तो गुमनाम ही रह जाते कैलाश खेर

अपने सूफ़ियाना अंदाज़ की गायिकी से मशहूर हुए गायक कैलाश खेर कहते हैं कि वो स्तरहीन गानों को भी सूफ़ियाना बना देते हैं.

साल 2004 में आई फ़िल्म 'वैसा भी होता है-2' के गाने 'अल्लाह के बन्दे हंस दे' से लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने वाले वाले कैलाश खेर अपनी अलहदा गायिकी के लिए जाने जाते हैं.

इमेज कॉपीरइट Kailashkher

फ़िल्मी गानों के साथ वो म्यूजिक एल्बम भी लॉन्च करते रहते हैं. इसी कड़ी में कैलाश ने आठ गानों का एक नया एल्बम भी जारी किया.

'इश्क अनोखा' नाम के इस म्यूजिक एल्बम में कुल आठ रोमांटिक गाने हैं. कैलाश कहते हैं कि नाम से ही ज़ाहिर हो रहा है कि बात इश्क़ की हो रही है.

कैलाश आगे कहते हैं कि आठों गाने प्रेम के अलग-अलग मूड के हैं. मैं प्रकृति के हर तत्व में प्रेम देखता हूँ, जब तक जीवन है, तब तक इश्क़ है.

इमेज कॉपीरइट pr

कैलाश कहते हैं, "मैंने मात्र 13 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था. घर छोड़ने के बाद आटा, तेल और नमक का मोल समझ आया. पढ़ाई और नौकरी दोनों का सामंजस्य करना बहुत मुश्किल था."

संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि उस समय न तो पैसा था और न ही समय कि संगीत की शिक्षा किसी इंस्टिट्यूट से ले सकूं, लेकिन मैंने संगीत सीखने के लिए खूब पापड़ बेले.

वो बताते हैं कि संगीत सीखने के लिए मेरे पास सिर्फ़ एक पुराना वॉकमैन और हेडफ़ोन था. उन दिनों कैसेट्स का ज़माना था. दिल्ली के पालिका बाजार से क्लासिकल संगीत के कैसेट्स मैं खूब खरीदता और सुनता था.

क्लासिकल संगीतकार पंडित कुमार गन्धर्व, लता मंगेशकर, अभंग, पंडित भीमसेन जोशी, पंडित जसराज,पंडित प्रभाकर कारेरकर, पंडित गोकुलोस्तव महाराज, उस्ताद आमिर खां साहेब जैसे महान संगीतकारों को खूब सुना और उनसे सीखा.

बॉलीवुड करियर की शुरुआत के बारे में कैलाश कहते हैं कि फ़िल्म 'वैसा भी होता है-2' का गाना 'अल्लाह के बन्दे' मैंने स्क्रैच और ट्रायल के रूप में गाया था. वो भी एक मित्र की सिफ़ारिश पर बुलाया गया था.

असल में यह गाना पंजाबी गायक रब्बी शेरगिल को गाना था. लेकिन स्क्रैच ही लोगों को इतना पसंद आ गया कि यह गाना मेरे नाम हो गया और मुझे बॉलीवुड में एंट्री मिल गई.

कैलाश बस गायिकी से ही नहीं जुड़े रहना चाहते हैं, उन्होंने एक प्रोडक्शन हाउस भी शुरू किया है, जिसके तहत पहला 12 एपिसोड का एक धारावाहिक भी बनाया गया है.

इस धारावाहिक के टाइटल ट्रैक को "जय जय केदारा" को अमिताभ बच्चन, हेमामालिनी, शान, श्रेया घोषाल, प्रसून जोशी, शंकर महादेवन, सोनू निगम , अनूप जलोटा अनुपम खेर, सुरेश वाडेकर, विवेक ओबेरॉय, बाबुल सुप्रियो, शंकर महादेवन, अरिजीत सिंह, शिवमणि, और कैलाश खेर ने अपनी आवाज़ दी है.

इसके अलावा सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाले कैलाश पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े हैं.

वो कहते हैं कि देश भर में जहां भी उनका संगीत का कार्यक्रम आयोजित होता है, वहां वो अपनी मुहिम के तहत लोगों को उनके अपने शहर के प्रति जागरूक कर स्वच्छ्ता का पाठ पढ़ाना नहीं भूलते.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार