पीके नहीं है पीकू- शुजित सरकार

पीकू, अमिताभ, दीपिका, इरफ़ान इमेज कॉपीरइट Raindrop Media

'यहां', 'मद्रास कैफे' और 'विकी डोनर' सरीखी फ़ि‍ल्‍में बनाने वाले निर्देशक शुजित सरकार नई फ़िल्म 'पीकू' ला रहे हैं. इसमें अमिताभ बच्‍चन, दीपिका पादुकोण और इरफ़ान ख़ान मुख्‍य भूमिका में हैं.

कैसा रहा इस फ़िल्म निर्माण का अनुभव और कौन सी फ़िल्में सुजित को पसंद हैं- बीबीसी हिंदी से बातचीत के मुख्य अंश.

आउट ऑफ़ द बॉक्स

बड़े सितारों के साथ काम करना कितना आसान रहा?

शुजित कहते हैं, "मुझे नहीं लगता है कि बड़े कलाकारों के साथ काम करने में कोई ख़ास मशक्‍क़त करनी पड़ती है. डेट मैच करना थोड़ा मुश्‍क‍िल काम होता है. बाक़ी सब तो आसानी से हो जाता है."

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फ़ि‍ल्‍म का नाम 'पीकू' है, इससे पहले 'पीके' नाम से भी फ़ि‍ल्‍म आ चुकी है. ऐसे में फ़ि‍ल्‍म के नाम को लेकर मन में कोई सवाल उठा था?

मुस्‍कुराते हुए शुजित कहते हैं, "दरअसल, दोनों फ़ि‍ल्‍में अलग हैं. पीकू, बंगाली में पेट नेम होता है, जो लड़का और लड़की दोनों के लिए इस्‍तेमाल होता है. इसमें पीकू का किरदार दीपिका निभा रही हैं. यह ऑउट ऑफ़ द बॉक्‍स फ़ि‍ल्‍म है."

फ़ि‍ल्‍म में दीपिका के पिता के किरदार को अमिताभ निभा रहे हैं. इसकी स्‍क्र‍िप्‍ट लिखने से पहले ही कलाकारों के नाम तय कर लिए गए थे.

बकौल शुजित अमिताभ, इरफ़ान और दीपिका सभी को बता दिया था कि इस तरह की एक फ़ि‍ल्‍म की स्‍क्र‍िप्‍ट लिखी जा रही है.

शूबाइट का इंतज़ार

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अब तक शुजित ने जितनी भी फ़ि‍ल्‍में की हैं, सबका मिजाज़ अलग रहा है. वह कहते हैं, "मैंने ख़ुद को किसी शैली में बांधकर नहीं रखा. मेरे लिए अच्‍छी फ़ि‍ल्‍म का मतलब है, जो जीवन से जुड़ी हो, जिससे दर्शक दो घंटे तक बंधे रहे और घर जाते हुए कोई सीख अपने साथ ले जाएं."

अभी तक की अपनी फ़ि‍ल्‍मों में वह 'शूबाइट' को दिल के करीब बताते हैं और उसे जल्‍द से जल्‍द रिलीज़ कराने की कवायद में भी जुट गए हैं.

इस फ़ि‍ल्‍म में अमिताभ बच्‍चन मुख्‍य भूमिका में हैं. यूं तो यह फ़ि‍ल्‍म काफ़ी पहले बन गई, लेकिन कुछ प्रोडक्‍शन विवाद को लेकर रिलीज नहीं हो पा रही है.

शुजित कहते हैं, "जब भी मैं और अमि‍ताभ आमने-सामने होते हैं, तो 'शूबाइट' को लेकर आंखों ही आंखों में इशारा होता है."

मायानगरी से दूरी

फ़ि‍ल्‍मों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के सवाल पर जैसे छिपा दर्द बाहर आ गया हो.

शुजित कहते हैं, "आपको पता है 'मद्रास कैफ़े' तमिलनाडु में रिलीज नहीं हुई, सिंगापुर और लंदन में भी रिलीज नहीं हुई. तब मैंने कहा था कि यदि आपको नहीं पसंद तो न देखें, लेकिन किसी और को फ़ि‍ल्‍म देखने से न रोकें. क्‍योंकि हम फ़ि‍ल्‍मों को सेंसर करवा कर ही प्रदर्शित करते हैं. राजनीतिक कारणों से फ़ि‍ल्‍मों का विरोध न हो."

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पेशे से शुजित फ़ि‍ल्‍मकार हैं, लेकिन अपनी दोनों बेटियों को मायानगरी से कोलकाता शिफ़्ट कर दिया.

इसकी वजह बताते हैं, "एक दिन मैं घर आया तो पाया कि बेटियां चिकनी-चमेली पर डांस कर रही हैं. उनकी उम्र अभी इन चीज़ों में रमने का नहीं है, बल्‍कि आम बच्‍चों की तरह रिश्‍तों और दुनिया को देखने की हैं."

वैसे शुजित भी सिर्फ़ काम के सिलसिले में मुंबई आते हैं, उनका असल ठिकाना तो कोलकाता ही है.

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