अमिताभ का मुझ पर बहुत उधार है: आदिल

आदिल हुसैन, मोना सिंह

फ़िल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' में श्रीदेवी के पति की भूमिका में आदिल हुसैन को ख़ासी वाहवाही मिली.

उन्होंने 'कमीने', 'इश्क़िया' और 'रिलंक्टेंट फंडामेंटलिस्ट' में भी अहम भूमिकाएं निभाईं लेकिन आदिल को फ़िल्में करके मज़ा नहीं आता.

24 सालों से थिएटर से जुड़े आदिल कहते हैं, "थिएटर में पैसा नहीं है. अगर पैसे मिलते होते तो मैं कभी फ़िल्में नहीं करता. बल्कि थिएटर से जुड़े कलाकार फ़िल्मों में आते ही हैं सिर्फ़ पैसों के लिए. लेकिन असल मज़ा तो थिएटर में ही है."

इमेज कॉपीरइट ADIL HUSSAIN

आदिल हुसैन इस सप्ताह रिलीज़ होने वाली फ़िल्म 'ज़ेड प्लस' में लीड रोल में हैं.

फ़िल्म एक राजनीतिक व्यंग्य है, जिसमें आदिल ने गाड़ी के पंक्चर सुधारने वाले की भूमिका निभाई है.

फ़िल्म के निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी हैं.

'नहीं थे पैसे'

साल 2010 में रिलीज़ हुई 'इश्क़िया' से जुड़ा वह एक मज़ेदार किस्सा सुनाते हैं.

वह कहते हैं, "जब मेरे पास फ़िल्म का प्रस्ताव आया तो दिल्ली से मुंबई फ़्लाइट से जाने के मेरे पास पैसे नहीं थे. तब निर्देशक अभिषेक चौबे मुंबई से दिल्ली आए और मुझे स्क्रिप्ट सुनाई."

'इश्क़िया' में खलनायक की भूमिका निभाने के बाद आदिल की गाड़ी चल निकली.

अमिताभ का उधार

इमेज कॉपीरइट Sony Tv

आदिल, अमिताभ बच्चन के बहुत शुक्रगुज़ार हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि कैसे उन्होंने उनकी ज़िंदगी में योगदान दिया.

आदिल बताते हैं, "मैंने अपनी ज़िंदगी की शुरुआती कमाई अमिताभ बच्चन की आवाज़ निकाल कर हासिल की. इंग्लिश विंग्लिश में उनकी अतिथि भूमिका थी. तब मैं उन्हें ये बात बताना चाहता था लेकिन नहीं बता पाया. कभी मौक़ा मिलेगा तो बताउंगा कि आपकी आवाज़ निकाल कर मैंने बहुत खाया है. आपका उधार है मुझ पर."

आदिल हुसैन इस बात से संतुष्ट हैं कि उन्हें कुछ अच्छी फ़िल्में अब मिल रही हैं.

लेकिन बॉलीवुड से एक शिक़ायत भी है. आदिल के मुताबिक़ कई बार अच्छी फ़िल्में दर्शकों तक पैसे के अभाव में नहीं पहुंच पातीं.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार