'बॉलीवुड में पांच साल में बदल जाती हैं हीरोइनें'

  • 10 जुलाई 2016
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दिल, मस्ती और ग्रैंड मस्ती बना चुके निर्देशक इंद्र कुमार का कहना है कि हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का चलन है कि हर पांच साल में हीरोइनें बदल जाती हैं, पर हीरो वही रहते हैं.

अपनी फ़िल्म 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' के प्रमोशन के लिए बीबीसी से रूबरू हुए इंद्र कुमार ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के इस चलन और कुछ अन्य विषयों पर राय रखी.

उन्होंने कहा, "हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में ट्रेंड है की हर पांच साल में हीरोइन बदलती है. शाहरुख और आमिर पहले प्रीति जिंटा के साथ काम कर रहे थे, अब दीपिका के साथ कर रहे हैं."

उन्होंने इस भेदभाव के लिए दर्शकों को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा, "हीरोइन की एक उम्र होने के बाद या शादी होने के बाद दर्शक हीरोइन से मुंह फेर लेते हैं. दर्शक बताएं वो ऐसा क्यूँ करते हैं."

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लेकिन अभिनेता विवेक ओबरॉय इंद्र कुमार की इस राय से इत्तेफाक नहीं रखते.

वो कहते हैं, "मैं इंद्र कुमार जी से इत्तेफाक़ नहीं रखता हूं. श्रीदेवी जी, माधुरी जी, रेखा जी आज भी काम कर रही हैं. मेरी वरिष्ठ रह चुकीं प्रियंका चोपड़ा को आज भी सफलता मिल रही है. फ़िल्म इंडस्ट्री में काम काबिलियत पर मिलता है. फ़िल्में चलें ना चलें वो बाद की बात है."

पिछले दिनों 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' फ़िल्म ऑनलाइन लीक हो गई. इससे डरे निर्माता ने फ़िल्म को पहले से तय रिलीज़ डेट 22 जुलाई से एक हफ़्ते पहले 15 जुलाई को ही रिलीज़ करने का फ़ैसला किया.

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हालांकि लीक के सवाल पर सभी कलाकार चुप हैं और इस पर बयान देने की ज़िम्मेदारी फ़िल्म के निर्माताओं को दी है. फ़िलहाल इस लीक की जांच-पड़ताल चल रही है.

साल 2014 में आई ग्रैंड मस्ती ने भले ही 100 करोड़ कमाए हों, पर फ़िल्म अश्लील भाषा के कारण विवादों से घिरी रही.

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इंद्र कुमार ने अपनी फ़िल्मों में अश्लील और अशिष्ट भाषा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा, "देश में एक दर्शकों का वर्ग ऐसा भी है जिसे ऐसी भाषा अच्छी लगती है. उन्हें फ़ैसला करने का मौक़ा दिया जाए. देश में 90 फ़ीसद लोग गाली के बिना बात नहीं करते, तो एडल्ट जोक सुनने में परेशानी क्यों है?"

इस पर सहमति जताते हुए विवेक ओबरॉय ने कहा, "आप और हम क्या इतने अहम इंसान हैं जो सवा सौ करोड़ जनता की ज़िम्मेदारी लें? हम तय करें कि उन्हें क्या पसंद है और क्या नहीं? हमारे देश में हज़ार साल पहले कामसूत्र लिखा गया. खजुराहो के मंदिरों में प्रतिमाएं हैं. इसका विरोध हमारे सभ्यता में ही नहीं है."

ग्रेट ग्रैंड मस्ती में विवेक ओबरॉय, रितेश देशमुख, अफ़ताब शिवदासवानी और उर्वशी रौतेला की अहम भूमिका है.

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