'शारीरिक संबंध की आज़ादी ही नहीं है सशक्तिकरण'

  • 31 मार्च 2015
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दीपिका पादुकोण का वीडियो 'माई च्वायस' को जितने लोग पसंद कर रहे हैं उतने ही लोग इसे नापसंद भी कर रहे हैं.

नारी सशक्तिकरण के नए पहलू को दिखाने के लिए बनाए गए इस वीडियो को लेकर अब काफ़ी लोग खुल कर आपत्ति दर्ज करवा रहे हैं. आपत्ति दर्ज करवाने वालों की लिस्ट में नया नाम जुड़ा है सोनाक्षी सिन्हा का.

दीपिका के हिसाब से इस वाडियो के माध्यम से उन्होनें अपने विचारों की अभिव्यक्ति की है लेकिन सोनाक्षी सिन्हा ने कहा, "मैैनें अभी तक दीपिका को वो वाीडियो नहीं देखा है लेकिन मुझे ये पता है कि वो वीडियो महिला सशक्तिकरण की विचारधारा को लेकर बना है."

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सोनाक्षी ने आगे कहा, "लेकिन मेरा मानना है कि सशक्तिकरण उन महिलाओं का किया जाना चाहिए जिन्हें इसकी ज़रूरत है न कि हम जैसे लोगों को जिनकी परवरिश सुख और समृद्धि में हुई हो."

सोनाक्षी इस पहल को अच्छा मानती हैं लेकिन वो कहती हैं, "महिला सशक्तिकरण का ये मतलब नहीं है कि आप किस तरह के कपड़े पहने या किसके साथ शारिरिक संबंध रखना चाहते हैं, मेरे लिए सशक्तिकरण है महिलाओं को रोज़गार और ताकत देना."

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वैसे सोनाक्षी ने ज़ोर देकर कहा कि ये वीडियो अच्छी पहल है लेकिन समाज के पिछड़े तबकों तक इसकी पहुंच ज़रूरी है. इस वीडियो में दीपिका के अलावा निमरत कौर, ज़ोया अख़्तर जैसी बॉलिवुड हस्तियां भी मौजूद हैं

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