सोमवार तड़के दो बजकर 45 मिनट पर अंतिम सांस ली.

अमरापुरकर ने क़रीब 250 फ़िल्मों में काम किया जिनमें अर्धसत्य, सड़क, हुकूमत, आंखें और इश्क़ काफ़ी कामयाब रही हैं.

1984 में आई 'अर्ध सत्य' के लिए तो उन्हें सपोर्टिंग एक्टर की कैटगरी में फ़िल्म फ़ेयर एवार्ड मिला था.

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1991 में आई 'सड़क' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फ़िल्म फ़ेयर अवार्ड मिला था.

साल 2013 में आई फ़िल्म बाम्बे टॉकीज़ बतौर अभिनेता सदाशिव अमरापुरकर की आख़िरी फ़िल्म थी.

फ़िल्म के निर्देशक दिबाकर बनर्जी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि वे हिंदी के ही नहीं मराठी फ़िल्मों के भी बेहतरनीर अदाकार थे.

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