'मामी' में इन फ़िल्मों ने लूटी तारीफ़

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मुंबई में जारी मुंबई अकेडमी ऑफ़ मूविंग इमेजेज़ फ़ेस्टिवल में विश्व भर से आई फ़िल्में दिखाई जा रही हैं.

उत्सव में शामिल कुछ फ़िल्में तो पहली बार दिखाई गईं, तो कुछ पहले से ही चर्चित थीं.

दिखाई जानेवाली फ़िल्मों में उल्लेखनीय एक है आइरिश निर्देशक लिओनार्ड 'लेनी' अब्राहमसन की 'रूम' जो एक ऐसे मां-बेटे की कहानी है, जो सात साल तक एक कमरे में क़ैद रहते हैं.

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मां बेटे जैक को क़ैद में कहानियां सुनाती है और जैक को लगता कि दुनिया बस इस कमरे तक ही है.

एक दिन मां-बेटे क़ैद से भाग निकलते हैं और उन्हें पता चलता है कि इन सात सालों में दुनिया काफ़ी बदल चुकी है. यह फ़िल्म लेखिका एमा डोनाह्यु की इसी नाम की बेस्ट सेलर किताब पर आधारित है.

ग्रीक निर्देशक योर्गोस लान्थिमोस की साइंस फ़िक्शन-कॉमेडी-ड्रामा 'द लॉबस्टर' भी यहां दिखाी गई. इस फ़िल्म का कथानक बेहद ही दिलचस्प है.

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यदि कोई अकेला व्यक्ति 45 दिनों के भीतर अपना साथी नहीं ढूढ़ पाता, तो वह अपने पसंदीदा जानवर के रूप में जन्म लेता है. यह फ़िल्म युगल आधारित समाज पर कटाक्ष है.

जाने-माने ईरानी फ़िल्मकार जफ़र पनाही की फ़िल्म 'टैक्सी' भी दर्शकों को बेहद पसंद आई. पनाही ने फ़िल्म में अपने देश पर तीखे प्रहार किए हैं.

तेहरान में टैक्सी चालक बन कर ज़फ़र ने अपनी सवारियों की असल प्रतिक्रिया को फ़िल्माया है. आपको बता दें कि पनाही की फ़िल्में इरान में प्रतिबंधित है, लेकिन विश्व में वे प्रतिष्ठित फ़िल्मकार के रूप में जाने जाते हैं.

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पनाही अपनी फ़िल्में को बड़ी ख़ामोशी ने तैयार करते हैं. फिर वो फ़िल्म फ़ेस्टिवल्स तक पहुंचती हैं. पनाही की ये फ़िल्म बर्लिन फ़िल्म फ़ेस्टिवल में विजेता रही है.

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चीन के ताइवानी निर्देशक हो स्यो स्यांन की फ़िल्म 'द असेसिन' की बुनावट भी जबरदस्त है.

मार्शल आर्ट्स से भरी इस फ़िल्म में एक लड़की को उस व्यक्ति की हत्या का काम सौंपा जाता है. वो व्यक्ति कभी उसके मंगेतर हुआ करते थे.

यह एक पीरियड फ़िल्म है. इस फ़िल्म को कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल में श्रेष्ठ निर्देशन का अवॉर्ड भी मिला है.

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ऑस्कर विजेता निर्देशक पाओलो सोरेन्टिनो की फ़िल्म 'यूथ' दो उम्रदराज दोस्तों की कहानी है. ये दोनों ज़िन्दगी के प्रति रवैये को ज़ाहिर करते हैं,उ न्हें अपनी उम्र बीत जाने का अफ़सोस है.

इसके अलावा नोबल पुरस्कार विजेता मालाला युसुफ़ज़ई पर बनी डॉक्युमेंट्री 'ही नेम्ड मी मलाला' भी ख़ासी चर्चित रही.

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इसी तरह 'द वर्जिन माउन्टेन', 'द सेकंड मदर', 'स्वॉर्न वर्जिन','मिया माद्रे', 'फ़्रॉम अफार', 'द क्लब', 'ऑं प्लस उ्युन' (वन प्लस वन), 'माउन्टेन्स मे डिपार्ट' को भी दर्शकों ने सराहा.

मुंबई फ़िल्म फेस्टिवल 5 नवंबर को सामाप्त होगा.

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