चैपलिन को अमरीकी नागरिकता क्यों नहीं मिली

चार्ली चैप्लिन इमेज कॉपीरइट Other

चार्ली चैपलिन सिनेमा के पर्दे पर 100 साल पहले पहली बार दिखे थे.

उनकी फ़िल्में आज भी किसी को भी हंसा हंसा कर लोटपोट कर सकती हैं मगर उनका जीवन कई मायनों में अनजाना है.

उनके प्रशंसक इस मौक़े पर दुनियां भर में उन्हें इस मौक़े पर याद कर रहे हैं.

फ़िल्में

इसी श्रृंखला में मुंबई के एनसीपीए में भी 'चैपलिन लाइन्स' प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया जिसमें चैपलिन के 200 कार्टून्स प्रदर्शित हुए.

चैपलिन इंडिया फ़ोरम और कार्टूनिस्ट सुधीर नाथ के साझा आयोजित प्रदर्शनी में आर सरथ की फ़िल्म 'बुद्धा एंड चैपलिन स्माईल' भी दिखाई गई.

इन कार्टूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने विद्या बालन आई थीं.

इमेज कॉपीरइट Getty

विद्या चैपलिन की बड़ी फ़ैन हैं.

शुरूआत

चैपलिन को फ़िल्मों में काम करने का मौक़ा कैसे मिला ये कहानी अनोखी है.

चार्ली की मां एक गायिका थीं, लेकिन एक दिन स्टेज शो से ठीक पहले जब उनका गला ख़राब हो गया तो छोटे चार्ली को स्टेज पर भेजा गया.

पांच साल के चैपलिन का गाना लोगों को बहुत पसंद आया.

इमेज कॉपीरइट Other

चार्ली को भी स्टेज से प्यार हो गया.

चैपलिन की माली हालात ख़राब थी और पैसे की तंगी की वजह से उनके मां-बाप ने उन्हें अनाथालय भेज दिया जहां वो 18 महीनों तक रहे.

ख़ास बातें

1914-15 में पहली बार सिनेमा के पर्दे पर दिखे चैपलिन का काम लोगों को पसंद आया, लेकिन वह खुद अपने काम से खुश नहीं थे.

उन्होंने यह भी कहा था की निर्देशक ने ईर्ष्या की वजह से उनके दृश्य काट दिए.

चैपलिन की फ़िल्मों की अभिनेत्री हमेशा उनसे लंबी रही हैं, लेकिन फिर भी वो पहले अभिनेता थे जिन्होंने 'टाईम' मैगज़ीन के कवर पर जगह पाई.

चार्ली का मशहूर ड्रेस दरअसल उनकी दूसरी फ़िल्म में निभाए एक क़िरदार 'लिटिल ट्रैम्प' का था और फिर दो दशकों तक आई अपनी सभी फ़िल्मों में चार्ली इसी किरदार में रहे.

इमेज कॉपीरइट Other

चार्ली की पहली फ़ुल साउंड फ़िल्म 'दी ग्रेट डिक्टेक्टर' हिटलर को केंद्र में रखकर बनाई गई थी और ये बेहद लोकप्रिय हुई.

निजी जीवन में चैपलिन विवादित थे. उनकी कुछ फ़िल्मों की विषय वस्तु को देखकर अमरीका में ऐसा माना जाने लगा कि उनका झुकाव साम्यवादी विचारधारा की ओर था.

वो 40 साल तक अमरीका में रहे लेेकिन उन्हें वहां नागरिकता नहीं मिली.

चैपलिन की कब्र खोद कर उनके शव की चोरी कर ली गई थी.

चोरों ने शव लौटाने के लिए छह लाख अमरीकी डॉलर की मांग की, लेकिन वह नाकाम रहे और पकड़े गए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार