'बोल्ड' मसान में कोई कट नहीं करेंगे

  • 30 जून 2015
इमेज कॉपीरइट loudspeaker media

नीरज घेवान के निर्देशन में बनी फ़ि‍ल्‍म ‘मसान’ ने कान्‍स फ़िल्‍म फ़ेस्‍टिवल में अपने नाम दो पुरस्‍कार क‍िए और कम बजट के इस फ़िल्म की हर ओर प्रशंसा हो रही है.

बोल्ड विषय पर बनी इस फ़िल्म ने दुनियाभर के दर्शकों से प्रशंसा बटोरी है और इसका ट्रेलर हाल ही में मुंबई में जारी क‍िया गया.

फ़िल्म 24 जुलाई को रिलीज़ होगी.

इसके अलग-अलग पहलूओं पर पर हमसे कई बातें साझा की निर्देशक नीरज घेवान से.

कान्स का एहसान

इमेज कॉपीरइट loudspeaker media

नीरज मानते हैं कि फ़िल्म भले ही कितनी अच्छी हो लेकिन अगर विदेशों में इसे सराहना नहीं मिलती तो शायद भारत में इसे कोई पूछता भी नहीं.

बॉलीवुड के पीआर कल्चर पर वो कहते हैं, “कान्‍स की वजह से जो सुर्ख‍ियां मसान ने बटोरी हैं, भारत में उतनी पब्लिसिटी के लिए काफ़ी पैसा लगाना पड़ता."

इमेज कॉपीरइट loudspeaker media

भारत में स्टार कल्चर के चलते छोटे बजट की फ़िल्मों का बुरा हश्र कोई नई बात नहीं है और इसलिए ही मसान के अलावा, काका मुत्तई और किल्ला जैसी फ़िल्मों को निर्माता निर्देशक पहले फ़िल्म समारोहों में ले जाते हैं और फिर भारत में रीलीज़ करते हैं.

नीरज के मुताबिक़ विदेश में फ़िल्म ले जाने से अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कई ख़रीदार मिल जाते हैं.

कहानी

इमेज कॉपीरइट loudspeaker media

नीरज के मुताबिक़ मसान एक ही साल में बन कर तैयार हो गई थी लेकिन रिलीज़ में उन्होनें वक्त लिया.

वो बताते हैं, “गुड़गांव में नौकरी के दौरान मेरे एक सहकर्मी ने मुझे बनारस के घाट और वहां होने वाले दाहसंस्‍कार के बारे में बताया था. इसके बाद मैंने उन लोगों के बारे में सोचा, जो दिनभर इन शवों को जलाते होंगे. जीवन के प्रत‍ि उनके नज़र‍िए को ध्‍यान में रखकर छोटी-सी कहानी लिख ली.”

नीरज कॉरपोरेट जगत से आते हैं और वो एक वेबसाइट पर फ़ि‍ल्‍मों के बारे में लिखते थे, जहां अनुराग कश्‍यप भी लिखा करते थे.

अनुराग से वहीं दोनों की पहचान हुई और नीरज नौकरी को अलव‍िदा कहकर फ़िल्‍म ‘गैंग्‍स ऑफ़ वासेपुर’ के दौरान अनुराग के ए डी (असिस्‍टेंट डायरेक्‍टर) बन गए और सिलिसला चल पड़ा.

ग़लती

इमेज कॉपीरइट loudspeaker media

फ़िल्‍म फ़ेस्‍टिवल की शोभा बढ़ाने वाली फ़िल्‍मों के बारे में अक्सर कहा जाता है क‍ि वो व्‍यवसाय‍िक तौर पर कमज़ोर होती हैं लेकिन नीरज ऐसा नहीं मानते.

तो क्या भारतीय दर्शकों के लिए ‘मसान’ में कुछ बदलाव किए जाएंगे क्योंकि यह एक बोल्ड मुद्दें पर बनी फ़िल्म है ऐसे में नीरज कहते हैं, “कान्‍स से ज्‍़यादा भारतीय दर्शकों को देखने को म‍िलेगा. मैंने इसे थोड़ा और इमोशनल बना दिया है. क्‍योंकि हम भावुक क़िस्‍म के लोग हैं.”

नीरज बॉलीवुड में महज पांच साल पुराने हैं. उनके खाते में इससे पहले ‘शॉर्ट’ नाम की शॉर्ट फ़ि‍ल्‍म दर्ज़ है. अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ख्‍यात‍ि पाने वाली ‘मसान’ के बाद लोगों को बेहतर उम्मीदें हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार