क्या मेरी छवि ख़राब थी, जो बदलूं: सलमान

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बॉलीवुड में अपनी दरियादिली के लिए मशहूर सलमान ख़ान का कहना है कि लोगों की मदद करने के पीछे उनका मक़सद अपनी छवि को बेहतर बनाना नहीं है.

'हिट एंड रन' मामले में क़ानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे सलमान कहते हैं, "एक्सीडेंट से पहले मेरी ऐसी कौन सी इमेज ख़राब थी जो मैं बदलना चाहता हूँ."

सलमान के मुताबिक़ चैरिटी उनके परिवार को विरासत में मिली है.

जल्द ही 'बजरंगी भाईजान' में दिखने वाले सलमान की मानें तो उनके 'कुत्ते भी अपना खाना गली के कुत्तों के साथ बाटते हैं.'

यहां करो मुक़ाबला

सलमान कहते हैं कि अगर कोई उनसे मुक़ाबला करना चाहता है तो चैरिटी में करे, न कि फ़िल्मों के कलेक्शन में.

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हालांकि सलमान कहते हैं कि उनके लिए ये पता लगाना कई बार मुश्किल होता है कि सामने वाला कहीं उन्हें बेवक़ूफ तो नहीं समझ रहा है.

सलमान बताते हैं, "कई लोगो ने तो हमें बेवकूफ समझ ही लिया है. सोचते हैं कि चलो सलमान पैसे बाँट रहा है, इससे ले लो."

उनके मुताबिक़, "मुझे पता चला कि कई लोग कमीशन लेते हैं और कहते हैं, हम सलमान से तुम्हे पैसे दिला देंगे लेकिन बदले में मुझे दस परसेंट देना."

कश्मीर में सिनेमा

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Image caption सलमान और करीना की 'बजरंगी भाईजान' ईद के मौके पर रिलीज होगी

सलमान जब 'बजरंगी भाईजान' की शूटिंग के लिए कश्मीर गए तो उन्होंने वहां न सिर्फ़ 75 वर्षीय एक विधवा महिला जायना बेगम की मदद की, बल्कि उनके पोते को फिल्म के सेट पर काम भी दिया.

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हालांकि कश्मीर पहुंचने पर उन्हें सबसे ज़्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि वहां सिनेमा नहीं है.

सलमान ख़ान कहते हैं, "मैं जब कश्मीर के लोगों से मिला तो मैंने उनसे पूछा, यहां थिएटर नहीं है तो आप सब लोग हम कलाकारों को कैसे पहचानते हैं? तो वे बोले डीवीडी पर देखते हैं, पूरे परिवार के साथ."

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