दिलवाले और मस्तानी में 'जंग'

इस हफ़्ते बॉक्स ऑफ़िस पर दो मेगा बजट फ़िल्मों का टकराव हो रहा है जिनमें से एक है शाहरुख़-काजोल की जोड़ी वाली 'दिलवाले' और दूसरी संजय लीला भंसाली की पीरियड फ़िल्म 'बाजीराव मस्तानी'

जहां फ़िल्म समीक्षक ‘दिलवाले’ को मनोरंजन का पूरा पैकेज मानते हैं तो वहीं ‘बाजीराव मस्तानी’ को भी ख़ासी अच्छी फ़िल्म बताया जा रहा है.

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आजकल फ़िल्मों को ज्यादा स्क्रीन्स मिलना भी बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन के लिए अहम माना जाता है.

फ़िल्म व्यापार के जानकार अमोद मेहरा कहते हैं, "इरोज़ इन्टरनेशनल ने ज़्यादातर सिंगल स्क्रीन थिएटरों को अपने हाथ कर लिया है और कंपनी ने ‘बजरंगी भाईजान’ के रिलीज़ पर शर्त रखी थी कि अगर वो यह फ़िल्म चलाना चाहते हैं तो ‘बाजीराव मस्तानी’ के रिलीज़ पर वह दूसरी कोई फ़िल्म नहीं चला पाएंगे."

अमोद का मानना है, “एसआरके की ‘जब तक हैं जान’ रिलीज़ हुई तब ‘सन ऑफ़ सरदार’ को कम स्क्रीन मिले थे और ईरोज़ ईन्टरनेशनल अपनी गलती दोहराना नहीं चाहेंगे.”

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वैसे शाहरुख ख़ान की कंपनी रेड चिलीज़ जो ‘दिलवाले’ की वितरक भी है, मल्टिप्लैक्स की ज़्यादातर स्क्रीन्स पर कब्ज़ा कर चुकी है.

‘दिलवाले’ कैम्प ने प्रचार के लिए सितारों को दुबई और लंदन तक सैर करवाई.

एसआरके प्रमोशन्स के लिए ‘कॉमेडी नाईट्स विद कपिल’, ‘कॉमेडी नाईट्स बचाओ’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ जैसे शोज़ में गए तो सलमान खान के साथ ‘बिग बॉस’ के सेट पर भी हो आए.

मुंबई में ‘दिलवाले’ की स्क्रीनिंग के दौरान वरुण धवन ने बीबीसी से कहा, “फ़िल्म रिलीज़ होने वाली है, उसकी खुशी ज़रुर है लेकिन चिंता भी कम नहीं है. वैसे दो फ़िल्मों की तुलना करना स्कूली बच्चों जैसी बात है. लेकिन हां मैं मानता हूं कि अपनी फ़िल्म को ले कर घबराहट तो रहती है.”

फ़िलहाल दोनों ही फ़िल्मों को अच्छी ओपनिंग मिली है लेकिन आंकड़े सोमवार तक आएंगे. वैसे दिलवाले को कुछ लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है जिससे फ़िल्म के बिज़नेस को नुकसान पहुंच सकता है.

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