यो यो हनी सिंह कहां गायब हो गए थे?

होशियारपुर के गलियों में पैदा हुए यो यो हनी सिंह ने बॉलीवुड को अंग्रेज़ी बीट, धीरे धीरे, ब्लू है पानी, ब्राउन रंग और लुंगी डांस जैसे पापुलर गाने दिए हैं.

ज़िंदगी के थोड़े वक़त में ही उन्होंने बड़े उतार चढ़ाव देखे हैं - स्टारडम, शराब की लत, बाय पोलर डिसऑर्डर और तन्हाई का दौर.

हनी सिंह ने 2011 में 'इंटरनेशनल विलेजर' नाम के अलबम से शुरुआत की थी. वे मुबंई के क्लबों में बजने वाले शहरी संगीत से काफी प्रभावित थे.

दुबई में बीबीसी एशियन नेटवर्क से बातचीत में उन्होंने बताया, “मैं हिंदी में मुंबई के क्लबों जैसा संगीत देना चाहता था.”

अंग्रेजी बीट पर ऐसे गीत काफी पापुलर हो गए. इस कायमाबी ने हनी सिंह का आत्मविश्वास इतना बढ़ाया कि वे बॉलीवुड प्रोड्यूसरों को चंडीगढ़ बुलाने लगे.

इतना ही नहीं वे अपनी क़ीमतें भी पहले से तय करने लगे. उनके गीत के बोलों पर विवाद भी ख़ूब हुए. एक गाने के बोल तो कुछ इस तरह से थे - 'मैं हूं बलात्कारी.'

उन्हें अलग अलग शहरों से शो करने के ऑफ़र मिल रहे थे. वो कहते हैं, “मैं सो नहीं पाता था, तीन-तीन, चार-चार दिन तक नींद नहीं आती थी. मैं काफ़ी व्यस्त था. मेरा दिमाग़ काफ़ी काम कर रहा था.”

वो बताते हैं कि इसी दौरान उन्हें शराब की लत लग गई. “मैंने कभी नहीं सोचा था कि शराब इतनी बड़ी समस्या हो जाएगी. मैं ख़ूब पार्टी करता था. 2011 से 2014 के बीच मैं ख़ूब पीने लगा. यह सबसे डरावनी चीज़ थी जो मेरे साथ हुई.”

अधिक शराब पीने का असर ये हुआ कि एक टूर के दौरान उनका मेंटल ब्रेक डाउन हो गया, “मुझे काफ़ी घबराहट हो रही थी, हायपर हो रहा था और काफ़ी कंफ्यूज्ड महसूस कर रहा था.”

हनी सिंह को लोगों से डर लगने लगा. डॉक्टर ने बताया कि वे बाय पोलर डिसऑर्डर डेसऔर्डर के शिकार हो गए हैं.

वो कहते हैं, “मैं इस तरह की बीमारी के बारे में नहीं जानता था. जो आदमी 30 हज़ार की भीड़ में गाने गाता था, वो तीन-चार लोगों से मिलने में घबराने लगा था.”

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उन्हें परिवार वालों से भी डर लगता था. इस पूरे हालात से उबरने में उन्हें 18 महीने का वक़्त लग गया.

मीडिया रिपोर्ट्स में हालांकि ये कहा जाता रहा है कि वे ड्रग्स लेने लगे थे और रिहेब सेंटर में थे. लेकिन वो इन रिपोर्टों को सिरे से ख़ारिज करते हैं.

यो यो हनी सिंह अब वापसी की राह पर हैं और वे इस वापसी को लेकर काफी आत्मविश्वास से भरे हैं.

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