बिकिनी और ग्लैमर के अलावा बहुत कुछ है फ़िल्म में

'चांदनी बार,'फ़ैशन' और 'हीरोइन' जैसी महिला प्रधान फ़िल्मे बनाने वाले मशहूर निर्माता निर्देशक मधुर भंडारकर अब तैयार हैं अपनी नई फ़िल्म 'कैलेंडर गर्ल्स' के साथ.

दर्शको के बीच इस फ़िल्म को लेकर जो अटकलें हैं उसे साफ़ करते हुए मधुर भंडारकर का कहना है कि मेरी फ़िल्म में सिर्फ़ बिकिनी और ग्लैमर के अलावा भी बहुत कुछ है.

नाराज़गी

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जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है 'कैलेंडर गर्ल्स' उन मॉडल्स की ज़िंदगी पर आधारित फ़िल्म है जो नामी गिरामी कंपनियों के विज्ञापन वाले कैलेंडर में नज़र आती हैं.

ग्लैमर का तड़का लिए ये कैलेंडर युवाओं में ख़ासे लोकप्रिय हैं लेकिन इस लोकप्रियता के पीछे छिपी इन मॉडल्स की दर्दनाक कहानी मधुर अपनी फ़िल्म से बयां कर रहे हैं.

मधुर ने बीबीसी को बताया,"मेरी फ़िल्मे सच के बेहद करीब होती हैं जिसकी वजह से मुझे कई लोगों की नाराज़गी भी सहनी पड़ती हैं लेकिन अपनी फ़िल्मों से मैं अक्सर एक सीख देने की कोशिश करता हूँ."

बदलाव

मधुर कहते हैं कि उन्हें इंडस्ट्री वाले लोगों से ही विद्रोह का सामना करना पड़ता है क्योंकि वो मुद्दों की कलई खोलते हैं.

वो कहते हैं,"ट्रैफ़िक सिग्नल बनाने के बाद मुझे भिखारियों ने आकर कहा था कि मेरी फ़िल्म की वजह से उन्हें लोगों ने भीख देना बंद कर दिया."

वहीं एक दोस्त ने अपनी बेटी को मॉडलिंग में जाने से रोक दिया क्योंकि मधुर की हिट फ़िल्म 'फ़ैशन' ने उस इंडस्ट्री के प्रति मधुर के दोस्त का नज़रिया ही बदल दिया था.

सच्चाई

मधुर मानते हैं कि वो हमेशा ऐसी ही फ़िल्मे बनाएंगे जो सच के क़रीब होंगी,"इंडस्ट्री के लोग मुझसे नाराज़ होते हैं, वो समझते हैं मैं उन पर कटाक्ष कर रहा हूं लेकिन मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं हैं और न ही मैं किसी से डरता हूं."

15 सालों से बॉलीवुड में काम कर रहे मधुर आज भी ख़ुद को एक मध्यम वर्गीय परिवार का सदस्य मानते हैं और चाहते हैं कि उनकी फ़िल्में पर्दे पर हक़ीक़त बयान करे, फ़लसफ़े नहीं.

फ़िल्म कैलेंडर गर्ल्स में मधुर ने जानी पहचानी अभिनेत्रियों की बजाए 5 नई अभिनेत्रियों क्यारा दत्त, आकांशा पुरी, अवनी मोदी, सतरूपा और रूही सिंह को मौका दिया है और यह फ़िल्म 25 सितम्बर को रिलीज़ होगी.

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