गुजराती 'गरबा' नहीं, अब होगा मराठी 'भोंडला'

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव निर्माण सेना का कहना है कि वो नवरात्रि के दौरान अपने पंडालों में सिर्फ़ मराठी गाने ही बजाएंगी.

पार्टी की महासचिव शालिनी ठाकरे ने बीबीसी को बताया, "एमएनएस के नवरात्र पंडालों में गुजराती गानों की जगह मराठी लोक गीत 'भोंडला' बजाया जाएगा."

'नवरात्रि सिर्फ़ गुजराती उत्सव नहीं'

शालीनी ठाकरे ने बताया, "नवरात्रि और गरबा उत्सव जितना गुजरातियों का हैं, उतना ही मराठियों का भी है."

शालिनी इस बारे में आगे कहती हैं, "हम गरबे में गुजराती गानों की जगह 'भोंडला' जो कि मराठी लोक गीत हैं उन्हें बजाएंगे."

मुंबई के जुहू इलाक़े में गरबा उत्सव का आयोजन कर रहे अभय महाजन कहते हैं, "गरबे के दौरान हम सभी तरह के गाने बजाते हैं, चाहे फिर वो हिंदी हो या मराठी. गरबा खेलने वाले सभी गानों का अानंद उठाते हैं."

हालांकि महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने दूसरे पंडालों को ऐसा करने पर अभी तक विवश नहीं किया है.

शालिनी ठाकरे दूसरी पर्टियों पर ताना कसते हुए कहतीं हैं, "हम दूसरों की तरह नहीं है, जो आपके घर में आकर आपको बताएं कि क्या खाना है और क्या पहनना है. यह हमारा अपना फ़ैसला हैं."

जनता की प्रतिक्रिया

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सालों से गरबा-रास नवरात्रि की पहचान बन गया है. सवाल है कि राज ठाकरे की पार्टी क्या गरबे में गुजराती की जगह मराठी गाने थोप रही है?

मुंबई में रहने वाली निकिता देसाई कहतीं हैं, "नवरात्रि में हम हमेशा गरबा ही करते आए हैं, गरबे की जगह कोई और नृत्य कैसे कर सकते हैं."

एमएनएस के इस फ़ैसले की सफलता पर संदेह करते हुए प्रकाश सोमानी कहतें हैं, "गरबा और डांडिया मूल रुप से गुजरात से जुड़े हुए हैं, हालांकि इसे किसी भी राज्य के गाने पर किया जा सकता है."

महाराष्ट्र नव निर्माण सेना इसका आयोजन मुंबई के 12 विधानसभा क्षेत्रों में करेंगी जो मुंबई के पश्चिमी क्षेत्र में पड़ते है.

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