अभिनेता अब चाहते हैं गाने का सुरूर

पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड अभिनेताओं का अपनी फ़िल्मों में खुद गाना गाने का चलन बढ़ा है लेकिन कई अभिनेता इसे सही नहीं मानते.

हाल ही में अपने नए एलबम 'यही हूं मैं' की रिलीज़ के मौके पर अभिनेता आयुष्मान खुराना ने भी सहमति जताते हुए कहा, "फ़िल्मों में अभिनेता और गायक अलग-अलग होने चाहिए."

वर्ष 2012 में फ़िल्म 'विक्की डोनर' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले आयुष्मान ने अपनी लगभग हर फ़िल्म में गाना गाया है.

जब आयुष्मान से पूछा गया कि क्या वे अपनी फ़िल्म के सभी गाने गाना पसंद करेंगे, तो वे कहते हैं, "मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा कि सभी गाने मैं ही करूँ, मैं इतना स्वार्थी नहीं हूं."

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हाल ही में अमिताभ बच्चन ने भी अपनी आने वाली फ़िल्म 'वज़ीर' के लिए एक गाना गाया है. हालांकि अमिताभ कई दशकों से अपनी फ़िल्मों के गाने गाते आए हैं.

कुछ समय पहले बीबीसी से बात करते हुए अमिताभ बच्चन ने अपनी गायकी के बारे में कहा, "मैं सिर्फ शौकिया तौर पर गाता हूं, वो भी तब जब मुझे निर्माता या निर्देशक गाने को कहते हैं."

वर्ष 2014 में आई फ़िल्म 'किक' में अभिनेता सलमान खान ने भी एक गाने में अपनी आवाज़ दी और फिर वर्ष 2015 में आई फ़िल्म 'हीरो' के टाईटल ट्रैक को भी गाया.

वर्ष 2008 में फ़िल्म 'रॉक ऑन' से अपने अभिनय की शुरुआत करने वाले फ़रहान अख़्तर भी लगभग अपनी हर फ़िल्म में कोई न कोई गाना गाते हैं.

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फरहान अख़्तर अपनी गायकी के शौक को गंभीरता से लेते हुए कहते हैं, "मैं तो पहले गायक हूं, फिर अभिनेता. मुझे संगीत से बहुत लगाव है और मुझे फ़िल्मों में अपनी आवाज़ देना अच्छा भी लगता है."

हालांकि बॉलीवुड में अभी तक सिर्फ गायकों को ही अभिनय में अपने हाथ आज़माते देखा था, लेकिन अब अभिनेता भी गायकी में अपने गुर दिखा रहे हैं.

ये चलन 50-60 के दशक में भी देखा गया था जब राज कपूर और दिलीप कुमार ने कुछ फ़िल्मों के गानो के लिए अपनी आवाज़ दी थी लेकिन पिछले कई वर्षों से यह चलन काफी तेज़ी से बढ़ रहा है.

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