पाकिस्तान भी इंडिया का हिस्सा ही तो है: सैफ़

इस साल भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से जुड़े थीम पर तीन बड़ी बॉलीवुड फ़िल्में- बजरंगी भाईजान, वेलकम टू कराची और बेबी रिलीज़ हुई हैं.

अब भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर इस महीने 'फ़ैंटम' रिलीज़ हो रही है जिसके हीरो हीरो सैफ़ अली ख़ान हैं.

सैफ़ ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि 'पाकिस्तान भी तो इंडिया का हिस्सा ही तो है और दोनों मुल्कों के लोग भाई जैसे हैं.'

'लोगों का मूड बदला'

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क़बीर ख़ान की फ़िल्म 'फ़ैटम', हुसैन ज़ैदी की चर्चित किताब 'मुंबई एवेंजर्स' पर आधारित है.

सैफ़ इस फ़िल्म में एक भारतीय सुरक्षा एजेंट बने हैं.

सैफ़ कहते हैं कि अब दर्शक 'पाकिस्तान बैशिंग' वाली फ़िल्में नहीं बल्कि आपस में भाईचारे वाली फ़िल्में पसंद कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा, "पाकिस्तान भी इंडिया का हिस्सा ही तो है, और हम लोग भाई जैसे हैं. सभी जानते हैं कि अतीत में बहुत समस्या हुई हैं- कश्मीर का मुद्दा, आतंकवाद, पर कितनी फ़िल्में बनाएँगे उस बारे में?"

सैफ़ ने कहा कि अब आवाम का मूड बदल रहा है और अब भारत में लोग प्रगतिशील चीज़ें चाहते हैं, पुरानी नहीं.

'भगवान नहीं अपनाने तो स्वीकार तो करो'

भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में सैफ़ ने कहा, "पता नहीं भारत में असुरक्षा मुसलमानों के लिए कब से है?"

सैफ़ के अनुसार लोगों को अपनी सोच बदलने की ज़रूरत है. वो कहते हैं, "जब भी माइनॉरिटी की बात होगी तो असुरक्षा की बात होगी ही. लोगों को चाहिए कि वे एक दूसरे को समझें, अगर एक दूसरे के भगवान को अपनाना मुश्किल है तो कम से कम स्वीकार तो कर लीजिए."

सैफ़ ने भारत में लोगों के छोटी छोटी बातों पर गुस्सा हो जाने के रुख़ पर भी चिंता जताई.

उन्होंने कहा, "भारत में लोग छोटी छोटी बातों पर नाराज़ हो जाते हैं. ट्विटर पर कुछ लिख दिया जाए, जो फ़्रीडम ऑफ़ स्पीच है, तो बाद में उसके लिए माफ़ी मांगनी पड़ती है."

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बॉलीवुड में 25 साल पूरे कर चुके सैफ़ अपनी इमेज के अलग किरदार करने की चाह रखते हैं और उन्हें एक अच्छी कहानी की तलाश है.

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