जिस कॉमेडियन को मिला 'नारी शक्ति' पुरस्कार

"मेरे पिता ने तब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जब तक उन्हें यह नहीं पता चला कि मुझे ईनाम के साथ एक लाख़ रुपये भी मिलेंगे." अपने सिंधी होने पर चुटकी लेते हुए वासु रितु प्रिमलानी बताती हैं.

वासु रितु प्रिमलानी को साल 2016 में राष्ट्रपति के हाथों से 'नारी शक्ति' पुरस्कार मिला है और इसे हासिल करने वाली वो पहली महिला कॉमेडियन हैं.

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बीबीसी से बातचीत में वो बताती हैं, "कॉमेडियन्स को लोग गंभीरता से नहीं लेते और इसिलिए जब निर्णायक मंडली के पास मेरा नाम गया तो उनको लगा की मैं ही क्यों? एक कॉमेडियन कैसे नारी शक्ति?"

भारत में स्टैंड अप कॉमे़डी को इंटरनेट के आ जाने के बाद काफ़ी लोकप्रियता मिली है और वासु बताती हैं कि इंटरनेट या सोशल मीडिया के अभाव में किसी स्टैंड अप कॉमिक को यह स्थान मिलना मुश्किल ही था.

वासु ख़ुद को एक 'फ़ेमिनिस्ट कॉमेडियन' भी मानती हैं और अपनी कॉमेडी के ज़रिए बच्चों के शोषण, महिलाओं के शोषण और उनके साथ होने वाली छेड़छाड़ को सामने लाती रही हैं.

वासु ने अपने एक कॉमिक एक्ट में महिलाओं को सड़कों पर होने वाली आम परेशानियों जैसे छेड़छाड़, घूरना आदि को मंच पर दर्शाया था और इसके लिए दर्शकों को मंच पर बुला कर उन्हें महसूस करवाया था कि एक लड़की के लिए ऐसा माहौल कितना मुश्किल या तकलीफ़देह होता है.

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वासु कहती हैं,"महिलाओं को सीमित नहीं किया जाना चाहिए, जिस तरह से मैं एक हास्य कलाकार हूं और आज इस मुकाम पर हूं उसी तरह से दूसरी महिलाएं भी कई क्षेत्रों में उंचा मुकाम पा सकती हैं, बशर्ते आप उन्हें मौका दें."

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वासु एक कॉमिक आर्टिस्ट हैं औऱ चुटकी लेते हुए कहती हैं, "मैंने सोचा हुआ था कि जब मैं राष्ट्रपति से मिलूंगी तो दो और अवार्ड की मांग करूंगी. एक तो मेहनत से साड़ी पहनने के लिए और दूसरा अवार्ड मिलने से पहले किसी को न बताने के लिए, इतनी देर तक बात पचा के रखी है भई!."

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