अमिताभ को भी हुई थी टीबी की बीमारी

  • 12 सितंबर 2015

लोगों को पोलियो के बारे में जागरूक कराने वाले अभिनेता अमिताभ बच्चन अब टीबी पर जागरूकता अभियान से भी जुड़ गए हैं.

टीबी से पीड़ित लोगों को राहत दिलाने के लिए शुरू किए गए अभियान से अमिताभ बच्चन को बतौर एम्बैसेडर जोड़ा गया है.

इस साल यह दूसरा जागरूकता अभियान है जिससे अमिताभ बच्चन जुड़ रहे हैं. बीते महीने ही उन्होनें महाराष्ट्र सरकार के बाघ संरक्षण अभियान के लिए हामी भरी है.

अमिताभ को टीबी

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बिग बी ने 'टीबी फ़्री इंडिया' की प्रेस वार्ता में अपने एक अनुभव को साझा करते हुए बताया, "मुझे वर्ष 2000 में अचानक पता चला कि मैं टीबी से पीड़ित हूँ, इससे बचने के लिए भारी मात्रा में दवाइयों की खुराक लेनी पड़ी, अगर टीबी मुझे हो सकती है तो किसी को भी हो सकती है."

अमिताभ ने बताया कि कैसे टीबी का रोगी आराम से काम कर सकता है, शर्त सिर्फ़ इतनी है कि दवा की गोलियां लेने में कोई कोताही न बरती जाए.

अमिताभ ने बताया कि अभी भी भारत में टीबी को एक अवांछनीय बीमारी माना जाता है और लोग इससे डरते हैं.

अमीरों की बीमारी

अमिताभ कहते हैं, "लोग इस बीमारी से घबराते हैं, टीबी से फ़िल्मों में लोगों को मरते देख लोगों को असल ज़िंदगी में भी इससे डरते देखा जा सकता है, लेकिन यह लाइलाज नहीं है."

'टीबी फ़्री इंडिया' के आंकड़ो को मानें तो कभी महानगरों में होने वाली यह बीमारी अब तेज़ी से मुंबई की झुग्गी बस्तियों में फैल रही है.

टीबी के मरीजों के साथ होने वाले बुरे बर्ताव के बारे में अमिताभ कहते हैं, "टीबी प्रभावित लोगों के साथ दुर्भाग्यवश भेदभाव होता है, खासकर विवाहित महिलाएं इसका शिकार होती हैं, या लड़कियों को शादी के प्रस्ताव मिलने में दिक्कत होती है."

"अगर शादी हो गई तो घर से बाहर कर देते हैं. समाज में फैली इस कुप्रथा को हम इस अभियान से ठीक कर सकते हैं, जैसे उचित दवा से टीबी को."

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