मुझे जो कहना था, कह दिया: करण जौहर

  • 29 जनवरी 2016

निर्देशक करण जौहर जयपुर साहित्य सम्मेलन के दौरान दिए अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

कुछ दिनों पहले जयपुर में चल रहे साहित्य सम्मेलन में उन्होंने देश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी को 'मज़ाक' क़रार दिया था.

उन्होंने कहा था, "हम एक सख़्त देश में हैं जहां अपने व्यक्तिगत विचार रखना आपको जेल पहुँचा सकता है."

मुंबई में हंसल मेहता की फ़िल्म 'अलीगढ़' की स्क्रीनिंग के मौक़े पर जब करण से पूछा गया कि क्या वह आमिर की तरह अपने विवादास्पद बयान पर सफ़ाई देना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, "मुझे जो कहना था मैंने कह दिया."

वे आगे कहते हैं, "अपनी राय रखना मेरा अधिकार है और मेरी राय से सहमति या असहमति रखना आपका अधिकार है."

करण ने डंके की चोट पर कहा, "मैं बिना किसी डर या संकोच के अपनी बात रख सकता हूँ. मैं किसी से डरता तो हूँ ही नहीं."

अपनी बात पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, "विचार मेरे थे और मेरे ही रहेंगे."

हालांकि करण ने आगे यह भी कहा, "मुझे गर्व है कि मैं भारत में एक फ़िल्म निर्माता और एक कलाकार हूँ और हम कलाकारों के अपने विचार भी होते हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार