मेरी जगह राजपाल यादव ने ले ली थी: जॉनी

  • 6 जनवरी 2015
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'मेरी जगह राजपाल यादव ने ले ली थी. वो सभी फ़िल्मों में काम कर रहे थे.' ये कहना है कॉमेडियन जॉनी लीवर का.

वो कहते हैं, "ऐसे में मुझे अपनी फ़ीस कम करने को कहा गया."

जॉनी लीवर ने बॉलीवुड में 400 से भी ज़्यादा फ़िल्में की है. कॉमेडी किंग कहे जाने वाले जॉनी लीवर बहुत जल्द नज़र आएंगे आने वाली फ़िल्म 'ब्युटीफूल' में. इस फ़िल्म में जॉनी लीवर दिखेंगे पंजाबी सरदार के अवतार में.

बीबीसी से हुई जॉनी लीवर की एक ख़ास बातचीत जिसमें उन्होंने बात की अपनी ज़िंदगी के बारे में.

राजपाल यादव

1992 से लेकर 2000 तक की सभी फ़िल्मों में जॉनी काम करते नज़र आए लेकिन फिर जॉनी ने फ़िल्में करना कम कर दिया.

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इस बारे में वो कहते हैं, "मेरी जगह राजपाल यादव ने ले ली थी. वो सभी फ़िल्मों में काम कर रहे थे और ऐसे में मुझे अपनी फ़ीस कम करने को कहा गया. काम तो मिलता था लेकिन पैसे कम देने की बात पर मैंने आराम करने की सोची और दूसरों को काम दिखाने का मौक़ा दिया. मैं काम के नाम पर कुछ भी नहीं कर सकता था क्योंकि मुझे ना तो कॉम्प्रोमाइज़ करना था और न ही छोटा दिखना था."

जॉनी लीवर को फ़िल्म स्टार की मिमिक्री करने में महारत हासिल है. उनकी इसी ख़ासियत ने उन्हें स्टेज शो करने का मौक़ा दिया. ऐसे ही एक स्टेज शो में सुनील दत्त की उन पर नज़र पड़ी.

उन्होंने जॉनी लीवर को फ़िल्म 'दर्द का रिश्ता' में पहला ब्रेक दिया. लेकिन जॉनी अपनी कामयाबी का श्रेय फ़िल्म बाज़ीगर को देते है.

वो कहते हैं, "मैं एक मिम्मक्री आर्टिस्ट था इसलिए मुझे सभी डायरेक्टर अपनी फ़िल्मो में लेते थे और अपनी फ़िल्मो में कभी ओम प्रकाश की मिम्मिक्री करवाते तो कभी किशोर कुमार की. मुझे कैरेक्टर करने का मौक़ा नहीं मिलता था लेकिन फ़िल्म 'बाज़ीग़र' में कैरेक्टर करने का मौक़ा मिला. तब लोगों ने कहा की यह लड़का तो एक्टिंग जानता है.

उन्होंने आगे कहा, "12 साल तक मुझे मिम्मक्री आर्टिस्ट ही समझा जाता था. लोगों को 12 साल लग गए मुझे एक्टर समझने में."

संघर्ष और दोस्त

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जॉनी लीवर ने अपनी ज़िन्दगी को सफल बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया है और उनके लिए एक संघर्ष और भी था हिंदी सीखना.

जॉनी कहते हैं, "मैं तमिलनाडु का हूं और मैंने सिर्फ़ सातवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की थी. हिंदी पढ़ाना हमें पांचवी कक्षा से शुरू की गई थी. मैंने बहुत मुश्किल से हिंदी बोलना सीखा. कई हिंदी नॉवेल पढ़े तब जाकर आई मुझे हिंदी."

जॉनी लीवर को फ़िल्म इंडस्ट्री में बहुत साल हो गए. इस इंडस्ट्री में अगर उनका कोई अच्छा दोस्त है तो वो है गोविंदा और अनिल कपुर लेकिन जॉनी कहते है कि उनके टपोरी दोस्त आज भी हैं.

जॉनी लीवर मुंबई के धारावी इलाक़े में रहा करते थे और आज भी उनका घर धारावी में है. वो आज भी अपने पुराने घर और दोस्तों से मिलने जाते हैं.

कॉमेडी से प्रभावित

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जॉनी लीवर की कॉमेडी से तो सभी युवा कॉमेडी एक्टर प्रभावित हैं लेकिन ख़ुद जॉनी लीवर किस से प्रभावित हुए?

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जॉनी लीवर इस पर कहते हैं, "एक्टिंग के लिए जॉनी वॉकर ,किशोर कुमार और महमूद साहब ने मुझे बहुत प्रभावित किया. जॉनी वॉकर अच्छे एक्टर थे और उनकी निजी ज़िदगी भी बहुत अच्छी थी. उन्होंने फ़िल्म और फ़ैमिली को बहुत अच्छा संभाला."

वो आगे कहते हैं, "उनसे मैंने ये चीज़ सीखी इसलिए मैं भी अपनी फ़ैमिली वालों के लिए बहुत सीरियस हूं क्योंकि लोग मुझे देख कर हंसते हैं लेकिन जिस दिन आपके घर वाले भी आप पर हंसने लगे तो आपको ठोकर ही मिलेगी. इसलिए थोड़ा बहुत सिरियस होना ज़रूरी है."

जॉनी कहते है कि उन्होंने महमूद साहब से बहुत कुछ सीखा लेकिन उनकी फ़ैमिली लाइफ़ अच्छी नहीं थी. उन्होंने जॉनी से कहा, "मैं सुधर नहीं पाया लेकिन तुम ऐसा मत करना और मैंने उन्हें फॉलो किया."

जेमी लीवर

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जॉनी लीवर की बेटी जेमी लीवर भी फ़िल्मों में आने वाली है.

इस बात से ख़ुश जॉनी ने कहा, "मेरी बेटी ने लंदन में पढ़ाई की है. जब वह वापस आई तो वह एक हास्य कलाकार बनना चाहती थी. एक मंच पर उसके प्रदर्शन के दौरान उसके काम से अब्बास-मस्तान बड़े प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि वह मेरी बेटी को अपनी अगली फ़िल्म में लेना चाहते हैं."

जॉनी लीवर की बेटी जेमी कपिल शर्मा के साथ एक फ़िल्म में दिखेंगी. फ़िल्म का नाम है 'किस किस को प्यार करूं'.

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