ग्लैमर का सपना और बॉलीवुड का गहरा अंधेरा

शनिवार शाम मुंबई के अंधेरी इलाके में चाकू से गला काटकर आत्महत्या करने वाली मॉडल शिखा जोशी अपनी मौत के साथ बॉलीवुड का वो स्याह हिस्सा उघाड़कर चली गई जिसका ज़िक्र करने से लोग कतराते हैं.

40 वर्षीया शिखा जोशी, कुछ सालों से बॉलीवुड में काम कर रही थीं, सिर्फ़ इक्का-दुक्का टीवी रोल्स और फ़िल्म 'बीए पास' में एक किरदार के अलावा उन्हें ज़्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ.

शिखा ने एंबुलेंस में जाते वक़्त अपनी दोस्त के मोबाइल पर ये बयान दर्ज करवाया था कि उसने ये कदम काम न मिलने के कारण उठाया, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आत्महत्या के लिए शिखा को उकसाया तो नहीं गया था.

क्या बॉलीवुड इतना निर्मम है या सपने जितने चमकीले होेते हैं उनके टूटने का दर्द भी उतना ही गहरा होता है?

क़िस्मत-कनेक्शन

बॉलीवुड के तक़रीबन सभी सितारे मानते हैं कि यहां आपको काम करने के लिए प्रतिभा के अलावा किस्मत और कनेक्शन्स यानी जान-पहचान पर निर्भर रहना पड़ता है.

बॉलीवुड में अगर आपके नाम के आगे कपूर या चोपड़ा या सिर पर 'ख़ान' का हाथ नहीं है तो आपको काम पाने के लिए क़तार में लगना ही पड़ेगा.

अभिनेता आदिल हुसैन कहते हैं,"यहां जान-पहचान के लोग बहुत काम आते हैं क्योंकि वही आपकी प्रतिभा को किसी निर्माता-निर्देशक तक पहुंचा सकते हैं. मैं लकी था कि अभिषेक चौबे तक मेरा काम मेरे दोस्त ने पहुंचाया."

अभिनेत्री कंगना रनौत कहती हैं, "इंडस्ट्री में बाहर से आकर पैर जमाना बहुत मुश्किल होता है. लोग आपसे अलग बर्ताव करते हैं लेकिन अगर किस्मत साथ दे तो प्रतिभा रूकती नहीं है."

बुरा वक़्त

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बॉलीवुड में काम कर रहे लगभग हर कलाकार ने बुरा समय देखा है और इसकी सबसे बड़ी मिसाल सुपरस्टार अमिताभ बच्चन रहे हैं, लेकिन हालात से घबराकर उन्होनें आत्महत्या नहीं की.

सुपरहिट अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी हाल ही में स्वीकार किया था कि वो डिप्रेशन का शिकार थीं, "मैं शॉट करने के बाद अपने कमरे में जाकर फूट-फूट कर रोती थी क्योंकि मुझे लगता था कि मैं खुद के लिए वक़्त नहीं निकाल पा रही हूँ."

मनोचिकित्सक विशाल छाबड़ा कहते हैं,"ये फ़िल्मी दुनिया का दबाव है कि यहां आपको दूसरों से बेहतर दिखना होता है, उनसे ज्यादा लोकप्रिय होना होता है, तब आप पर दबाव और बढ़ जाता है जब आप ऐसा नहीं कर पाते."

अकेलापन

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बॉलीवुड की चमकीली दुनिया कितनी अकेली है, इस बात के कई उदाहरण वक़्त-वक़्त पर सामने आते रहे हैं. परवीन बाबी, सिल्क स्मिता, मीना कुमारी और हाल ही में ख़ुदकुशी करने वाली जियाह ख़ान इसके बड़ा उदाहरण रहे हैं.

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फ़िल्म 'बीए पास' में काम कर चुकी शिखा जोशी निजी ज़िंदगी में काफ़ी अकेली थीं. वो अमरीका में मौजूद अपने पति और बच्चे से अलग यहां मुंबई में काम तलाश कर रही थीं जो उन्हें नहीं मिल रहा था.

इस मामले में जो भी सच्चाई रही हो लेकिन शिखा मानिसक और आर्थिक दबाव में थी, मायानगरी की इस दौड़ में पिछड़ती शिखा ने आत्महत्या को ही अपना आखिरी रास्ता माना.

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