मेट्रीमोनियल वेबसाइट, समलैंगिकों के लिए

  • 31 मार्च 2016
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समलैंगिकों के लिए जीवन साथी का चुनाव आसान हो, इसके लिए भारतीय मूल के अमरीकी बैनहर सेमसन ने एक मेट्रीमोनियल वेबसाइट बनाई है.

बैनहर सेमसन के 30 साल के सौतेले बेटे ने एक दिन उन्हें बताया कि वो समलैंगिक हैं और खुद के लिए जीवन साथी चुनना चाहते हैं.

तब बैनहर को महसूस हुआ कि समलैंगिकों के लिए हमसफ़र की तलाश आसान नहीं होती है.

पिछले 8 सालों से बैनहर अमरीका में सरोगेसी से एकल माता-पिता को संतान दिलाने में मदद कर रहे हैं. ऐसे में जब उन्हें समलैंगिकों की इस दिक्कत का अहसास हुआ, तो उन्होंने इसके लिए एक विशेष मेट्रीमोनियल साइट शुरू करने का निर्णय लिया.

बैनहर का दावा है कि यह वेबसाइट समलैंगिको के हमसफ़र की तलाश के लिए बनी पहली वेबसाइट है.

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बीबीसी से ख़ास बातचीत में बैनहर ने बताया, “सरोगेसी के काम के दौरान जब कई समलैंगिकों से मिला, तो यह पता चला कि वे भी चाहते हैं कि उन्हें जीवन साथी चुनने के ज़्यादा से ज़्यादा विकल्प मिलें.''

वे कहते हैं, ''मेरा सौतेला बेटा भी समलैंगिक है और जब उसकी समस्या सुनी, तब मैंने इस वेबसाइट को शुरू करने का निर्णय लिया.''

वेबसाइट को मिलने वाली प्रतिक्रिया के बारे में उन्होंने बताया कि इस वेबसाइट से पढ़े-लिखे और संभ्रांत घर के समलैंगिक सदस्य भी इससे जुड़ रहे हैं.

भारत में भी इस वेबसाइट को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. इस बारे में वो कहते हैं, ''भारतीयों को विदेशी साथी चुनना हो या विदेशी को भारतीय साथी चुनना हो, हम हर तरीक़े की सहूलियत देते हैं.''

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वेबसाइट के कामकाज का तरीका बताते हुए बैनहर ने बताया, ''वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद मेरा स्टाफ खुद उम्मीदवार से मिलता है और हम इन उम्मीदवारों के लिए परिवार की ही तरह काम करते हैं.''

बैनहर का कहना है कि यदि किसी को सही साथी ना मिले, तो हम उसकी रजिस्ट्रेशन फ़ीस भी लौटा देते हैं.

भारत में इस वेबसाइट के प्रतिनिधि गुजरात के राजपीपला के युवराज मानवेन्द्र सिंह गोहिल हैं. मानवेन्द्र सिंह भारत के पहले राजकुमार हैं जिन्होंने खुद के 'गे' यानी समलैंगिक होने की बात स्वीकारी.

मानवेन्द्र समलैंगिकता के बारे में कहते हैं, ''समलैंगिक संबंध का मतलब महज़ सेक्स ही नहीं होता. समलैंगिक भी जीवन साथी और परिवार चाहता है.''

इस तरह की वेबसाइट की ज़रूरत पर वे ज़ोर देते हुए कहते हैं, ''इस तरह की वेबसाइट बहुत ज़रूरी थी. डेटिंग साइट्स तो काफी हैं, लेकिन उसके बाद भी शादी करना तो नामुमकिन ही रहा है.''

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भारत में समलैंगिकों की स्थिति के बारे में वो कहते हैं कि यहां तो समलैंगिकता गुनाह है. अब ऐसे में यदि विदेश में किसी समलैंगिक को कोई साथी मिलता है, तो अच्छी बात है. वैसे भी विदेशों में ऐसे संबंधों को मान्यता मिल चुकी है.

भारतीय समलैंगिकों के लिए इस वेबसाइट को वो फायदेमंद बताते हैं.

वेबसाइट को लेकर हैदराबाद के मेकअप आर्टिस्ट केशव भी काफ़ी उत्साहित हैं. उन्होंने तो इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन भी करवाया है.

केशव कहते हैं, ''मैंने इसके बारे में फ़ेसबुक पर पढ़ा था. फिर मैंने तुंरत ही उनसे संपर्क किया.''

वे कहते हैं, "मेरी इच्छा है कि मैं भी एक अच्छे जीवन साथी के साथ सेटल हो जाऊं. मैंने अपने परिवार को भी इसके बारे में बताया है और वो मेरे निर्णय से खुश हैं."

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वहीं मुंबई की साधना (काल्पनिक नाम) को भी इस वेबसाइट से काफ़ी उम्मीदें हैं. साधना एक समलैंगिक हैं और पेशे से डॉक्टर भी. उनके समलैंगिक होने की जानकारी उनके परिवार को भी है.

साधना ने बताया कि पहले भी उनके कुछ रिश्ते रहे हैं, लेकिन वो ज़्यादा दिन तक टिक नहीं पाए, लेकिन इस वेबसाइट को वो कुछ अलग बताती हैं.

साधना का कहना है कि इस वेबसाइट की रजिस्ट्रेशन फ़ीस ज़्यादा है, इससे जो लोग अपने रिश्ते को लेकर गम्भीर हैं, वही यहां अपना रजिस्ट्रेशन करवाएंगे.

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