भारत: कौन सा टैटू सबसे लोकप्रिय है?

  • 8 नवंबर 2014
टैटू कलाकार

मुंबई में हाल ही में हुए टैटू महोत्सव में देश विदेश से आए कई कलाकारों से टैटू बनावाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी.

वैसे भारत के लिए टैटू नई बात नहीं है. पुराने समय में लोगों के नाम, उनके जन्म की तारीख़ बच्चे के जन्म के समय ही उनके हाथ पर लिख दी जाती थी.

लेकिन पश्चिमी संस्कृति के असर के बाद भारत के शहरों में टैटू की लोकप्रियता बढ़ी है.

बीते चार पांच वर्षो में ना सिर्फ टैटू बनवाने वालों की तादाद बढ़ी है बल्कि टैटू कलाकारों की संख्या में भी वृद्धि हुई है.

टैटू बनाना एक कला

नौ साल से इस व्यवसाय में लगे टैटू कलाकार रोशन कहते हैं, "जब मैंने शुरुआत की थी तो लोगों का नज़रिया इस कला को लेकर बेहद संकुचित हुआ करता था. लोग कहते थे क्या गांव से आया है!"

वहीं टैटू कलाकार अर्चना का कहना है, "जब मैंने बारहवीं में अपने शरीर पर टैटू बनवाया था तब मुझे तो लोग दूसरे ग्रह के प्राणी की तरह देखते थे. हमारे इस व्यवसाय को सम्मान नहीं दिया जाता था."

सभी टैटू कलाकार ख़ुद को आर्टिस्ट मानते हैं. फ़िल्मों में कलाकारों के टैटू देखकर लोगों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है और इससे जुडी हीन भावना कम हो रही है.

सबसे लोकप्रिय टैटू

अलग अलग इलाक़ों के लोगों की टैटू को लेकर पसंद भी अलग अलग है. उत्तर भारतीय अधिकतर 'शिव', 'बाघ 'और 'ओमकार' का टैटू बनवाते है जबकि दक्षिण भारतीय लोग तिरुपति का टैटू बनवाते है.

रोशन कहते हैं, "भारत में पौराणिक टैटू प्रचलित होने का एक कारण है कि ये टैटू लड़कियों के लिए सबसे सुरक्षित होते हैं क्योंकि इन्हें बनवाने से परिवार वाले नहीं रोकते हैं."

लेकिन वो ये भी मानते है कि पौराणिक टैटू बनाना सबसे कठिन है क्योंकि पौराणिक किरदारों के चित्र बेहद भव्य होते हैं और इन्हें बनाने में काफ़ी समय लगता है.

कमाई

सभी टैटू आर्टिस्ट मानते हैं कि अगर आपका काम साफ और अच्छा है तो इसमें कमाई बहुत है.

भारत में आर्टिस्ट अपनी प्रतिभा और टैटू में लगने वाली इंक की लागत को ध्यान में रखकर प्रति इंच के हिसाब से पैसे लेते हैं.

इसकी शुरुआती क़ीमत एक हज़ार रूपए से लेकर साढ़े तीन हज़ार रूपए तक हो सकती है.

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