'द जंगल बुक' में इरफ़ान, नाना, प्रियंका की आवाजें

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हॉलीवुड फ़िल्म 'द जंगल बुक' अमरीका से भी पहले भारत में 8 अप्रैल को रिलीज़ हो रही है. इसके लिए तैयारियां ज़ोरों पर हैं.

फ़िल्म 'द जंगल बुक' साल 1967 में आई इसी नाम की हॉलीवुड फ़िल्म की रीमेक है. भारत में यह हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में रिलीज़ हो रही है.

जॉन फेवर्यू के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म का भारत से गहरा नाता है. दरअसल ये फ़िल्म रुडयार्ड किपलिंग की किताब 'जंगल बुक' की कहानी पर है.

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मुंबई में जन्में रुडयार्ड की कहानी का नायक 'मोगली' मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के जंगल का रहने वाला था.

अब जब इस कहानी और इसके किरदार भारतीय हैं, तो फिल्म को भारतीयता का अंदाज़ देने के लिए वॉल्ट डिज़्नी ने ख़ास बंदोबस्त भी किए हैं.

एक ओर फिल्म के मुख्य किरदारों को मशहूर भारतीय कलाकारों की आवाज़ें दी गई हैं तो वहीं इसके संवाद पर भी भारतीयता का रंग चढ़ाने की भरसक कोशिश की गई है.

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साथ ही, नब्बे के दशक में आए धारावाहिक के गाने 'जंगल जंगल बात चली है..' को दोबारा रिकॉर्ड किया गया है.

संवाद लिखे हैं 'ओम शांति ओम' और 'हैप्पी न्यू ईयर' फ़िल्मों के पटकथाकार मयूर पुरी ने.

संवाद लिखने के बारे में मयूर ने बताया, ''यह ट्रांसलेशन और अडॉप्टेशन का मिला-जुला रूप है, जिसे ट्रांस्क्रिएशन कहा जाता है.''

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मयूर कहते हैं कि भारतीय दर्शकों को दिमाग़ में रखकर कुछ बदलाव भी किए गए हैं. किरदारों को उनके एटीट्यूड के हिसाब से ही डायलॉग दिए जाते हैं.

'शेरखान' जिसे नाना पाटेकर ने आवाज़ दी है, उनके डायलॉग थोड़े भारी हैं. वहीं 'बघीरा' जिसे ओम पुरी ने अपनी आवाज़ दी है, उसके डायलॉग बिना लाग लपेट वाले हैं.

अंग्रेज़ी में 'शेरखान' को इदरीस एल्बा ने आवाज़ दी है और 'बघीरा' को बेन किंग्स्ली ने.

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वहीं 'बलू' के किरदार को हिंदी में अभिनेता इरफ़ान खान ने अपनी आवाज़ दी है तो अंग्रेजी में अभिनेता बिल मुर्रे ने.

वहीं 'का' के डायलॉग हिंदी में प्रियंका चोपड़ा बोल रही हैं तो हॉलीवुड में स्कॉरलेट जोहांसन ने इसे अपनी आवाज़ दी.

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अपने पसंदीदा किरदार के बारे में मयूर ने बताया, "मुझे तो 'बलू' पसंद है. उसके किरदार को मैंने पंजाबी बनाया है, क्योंकि वो एक आलसी रीछ का किरदार है."

वैसे तो इस फ़िल्म को बने तक़रीबन एक साल हो गया है. पहले यह जनवरी 2015 में रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन फिर रिलीज़ डेट आगे बढ़ाकर अक्टूबर कर दी गई, और अब ये अप्रैल में रिलीज़ हो रही है.

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मयूर याद करते हैं, ''मैंने सबसे पहले अपने दोस्तों के साथ 'जंगल बुक' देखी थी. तभी से मुझे बलू और मोगली के किरदार साफ़ थे''.

वे आगे कहते हैं, "इसके बाद मैंने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक भी देखा था. हालांकि ये धारावाहिक एक जापानी सीरीज़ थी, जो बाद में हिंदी में डब हुई थी"

वहीं इस फ़िल्म में मोगली की मां 'रक्षा' को हिंदी में अपनी आवाज़ देने वाली अभिनेत्री शेफाली शाह कहती हैं,''जंगल बुक' की यादें बचपन से जुड़ी यादें हैं, यही वो पहली फ़िल्म थी, जिसे हमें स्कूल की ओर से दिखाया गया था.''

आपको बता दें कि 'रक्षा' के किरदार को अंग्रेजी में लुपिटा न्योंगो ने अपनी आवाज़ दी है.

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शेफाली ने बताया कि उस वक़्त इसके किरदारों को लेकर कई प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, और बच्चे इसमें हिस्सा लेते थे.

एक दिलचस्प घटना के बारे में वे बताती हैं कि उन दिनों ख़ास क़िस्म के कोला आते थे. उनके ढक्कनों को जमा करने के बाद, आपके पसंदीदा किरदार से मिलने का मौक़ा मिलता था.

शेफ़ाली बताती हैं कि उन्होंने भी ढेर सारे ढक्कन जमा किए थे, लेकिन फिर भी वो किसी से मिल नहीं पाई थीं.

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