'मीथेनॉल' मिली शराब का खेल है पुराना

  • 25 जून 2015
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मुंबई में ज़हरीली शराब के सेवन के बाद मरने वाले 102 लोगों के परिवार सदमे में हैं लेकिन इलाके के पुराने लोगों का मानना है कि ज़हरीली शराब का यह पहला मामला नहीं है.

मीथेनॉल मिली शराब इस इलाके में पहली भी पकड़ी जा चुकी है लेकिन कोई बड़ी कारर्वाई नहीं की गई, क्या वाकई?

चार मौतें

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इलाके में शराब का धंधा करने के आरोप में फ्रांसिस नाम का व्यक्ति पुलिस की गिरफ़्त में है. लेकिन मालवणी के स्लम में बने उसके मकान को लोग इशारा कर उसके रसूख के बारे में बात करते हैं.

पुलिस के मुताबिक मालवणी की इनासवाड़ी में दारू की भट्टी चलाने वाले फ्रांसिस के मकान में किराए पर रहने वाले किराएदारों ने नाम का खुलासा न होने देने कि शर्त पर बताया, "फ्रांसिस को पहले भी पुलिस गंदी शराब के लिए पकड़ कर ले गई थी, तब इसका धंधा छोटा था और लोग भी 4 ही मरे थे इसलिए ये छूट गया."

लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरने वाले 4 लोगों के मौत से पहले के लक्षण वैसे ही थे जैसे इस बार के हादसे में.

फ़्रांसिस के पार्टनर राजू शेट्टी को इस हादसे से पहले से जानने वाले रघुनाथ पांडुरंग जाधव कहते हैं मीथेनॉल का ये खेल पुराना है.

ठाणे और विक्रोली

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रघुनाथ पांडुरंग बतौर लाईनमैन रेलवे में काम करते थे और इस दौरान ठाणे और आसपास के इलाको की कई दारू की गैरकानूनी दुकानों से शराब ख़रीदने की बात वो क़ुबूल करते हैं.

वो बताते हैं, "मैैं दारू पीना छोड़ चुका हूं औऱ इसका कारण ऐसी ही एक घटना रही है. हम ठाणे स्टेशन पर थे और वहां हमने राजू शेट्टी की जान पहचान की दुकान से 'पोटला' (शराब की थैली) खरीदा."

रघुनाथ की आंखे थोड़ी फ़ैल जाती हैं, "हम 6 दोस्त थे और किसी कारण से उस दिन मैंने शराब नहीं पी, अगले दिन वो सभी मरे हुए मिले. बाद में पुलिस रिपोर्ट में 'मीथेनॉल' वाली शराब का ज़िक्र आया था."

महाराष्ट्र पुलिस के आंकड़ो के मुताबिक साल 2004 में भी मुंबई के विक्रोली इलाके में ऐसी ही शराब से 84 मौतें हो चुकी थी.

मीथेनॉल

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पानी जैसा लगने वाला ये केमिकल पदार्थ शराब में 'किक' को बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है, लेकिन मानव शरीर के लिए मीथेनॉल किसी मारक ज़हर से कम नहीं है.

एसीपी सुरेश वेदक ने बताया, "मीथेनॉल नशे की मात्रा को एल्कोहल के मुक़ाबले ज्यादा बढ़ा देता है और यह एल्कोहल से काफ़ी कम दाम पर उपलब्ध है, ऐसे में गैरकानूनी शराब में फ़ायदे के लिए लोग इसे मिला देते हैं."

मालवणी की शराब में थोड़ा थोड़ा मीथेनॉल मिलाने का काम लंबे समय से जारी था लेकिन शुक्रवार को जब्त की गई शराब की लैब जांच में यह बात सामने आई है कि उस दिन शराब में सिवाए मेथानॉल के कुछ और था ही नहीं जिससे यह 'शराब' और घातक हो गई थी.

मुंबई पुलिस ने मालवणी में छापा मारकर 900 लीटर मेथानॉल मिली शराब जब्त की है लेकिन फ़ैक्ट्रियों से रासायनिक कचरे के रूप में निकलने वाले मीथेनॉल को ग़लत हाथों में पड़ने देने के लिए सख़्त क़दम उठाए जाने ज़रूरी हैं.

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