मैं आतंकवादी नहीं, एक कलाकार हूँ

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Image caption पाकिस्तानी बॉलीवुड गायक जावेद बशीर बीबीसी स्टूडियो में

'मैं आतंकवादी नहीं हूँ एक कलाकार हूँ, जो लोग कलाकारों का विरोध करते हैं उन्हें कला की समझ ही नहीं हैं.' ये कहना है पाकिस्तानी संगीतकार जावेद बशीर का जो हाल ही में प्रस्तुति देने के लिए भारत आए थे.

जावेद बशीर ऐसे वक़्त में भारत आए जब मुंबई में ग़ज़ल गायक ग़ुलाम अली का कंसर्ट शिवसेना के विरोध के कारण रद्द करना पड़ा.

शिवसेना ने टिप्पणीकार सुधींद्र कुलकर्णी के मुंह पर पूर्व पाकिस्तानी विदेश मंत्री की किताब का विमोचन समारोह आयोजित करने के लिए कालिख भी पोत दी.

इस विरोध पर जावेद बशीर कहते हैं, "ये कुछ ही लोग हैं जो विरोध करते हैं और भारत पाकिस्तान के बीच नफ़रत पैदा करते हैं. हिंदुस्तान और पाकिस्तान का बंटवारा हुए सालों बीत चुके हैं. अब दोनों देशों को आगे बढ़ना चाहिए."

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Image caption जावेद बशीर

जावेद मानते हैं कि संगीत ही दोनों देशों को क़रीब ला सकता है. वे कहते हैं, "दोनों देशों के बीच में तनाव की स्तिथि बनी रहती है लेकिन इस तनाव को किसी ने कम किया है तो वो है संगीत. संगीत पर भारत और पाक दोनों का साझा हक़ है."

'कॉकटेल', 'रश', 'भाग मिल्खा भाग' और 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' जैसी फिल्मों में गाने वाले जावेद बशीर को अब भारत अपना दूसरा घर लगता है.

बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं तीन साल से बॉलीवुड में काम कर रहा हूँ. भारत आकर लगता है अपने दूसरे घर आया हूँ. संगीत एक मोहब्बत का सिलसिला है. भारत मुझे कभी दूसरा देश लगा ही नहीं."

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Image caption जावेद बशीर

भारत में हाल के दिनों में पाकिस्तान और पाकिस्तान से जुड़े कलाकारों और खिलाड़ियों का विरोध बड़ा है. क्या ऐसे माहौल में उन्हें भारत आते हुए डर लगा.

जावेद कहते हैं, "ग़ुलाम अली ख़ान साहब का कंसर्ट रद्द होने के बाद मुझे जब भारत बुलाया गया तो मुझे बिलकुल डर नहीं लगा. मैं कलाकार हूँ, आतंकवादी नहीं हूँ. मैं सालों से भारत आ रहा हूँ. बुलाया गया तो आगे भी आता रहूंगा."

जावेद कहते हैं, "संगीत मेरी रोज़ी रोटी हैं. भारत में मुझे प्यार मिला है. भारतीय कलाकारों को भी पाकिस्तान में ऐसा ही प्यार मिलता है."

जावेद कहते हैं, "बजरंगी भाईजान को पाकिस्तान में बहुत पसंद किया गया और ये वहां सुपरहिट हुई. शाहरुख़ ख़ान, अभिषेक बच्चन, अक्षय कुमार और सैफ़ अली ख़ान जैसे सितारों के फैंस वहां बड़ी तादाद में हैं. भारतीय गाने हर घर में सुने जाते है."

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Image caption जावेद बशीर बीबीसी स्टूडियो में श्वेता सिंह के साथ

जावेद कहते हैं कि पाकिस्तान में भारतीय फ़िल्में बैन नहीं होती बल्कि पसंद की जाती है. वे कहते हैं. "ये जो इस तरह की बातें फैलाते हैं की पाकिस्तान में फिल्मों को बैन कर दिया गया है ये दुश्मनी बढ़ाने वाली बातें हैं. अभी मिक्का सिंह का पाकिस्तान में एक म्यूज़िकल कॉन्सर्ट था और वहां मिक्का को देखने और सुनने के लिए सड़के जाम हो गई थीं.

बॉलीवुड में अपने सफ़र के बारे में उन्होंने कहा कि शंकर एहसान लॉय के साथ काम करने का अनुभव सबसे बेहतरीन रहा.

वे कहते हैं कि उन्हें उम्मीद है कि आगे भी उन्हें बॉलीवुड में अच्छे प्रोजेक्ट्स मिलते रहेंगे.

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