अब कैप्टन अमरीका और आयरन मैन की टक्कर

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कैप्टन अमरीकाः सिविल वॉर

निर्देशकः एंथनी रूसो, जो रूसो

अभिनेताः क्रिस इवान्स, रॉबर्ट डाउनी जूनियर.

रेटिंगः***

ऐसी फ़िल्म की समीक्षा करना ऐसा ही है जैसे कि किसी छोटे बच्चे से यह बहस करना कि वह एक और छोटी गाड़ी क्यों चाहता है जबकि पहले ही दर्जनों इधर-उधर धक्के खा रही हैं. लेकिन जाने दो, रहने दो उसे.

मुझे लगता है कि छोटे बच्चों की तरह सुपर हीरो फ़िल्मों के दर्शक भी, जिनमें से ज़्यादातर बड़े होते हैं, और ज़्यादा सुपर हीरो चाहते हैं जो ग्रह को बचाने के लिए साथ खड़े होते हैं.

हर दूसरे हफ़्ते सिनेमा में जाकर सुपर हीरो फ़िल्म में कोई नई चकित कर देने वाली चीज़ ढूंढने वालों को इसमें कुछ मिलेगा- बशर्ते आपने पहले ही इस बारे में न सुन लिया हो.

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ज़िंदगी की तरह यह भी चॉकलेट का एक डिब्बा है, आप नहीं जानते कि उसमें से क्या निकलेगा. लेकिन कई बार आप जानते भी हैं, तो इसमें हैं स्टीव रॉजर्स/ कैप्टन अमरीका (क्रिस इवान्स); टोनी स्टार्क/आयरन मैन (रॉबर्ट डाउनी जूनियर); नताशा रोमनॉफ़/ब्लैक विडो (स्कारलेट जॉनसन); क्लिंट बार्टन/हॉकआई (जेरेमी रेनेर)....

इसमें अचरज की बात नहीं कि पिछले कुछ समय से मार्वल एक समानांतर संसार की रचना करने में कामयाब रहा है जिससे कई प्रकार के, आकार के और विशेषताओं वाले किरदारों को पुराने समय से लाया जा सका है.

इनमें से कुछ को आप जानते हैं, कुछ को कम जानते हैं और इससे वह विश्व के सिनेमा प्रेमियों की भूख बढ़ाने में कामयाब रहा है और ऐसी फ़िल्म बनाने में कामयाब रहा है जो आलोचनाओं से परे हैं.

मैंने हाल ही में नेटफ़्लिक्स पर मार्वल की डेयरडेविल देखी.

अगर यह कैप्टन अमरीका और एवेंजर्स टीम का एकदम उल्टा नहीं है तो यह नई चीज़ है. हम लोग डेयरडेविल और इसे सुपर हीरो फ़िल्मों का एक और संस्करण मानते हैं तो वह इसलिए क्योंकि हम मानते रहे हैं कि सुपर हीरो एक अलग श्रेणी ही है. लेकिन अब ऐसा नहीं है.

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यह 'धमाकों के एक उत्सव' की तरह है और इसमें आपके लिए भी कुछ न कुछ है. मार्वल ने इसे अपने पैमाने पर किया है- लेकिन यकीनन अंतर-ग्रह के स्तर पर नहीं.

मेरा फ़ेवरेट शॉट वह है जिसमें पूरी रफ़्तार से सड़क पर एक मोटरसाइकिल चल रही और एक किरदार मोटरसाइकिल चालक को उठाकर एक चलती हुई मशीन पर चढ़ा देता है- वह भी एक ही शॉट में.

फ़िल्म आज के वक्त के लागोस, नाइजीरिया, में एवेंजर्स के चरमपंथ-विरोधी अभियान के साथ शुरू होती है. दुनिया की भलाई के इस अभियान में जनहानि भी हो जाती है. यह ऐसी चीज़ है जिसकी हम वास्तविक दुनिया में तो चिंता करते हैं लेकिन सुपरहीरो फ़िल्म में नहीं.

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कहानी केंद्र में है. कहानी एक ऐसे राज्य की है जो एक कानून के ज़रिए अपने नागरिकों पर पूरा नियंत्रण रखता है और सुपर हीरो जिस तरह की सुपर-पावर का प्रदर्शन करते हैं उससे काफ़ी असुरक्षित और नाराज़ महसूस करता है.

वह सोचते हैं कि क्या सुपर हीरोज़ को, जो वह चाहें वह करने की आज़ादी होनी चाहिए, भले ही वह ग्रह की भलाई चाहते हों. अगर ऐसा है तो फिर यह विशेषाधिकार सुपर-हीरो तक ही सीमित क्यों रहना चाहिए? यही वह मुद्दा था जिसे कुछ महीने पहले मार्वल के दृष्टिहीन डेयरडेविल के ख़िलाफ़ दि पनिशर ने उठाया था.

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इसलिए एवेंजर मंडली को एक संधि पर हस्ताक्षर करने पर मजबूर किया जाता है जिससे वह संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के अधीन हो जाते हैं. टोनी स्टार्क/आयरन मैन को इससे कोई दिक्कत नहीं- उसे यह बात समझ आती है. स्टीव रॉजर्स/कैप्टन अमरीका को नहीं.

गुट दो भागों में विभाजित हो जाता है और उनमें से एक सरकार के ख़िलाफ़ हो जाता है. जैसा कि 2015 की स्पेक्टर में जेम्स बॉंड करता है जब सरकार उसे अपने कामों के लिए ज़्यादा ज़िम्मेदार होने को कहती है.

कैप्टन अमरीकाः सिविल वॉर को आप इस आयरन मैन बनाम कैप्टर अमरीका की तरह भी देख सकते हैं- जैसे इस साल की शुरू में रिलीज़ हुई डीसी की बैटमैन वर्सेस सुपरमैनः डौन ऑफ़ जस्टिस लीग में था.

बैटमैन अमरीकी सरकार के पक्ष में था जैसे आयरन मैन को संयुक्त राष्ट्र की इजाज़त से कोई दिक्कत नहीं है. हालांकि सही बात यह है कि डौन ऑफ़ जस्टिस लीग के मुकाबले सिविल वॉर मज़ेदार फ़िल्म है.

लेकिन क्या यहां एक ही कहानी आपको बार-बार दोहराती नहीं लगती? सुपर-हीरो की शक्तियों को चुनौती दी जाती है, अगर उनके कट्टर विरोधी नहीं दे रहे तो अब सरकार दे रही है?

मुझे लगता है कि इस तरह का विषय आसानी से वास्तविकता के नज़दीक पहुंच जाता है लेकिन फिर यह फ़िल्म वयस्कों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है.

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बहरहाल अकेले रॉबर्ट डाउनी जूनियर की उपस्थिति ही कई भारी संवादों के मुकाबले फ़िल्म को ज़्यादा वज़नी बना देती है.

और हां मैं आपको बता दूं कि मैं ऐसी फ़िल्मों का प्रशंसक भी नहीं हूं जो धर्म या राजनीति में भी भक्तों से अलग नहीं होते. और अगर मुझे यह अच्छी लगी है तो यह बेहतर ही होगी. आप तो जानते ही हैं!

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