लेडी बारटेंडर का अलग अंदाज़

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मुंबई के एक बार में एमी श्रॉफ़ बिंदास होकर ग्राहकों को ड्रिंक सर्व करती हैं.

बीच-बीच में 'फ्लेयर' का टैलेंट भी दिखाती हैं. एमी के अंदाज़ किसी करतब से कम नहीं.

जानते हैं कैसे एमी श्रॉफ बनीं लोकप्रिय 'फ्लेयर' बारटेंडर.

(देखिए: एमी के ट्रिक्स)

एमी की शुरुआत

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एमी ने अपनी शुरूआत के बारे में बताया, "मैं तब आठवीं में पढ़ती थी जब टॉम क्रूज़ को एक फ़िल्म में जगलिंग करते देखा. मैंने भी कोशिश की और कुछ ही मिनट बाद मैं उनके तीन करतब सीख चुकी थी. तब मेरे लिए ये एक ट्रिक और मज़े से ज़्यादा कुछ भी नहीं था. फिर कॉलेज के एक इवेंट के दौरान मेरी मुलाकात पुरुष बारटेंडर से हुई और बस यह सफ़र चल निकला."

एमी के पिता वकील और मां प्रोफ़ेसर हैं. उन्होंने एमी के इस शौक़ पर कोई आपत्ति नहीं जताई.

एमी बताती हैं, " एक इवेंट में मेरे पिता के किसी दोस्त ने मुझे फ्लेयर करते देख लिया और उन्हें बता दिया. लेकिन अच्छी बात यह रही कि उन्होंने पॉज़िटिव फीडबैक दिया था."

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वो आगे कहती हैं, "जब मैं घर आई तो पापा ने खुश होकर मेरा ही सीक्रेट मुझसे शेयर किया. ऐसा लगा जैसे एक बड़ी मुसीबत अचानक टल गई हो."

महिला सुरक्षा

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बारटेंडर बनना एक ऐसा पेशा है जिसे महिलाओं के लिए आमतौर पर सुरक्षित नहीं माना जाता.

जेसिका लाल हत्याकांड के बाद से इस पेशे को लेकर असुरक्षा की भावना आ गई थी.

इस पर एमी कहती हैं, " मुझे लगता है कि डर जैसी कोई भी चीज़ नहीं होती है. अगर आप में आत्मविश्वास है, आप मानसिक तौर पर मज़बूत हैं और दिल की सुन रहीं हैं तो किसी भी चीज़ से नहीं डरेंगी."

एमी के मुताबिक़ लड़की होने का तो उन्हें इस फ़ील्ड में फ़ायदा ही मिला.

"इस क्षेत्र में पुरुषों का दबदबा होने से मेरे लिए जगह बनाना आसान था क्योंकि महिला होने के नाते आपकी डिमांड बहुत ज़्यादा होती है, हालांकि मैं इस फ़ील्ड में इस मक़सद के साथ नहीं आई."

मुश्किल

एमी ने बताया कि इस पेशे में कई बार ऐसे पल भी आते हैं जब आपके लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं.

बार में आने वाले लोग आपको घूरते हैं, फ़ब्तियां कसते हैं. बार से जुड़ा पेशा होने के कारण समाज में भी लोग इस काम को पसंद नहीं करते.

लेकिन एमी के पास इसका भी 'हल' है.

वो बताती हैं, "हमें कभी कभी अपनी बॉडी लैंग्वेज को काफ़ी सख्त करना पड़ता है ताकि सामने वाला ये समझ जाए कि हम उसे पसंद नहीं कर रहे लेकिन घर वालों को अपना काम समझाना मुश्किल होता है."

एमी आगे कहती हैं, "हमारे पेशे में बार शब्द का जुड़ना ही इसे वर्जित बना देता है लोग इसे बारगर्ल से जोडक़र देखते हैं. उन्हें ये नहीं पता कि बारटेंडर एक शेफ़ की तरह ही होता है. वहां डिश न होकर ड्रिंक परोसी जाती है."

उसके बावजूद एमी को अपने काम पर गर्व है. वो मानती हैं कि उन्हीं की तरह हर लड़की को अपने दिल की सुननी चाहिए.

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