कंगना करती हैं काला जादू, ऐसा नहीं कहा: शेखर

कंगना और शेखर सुमन

यह विवाद वहां से शुरू होता है जब सिने कलाकार शेखर सुमन के बेटे और कंगना के पूर्व प्रेमी रहे अध्ययन सुमन, कंगना रनोत के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं.

अध्ययन दावा करते हैं कि कंगना न सिर्फ़ अजीबोगरीब स्वभाव की हैं, बल्कि वो अपने पार्टनर का उत्पीड़न भी करती हैं. अध्ययन ने यह भी कहा कि कंगना ने उन पर जादू-टोना किया और अपना ख़ून भी पिलाया.

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हाल ही में नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली कंगना ने टीवी चैनलों को दिए साक्षात्कार में अध्ययन के इस दावे को हवा में उड़ा दिया और कहा, "जब एक औरत एक आदमी से ज़्यादा सफल हो जाती है तो फिर वो उसे बदनाम करने लगते हैं लेकिन मैं अपनी सफलता और मेहनत से ही लोगों को जवाब दूंगी."

कंगना के टीवी पर दिए गए इस बयान के बाद सोशल मीडिया और टीवी-अखबारों में उनके लिए सहानुभूति की लहर चल पड़ी और कई लोगों ने अध्ययन के बयान को पब्लिसिटी स्टंट मान लिया. लेकिन अब अध्ययन के पिता और जाने-माने अभिनेता शेखर सुमन अपने बेटे के बचाव में सामने आए हैं.

शेखर ने एक बयान में कहा, "कंगना को उनके टीवी इंटरव्यू के लिए भी नेशनल अवॉर्ड मिलना चाहिए कि कितने आराम से उन्होंने सारी सहानुभूति बटोर ली."

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Image caption सचिन के साथ शेखर सुमन और उनके बेटे अध्ययन सुमन

शेखर ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "हम उनकी तरह अलग-अलग मीडिया चैनलों पर जाकर अपनी बात का शोर नहीं कर रहे, हम बस अपनी सफ़ाई दे चुके हैं और हमें अलग-अलग मीडिया चैनलों पर जाने की ज़रूरत नहीं है."

शेखर का दावा है कि उनके बेटे ने कंगना पर काला जादू करने का आरोप नहीं लगाया, बल्कि एक पंडित ने सुमन परिवार को बताया कि कोई अध्ययन पर काला जादू कर रहा है.

शेखर ने कहा हमें ऐसा मालूम चला कि हमारे बेटे को सम्मोहित किया गया है, लेकिन यह बात हमें किसी ने बताई थी. सम्मोहित किसने किया ये बात हमने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है.

शेखर कहते हैं, "मेरा बेटा एक ख़राब रिलेशन से गुज़रा और इस बात का ज़िक्र उसने किया, लेकिन काला जादू का आरोप अध्ययन नें नहीं लगाया. लेकिन कंगना के इंटरव्यू के बाद लोग अध्ययन को ही ख़राब कहने लगे और ऐसे में मुझे लगा हमें इस बात पर अपना पक्ष रखना चाहिए."

शेखर ने साफ़ किया कि वो चाहते तो इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर सकते थे या फिर अलग-अलग मीडिया चैनलों के स्टूडियो जा सकते थे, लेकिन जैसे मय्यत में जाकर बार-बार एक ही तरह से रोया नहीं जाता उसी तरह बार-बार एक ही बात की सफ़ाई वह नहीं देना चाहते.

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वो कहते हैं, "हम किसी से कोई बदला नहीं चाहते, लेकिन अध्ययन झूठ नहीं बोल रहे बस उन्हें मिसकोट किया गया. अध्ययन बताना चाहते थे कि वो कंगना के साथ परेशानी में थे और वो एक ऐसा समय था जब अध्ययन की हालत देखकर हमारा पूरा परिवार परेशान था. उस समय को मैं भुला नहीं सकता."

क्या वो कंगना के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा करेंगे या कंगना के क़ानूनी नोटिस के लिए वो तैयार हैं, इस पर शेखर बस इतना कहते हैं कि वो इस बात को बहुत आगे नहीं ले जाना चाहते लेकिन कोई उन पर या उनके परिवार पर उंगली उठाएगा तो वो पीछे नहीं हटेंगे और ज़रूरत पड़ने पर ख़ुल कर एक-एक तथ्य सामने रखेंगे.

शेखर ने कहा कि फ़िलहाल वो अपने परिवार और ख़ासतौर पर अध्ययन के जीवन में शांति चाहते हैं.

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